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Rajasthan News : धनतेरस से पहले चांदी सस्ती, जयपुर सर्राफा में 2000 किलो चांदी के सिक्के और नोट बिकने को तैयार
Sat, 26 Oct 2024 08:39 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 26 Oct 2024 08:39 AM IST
सार
कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बाद अब सोने-चांदी में करेक्शन देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को चांदी की कीमतों में प्रति दस ग्राम 1400 रुपये से ज्यादा की कमी दर्ज की गई। वहीं गुरुवार की शाम तक सोने की कीमतें 78246 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो कल 78064 रुपये तक तक उतर गई। कीमतों में आई गिरावट के बाद अब व्यापारियों को उम्मीद है कि धनतेरस पर सोने-चांदी की अच्छी बिक्री होगी।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धनतेरस पर जयपुर के सर्राफा बाजार में इस बार 1 लाख रुपये का चांदी का नोट तैयार किया गया है। जयपुर के बाजार में चांदी अपनी सर्वाधिक ऊंची कीमत पर बिक चुकी है। लेकिन कारोबारियों को उम्मीद है कि अब इसकी कीमतों मे करेक्शन आएगा। जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी ने धनतेरस की तैयारियों के लिए करीब 2000 किलो से अधिक की चांदी की खरीद की है।
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जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी की ओर से चांदी के 5, 10 और 20 ग्राम से लेकर 1 किलो तक के सिक्के और नोट और सोने में 1 ग्राम से लेकर 100 ग्राम के सिक्के उपलब्ध कराए गए हैं। ये सिक्के STC की मुहर के साथ गोल, आयताकार, वर्गाकार और ओवल शेप में गणेशजी-लक्ष्मीजी के साथ उपलब्ध हैं।
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एक किलो चांदी से बना लखटकिया नोट
जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने 1 लाख रुपये के चांदी के नोट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें एक किलो चांदी का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि नोट के अलावा बड़ी संख्या में चांदी के सिक्के भी तैयार करके बेचे जा रहे हैं।
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2 हजार किलो चांदी का उपयोग
कैलाश मित्तल का कहना है कि हर साल सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी की ओर से बनने वाले सिक्कों की मांग बढ़ती जा रही है और धीरे-धीरे अन्य स्थानों पर भी इन सिक्कों की मांग लगातार बढ़ रही है। चांदी से बने इन सिक्कों या नोटों की बात करें तो सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी इनकी मेन्यूफैक्चरिंग खुद करवाती है और बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध करवाती है इस बार मोटे तौर पर 2000 किलो से अधिक की चांदी इसके लिए उपयोग में ली गई है।
हवा महल और सर्राफा का लोगो असली पहचान
सर्राफा ट्रेडिंग कमेटी के महामंत्री मातादीन सोनी का कहना है कि सर्राफा ट्रेडिंग कमेटी की ओर से चांदी और सोने से बने सिक्के शुद्धता के प्रतीक होते हैं। इन सिक्कों और नोट पर हवा महल और सर्राफा का लोगो इसकी असली पहचान है क्योंकि इन सिक्कों और नोटों को बनाने के लिए जिस डाई का उपयोग किया जाता है उसको कमेटी की ओर से पेटेंट करवाया गया है और इसका उपयोग अन्य कोई नहीं कर सकता। ऐसे में ग्राहक हवा महल और सर्राफा ट्रेडिंग कमेटी की मोहर देखकर पहचान कर सकते हैं, इनमें 99.9 फीसदी चांदी का उपयोग किया गया है।