Rajasthan RTE: आरटीई छात्रों की पढ़ाई 1 अप्रैल से शुरू, आय सत्यापन के लिए अब देना होगा पैन कार्ड
RTE छात्रों की पढ़ाई 1 अप्रैल से शुरू होगी। इसके पहले परिवार की आय का सत्यापन किया जाएगा। सरकार ने आरटीई के तहत हुए प्रवेशों पर PAN कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही अगर प्राइवेट स्कूल इस कोटे में सीट नहीं देते हैं तो उनको पेनल्टी भरनी होगी।
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शिक्षा विभाग ने आरटीई के माध्यम से प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश पाने वाले छात्रों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राजस्थान में आरटीई से प्रवेश पाने वाले छात्रों की पढ़ाई भी अन्य छात्रों की तरह 1 अप्रेल से शुरू होने वाले सत्र से ही होगी। शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि कि आरटीई से प्रवेश पाने वाले सभी छात्रों की पढ़ाई भी अन्य छात्रों की तरह 1 अप्रैल से शुरू की जाएगी, ताकि कोई छात्र सत्र की शुरुआत से पीछे न रहे और पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो। आरटीई के तहत कई बार देर से प्रवेश मिलने के कारण छात्रों का कोर्स छूट जाता है और उन पर मानसिक दबाव बढ़ता है। इसी समस्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिससे छात्रों को नियमित कक्षा वातावरण और समय पर कोर्स पूरा करने में मदद मिलेगी।
दस्तावेज अपलोड की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अंतिम तिथि तय की जाएगी। इसके अलावा, आय सत्यापन में PAN कार्ड अनिवार्य किया जाएगा, जिससे वास्तविक जरूरतमंद छात्रों को लाभ सुनिश्चित किया जा सके। कुछ प्राइवेट स्कूलों द्वारा अलॉटमेंट के बाद प्रवेश देने से इंकार करने की घटनाओं को रोकने के लिए पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। इसके तहत छात्रों को उनका हक मिलेगा और आरटीई सीटें खाली नहीं रहेंगी। शिकायत निस्तारण प्रक्रिया को भी तेज और सरल बनाया जाएगा। अब किसी भी शिकायत को पहले CBEO, फिर DEO और आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त निदेशक स्तर पर सुना जाएगा, ताकि आवेदन या दस्तावेज़ संबंधी तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।
आरटीई आवेदन प्रक्रिया आम अभिभावकों के लिए जटिल साबित होती रही है। इसे देखते हुए शासन सचिव ने मॉक सेशन आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अभिभावक प्रक्रिया को समझकर सही तरीके से पूरा कर सकें। इसके साथ ही, आरटीई से पढ़ाई कर चुके छात्रों का 8वीं से 12वीं तक ठहराव सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री बालक फीस पुनर्भरण योजना और वीर बाला काली बाई भील बालिका फीस पुनर्भरण योजना का प्रचार बढ़ाने पर जोर दिया गया है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई न छोड़ी जाए। इस निर्णय से आरटीई के माध्यम से प्रवेश पाने वाले छात्रों को पढ़ाई में बराबरी और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित होगा।
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