राजस्थान: एक्सप्रेस-वे पर सफर में मिलेगी सस्ती थाली! रेस्ट एरिया में श्री अन्नपूर्णा रसोई खोलने की तैयारी
राजस्थान सरकार एक्सप्रेस-वे के रेस्ट एरिया में श्री अन्नपूर्णा रसोई खोलने की संभावनाएं तलाश रही है। पंचायती राज विभाग ने एनएचएआई से प्रस्ताव मांगा है। अभी रसोई खोलने और भोजन की दरों पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
विस्तार
राजस्थान के एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को आने वाले समय में सस्ती दरों पर भोजन की सुविधा मिल सकती है। राज्य सरकार एक्सप्रेस-वे के रेस्ट एरिया में श्री अन्नपूर्णा रसोई खोलने की संभावनाएं तलाश रही है। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के जयपुर क्षेत्रीय अधिकारी से प्रस्ताव मांगा है। फिलहाल योजना शुरुआती स्तर पर है। रेस्ट एरिया में रसोई खोलने और वहां भोजन की दरें क्या होंगी, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना के जरिए एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने की संभावनाओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद पंचायती राज विभाग ने एनएचएआई को पत्र लिखकर रेस्ट एरिया में रसोई खोलने की व्यावहारिकता जांचने और विस्तृत प्रस्ताव भेजने को कहा है। प्रस्ताव मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
अभी आठ रुपये में मिलती है भोजन की थाली
श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना के तहत राजस्थान में पात्र जरूरतमंदों को आठ रुपये में भोजन की थाली उपलब्ध कराई जाती है। योजना का उद्देश्य कम कीमत पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। एक्सप्रेस-वे के रेस्ट एरिया में इस व्यवस्था की संभावनाएं तलाशने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों और वाहन चालकों को भी सस्ता भोजन उपलब्ध कराने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, एक्सप्रेस-वे पर भी आठ रुपये की दर लागू होगी या नहीं, यह अभी तय नहीं है।
अन्नपूर्णा से इंदिरा और फिर श्री अन्नपूर्णा बनी योजना
राजस्थान में सस्ती भोजन योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार ने ‘अन्नपूर्णा रसोई’ के नाम से की थी। वर्ष 2018 में कांग्रेस सरकार के दौरान इसका नाम ‘इंदिरा रसोई’ कर दिया गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 20 अगस्त 2020 को इसे ‘कोई भूखा न सोए’ के संकल्प के साथ नए रूप में शुरू किया। बाद में ग्रामीण क्षेत्रों में भी रसोइयों का विस्तार किया गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2024 की शुरुआत में योजना का नाम बदलकर फिर ‘श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना’ कर दिया।
यह भी पढें- राजस्थान में गरमाई सियासत: पाकिस्तान वाले बयान पर मदन राठौड़ ने मारा यू-टर्न, डोटसरा ने निशाने पर लिया
थाली में दाल, सब्जी, रोटी और अचार
योजना के तहत सामान्य थाली में दाल, सब्जी, चपाती और अचार दिया जाता है। तय व्यवस्था के अनुसार भोजन दोपहर और शाम के समय उपलब्ध कराया जाता है। रसोइयों का संचालन स्थानीय निकायों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों और अन्य संस्थाओं की भागीदारी से किया जाता है।