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Rajasthan: लॉरेंस विश्नोई और रोहित गोदारा के नाम से 10 करोड़ की रंगदारी, 4 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
Thu, 05 Jun 2025 06:16 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Thu, 05 Jun 2025 06:16 PM IST
सार
Rajasthan: आरोपियों ने अस्पताल में इलाज करा रही एक डायलिसिस मरीज सरला देवी की फैमिली को टारगेट बनाया। सरला देवी के ड्राइवर से उनके परिवार और व्यवसाय की पूरी जानकारी जुटाई गई। इसके बाद फर्जी सिम के जरिए स्टील व्यापारी को धमकी भरे कॉल किए गए।
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जानकारी देती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश की राजधानी में रंगदारी की सनसनीखेज साजिश का खुलासा करते हुए सोडाला थाना पुलिस ने 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई और रोहित गोदारा के नाम का इस्तेमाल कर स्टील व्यापारी को धमकी दे रहे थे।
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों में से तीन सी.के. बिरला अस्पताल के वर्तमान व पूर्व कर्मचारी हैं। इनकी पहचान जयप्रकाश कुमावत, लोकेन्द्र सिंह, महेश कुमावत और लखन गुर्जर के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी जयप्रकाश कुमावत ऑनलाइन सट्टेबाजी का लती था और भारी कर्ज में डूबा हुआ था। इसी कर्ज से उबरने के लिए उसने यह साजिश रची।
अस्पताल में मरीज की जानकारी से शुरू हुई साजिश
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दिगंत आनंद ने जानकारी दी कि आरोपियों ने अस्पताल में इलाज करा रही एक डायलिसिस मरीज सरला देवी की फैमिली को टारगेट बनाया। सरला देवी के ड्राइवर से उनके परिवार और व्यवसाय की पूरी जानकारी जुटाई गई। इसके बाद फर्जी सिम के जरिए स्टील व्यापारी को धमकी भरे कॉल किए गए। कॉल में फैक्टरी, गाड़ियों और निजी कार्यक्रमों की जानकारी देकर भय का माहौल बनाया गया। आरोपियों ने 27 और 28 मई को दो बार 10 करोड़ की रंगदारी मांगी।
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पढ़ें: 'समाधान का रास्ता संवाद से ही निकलता है'...गुर्जर महापंचायत पर मंत्री जवाहर सिंह बेढम का बयान
तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरी से हुआ खुलासा
जैसे ही मामला पुलिस तक पहुंचा, एडीसीपी क्राइम कुंवर राष्ट्रदीप के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने उनके पास से एक थार गाड़ी, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और फर्जी सिम जब्त की है जो वारदात में इस्तेमाल किए गए थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्होंने इस तरह की कोई अन्य वारदात भी की है।
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गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों में से तीन सी.के. बिरला अस्पताल के वर्तमान व पूर्व कर्मचारी हैं। इनकी पहचान जयप्रकाश कुमावत, लोकेन्द्र सिंह, महेश कुमावत और लखन गुर्जर के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी जयप्रकाश कुमावत ऑनलाइन सट्टेबाजी का लती था और भारी कर्ज में डूबा हुआ था। इसी कर्ज से उबरने के लिए उसने यह साजिश रची।
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अस्पताल में मरीज की जानकारी से शुरू हुई साजिश
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दिगंत आनंद ने जानकारी दी कि आरोपियों ने अस्पताल में इलाज करा रही एक डायलिसिस मरीज सरला देवी की फैमिली को टारगेट बनाया। सरला देवी के ड्राइवर से उनके परिवार और व्यवसाय की पूरी जानकारी जुटाई गई। इसके बाद फर्जी सिम के जरिए स्टील व्यापारी को धमकी भरे कॉल किए गए। कॉल में फैक्टरी, गाड़ियों और निजी कार्यक्रमों की जानकारी देकर भय का माहौल बनाया गया। आरोपियों ने 27 और 28 मई को दो बार 10 करोड़ की रंगदारी मांगी।
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तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरी से हुआ खुलासा
जैसे ही मामला पुलिस तक पहुंचा, एडीसीपी क्राइम कुंवर राष्ट्रदीप के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने उनके पास से एक थार गाड़ी, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और फर्जी सिम जब्त की है जो वारदात में इस्तेमाल किए गए थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्होंने इस तरह की कोई अन्य वारदात भी की है।