Rajasthan Monsoon 2026: मानसून की रफ्तार सुस्त, सामान्य से कम बारिश के संकेत; उमस और गर्मी भी बढ़ाएगी परेशानी
जस्थान में अगले दो सप्ताह सामान्य से कम बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन उमस बढ़ेगी और मानसून की दस्तक में देरी हो सकती है।
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राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां भले ही फिलहाल सक्रिय बनी हुई हैं, लेकिन मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने अगले दो सप्ताह के लिए राहत भरी तस्वीर नहीं दिखाई है। जयपुर मौसम केंद्र द्वारा जारी विस्तारित मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 19 जून से 2 जुलाई के बीच प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग के कई जिलों में अगले चार से पांच दिनों तक आंधी, मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है।
हालांकि शुरुआती दिनों में आंधी और बारिश का दौर बना रहेगा, लेकिन जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई की शुरुआत में प्रदेश में बारिश दौर सामान्य से कमजोर रह सकता है। यह संकेत ऐसे समय में आया है जब किसान और आमजन मानसून का इंतजार कर रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो सप्ताह के दौरान तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा, लेकिन पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में दूसरे सप्ताह के दौरान तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हो सकता है।
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न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी के संकेत हैं। विभाग का अनुमान है कि जुलाई के पहले सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में रात का तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। इससे दिन और रात दोनों समय उमस का असर महसूस होगा।
दिलचस्प बात यह है कि बीते सप्ताह राजस्थान में औसत से 33 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी। पूर्वी राजस्थान में सामान्य से 50 प्रतिशत और पश्चिमी राजस्थान में 13 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई, लेकिन इसके बावजूद आगामी दो सप्ताह के लिए बारिश में कमी का अनुमान जताया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की उत्तरी सीमा अभी राजस्थान से काफी दूर है और फिलहाल उसकी प्रगति मध्य भारत की ओर केंद्रित है। ऐसे में प्रदेश में मानसून की आधिकारिक दस्तक को लेकर कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। इस बीच आंधी-बारिश की छिटपुट गतिविधियों के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने के आसार नहीं हैं।