फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Jaipur SMS Hospital to Tighten Rules for Referring Critical Patients

जयपुर: बिना सूचना एसएमएस अस्पताल रेफर नहीं कर सकेंगे गंभीर मरीज, नई एसओपी बनाने की तैयारी

Mon, 26 Oct 2026 02:20 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सौरभ भट्ट Updated Mon, 26 Oct 2026 02:20 PM IST
सार

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में गंभीर मरीजों को रेफर करने के नियम बदलने की तैयारी है। अब अटैच अस्पतालों को मरीज की जांच, शुरुआती इलाज और मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी देने के साथ एसएमएस इमरजेंसी को पहले सूचना देनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित डॉक्टर और यूनिट हेड पर कार्रवाई हो सकती है।

विज्ञापन
Jaipur SMS Hospital to Tighten Rules for Referring Critical Patients
एसएमएस अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी मिली - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में गंभीर मरीजों को रेफर करने की व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। अब जनाना, महिला चिकित्सालय, कांवटिया और गणगौरी अस्पताल सहित दूसरे अटैच हॉस्पिटल से गंभीर मरीजों और प्रसूताओं को एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी में भेजने से पहले सूचना देनी होगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रशासन नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहा है।

विज्ञापन

नई व्यवस्था का उद्देश्य इमरजेंसी में अचानक पहुंचने वाले गंभीर मरीजों के इलाज और उनके लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था को बेहतर बनाना है। प्रस्तावित एसओपी के तहत मरीज की पूरी जानकारी और उसकी जांच व इलाज का ब्योरा भी साथ भेजना होगा।

विज्ञापन

बिना सूचना मरीज भेजने पर डॉक्टरों पर हो सकती है कार्रवाई

एसएमएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रशासन को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि अटैच हॉस्पिटलों से गंभीर मरीजों को बिना पूर्व सूचना दिए एसएमएस इमरजेंसी में रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी होती है। वहीं, इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को अचानक आने वाले गंभीर मरीजों के लिए इलाज और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने में दिक्कत होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन शिकायतों को देखते हुए कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी और अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने नई एसओपी जारी करने का निर्णय लिया है। इसके तहत बिना सूचना मरीज रेफर करने पर संबंधित यूनिट हेड और रेफर करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा। साथ ही, मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री निर्धारित फॉर्मेट में भेजना अनिवार्य होगा।

जांच और शुरुआती इलाज के बाद ही एसएमएस भेज सकेंगे मरीज

नई व्यवस्था के तहत जनाना, महिला चिकित्सालय, कांवटिया और गणगौरी सहित दूसरे अटैच हॉस्पिटलों की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की पहले जरूरी जांच करनी होगी और उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार इलाज शुरू करना होगा। बिना जांच और इलाज किए मरीज को एसएमएस अस्पताल रेफर करने पर भी कार्रवाई हो सकती है।

यदि मरीज की स्थिति ऐसी है कि उसे एसएमएस अस्पताल में इलाज की जरूरत है, तो रेफर करने वाले अस्पताल को उसकी जांच रिपोर्ट और अब तक किए गए इलाज का पूरा ब्योरा निर्धारित फॉर्मेट में भेजना होगा। गंभीर मरीज को रेफर करने से पहले एसएमएस इमरजेंसी को सूचना भी देनी होगी, ताकि मरीज की स्थिति के अनुसार इलाज और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा सके।

यह भी पढें- राजस्थान: पहली बार टैबलेट से होगी भर्ती परीक्षा, पेपर लीक रोकने के लिए चयन बोर्ड का बड़ा कदम

एक साथ तीन गंभीर मरीज पहुंचने से बढ़ा था दबाव

एसएमएस इमरजेंसी के स्टाफ के मुताबिक, हाल ही में जनाना अस्पताल से तीन मरीज बिना पूर्व सूचना के एसएमएस इमरजेंसी पहुंचे थे। स्टाफ का कहना है कि तीनों मरीजों की स्थिति गंभीर थी और उन्हें तत्काल इलाज की जरूरत थी। जरूरत पड़ने पर आईसीयू की व्यवस्था भी करनी पड़ सकती थी।

ऐसे मामलों में मरीजों के अचानक पहुंचने से इमरजेंसी में उपलब्ध संसाधनों और स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। प्रशासन को उम्मीद है कि नई एसओपी लागू होने से रेफरल की प्रक्रिया व्यवस्थित होगी और गंभीर मरीजों के इलाज के लिए समय पर जरूरी इंतजाम किए जा सकेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed