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Rajasthan: पानी राशनिंग प्रावधानों पर फिर छिड़ी बहस, फिलहाल प्रवर समिति के पास ही रहेगा भूजल प्राधिकरण विधेयक
Tue, 04 Feb 2025 01:31 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 04 Feb 2025 01:31 PM IST
सार
पानी की राशनिंग को लेकर पिछले सत्र में लाया गया भूजल (संरक्षण और प्रबंध) प्राधिकरण विधेयक 2024 को इस सत्र में भी सरकार प्रवर समिति के पास ही रखने जा रही है। पिछले सत्र में बिल पर विवाद होने के चलते सदन में चर्चा के बाद इसे पुनर्विचार के लिए प्रवर समिति को भेज दिया गया था।
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भूजल (संरक्षण और प्रबंध) प्राधिकरण विधेयक 2024
- फोटो : भूजल (संरक्षण और प्रबंध) प्राधिकरण विधेयक 2024
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विस्तार
राजस्थान की भजनलाल सरकार पिछले विधानसभा के बजट सत्र में पानी राशनिंग को लेकर जो भूजल (संरक्षण और प्रबंध) प्राधिकरण विधेयक 2024 लाई थी। वह मौजूदा सत्र में भी प्रवर समिति के पास ही रहेगा। पिछले सत्र में इस बिल को चर्चा के लिए सदन में रखा गया था, लेकिन कांग्रेस के साथ ही भाजपा विधायकों ने भी इसका खुलकर विरोध कर दिया था।
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बिल में सरकार ने भूजल प्रबंधन के लिए नया प्रधिकरण गठन करने का प्रस्ताव रखा था। कांग्रेस और भाजपा विधायकों ने इसका यह कहते हुए विरोध किया था कि बिल में पानी की राशनिंग करने के प्रावधान किए गए हैं। विधेयक में राजस्थान में निजी इंडस्ट्रीज और घरेलू ट्यूबवेल्स खुदाई पर बैन लगाए जाने का प्रावधान था। साथ ही राज्य में जो इंडस्ट्रीज चल रही हैं, उनमें टेलीमीट्रिक डिजिटल वाटर मीटर लगाए जाने के प्रावधान भी बिल में थे।
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बिल में गर्वनिंग बॉडी को लेकर भी था विवाद
प्रस्तावित बिल में गर्वनिंग बॉडी को लेकर भी विवाद था। आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग ने पिछले सत्र में यह कहते हुए इस बिल को पुनर्विचार के लिए भेजने की मांग की थी कि इसकी गवर्निंग बॉडी में सिर्फ अफसरों को रखा गया है, जबकि देश के अन्य राज्यों में इस तरह के विधेयकों में जल मंत्री और इससे जड़े अन्य मंत्रियों को ही रखा जाता है। विधानसभा की तरफ से पांच फरवरी का जो बिजनेस जारी किया गया है। उसमें प्रवर समिति के अध्यक्ष कन्हैया लाल इस बिल के लिए प्रतिवेदन उपस्थापन के लिए समय सीमा को सत्र के अंतिम सप्ताह तक बढ़ाने जाने का प्रस्ताव करेंगे।
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