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जयपुर: मेडिकल और हेल्थकेयर उत्पादों में मिली भारी अनियमितताएं, हजारों पैकेट जब्त, 2.15 लाख जुर्माना वसूला
Fri, 16 Oct 2026 02:19 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 16 Oct 2026 02:19 PM IST
सार
जयपुर में मेडिकल और हेल्थकेयर उत्पादों की जांच में घोषित मात्रा से कम कॉटन वूल, अनिवार्य जानकारी की कमी और तौल उपकरणों के सत्यापन में गड़बड़ियां सामने आईं। विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ ने हजारों पैकेट जब्त कर विभिन्न मामलों में जुर्माना वसूल किया।
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कार्रवाई करते विभाग के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ ने मेडिकल, हेल्थकेयर और अन्य पैक्ड उत्पादों में अनियमितताओं की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। 5 से 14 अक्टूबर तक चले इस अभियान में कई प्रतिष्ठानों पर पैकेटों में घोषित मात्रा से कम सामग्री, अनिवार्य घोषणाओं की कमी, पैकर पंजीकरण और तौल उपकरणों के सत्यापन से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। कार्रवाई के दौरान हजारों पैकेट और उत्पाद जब्त किए गए। विभाग ने विभिन्न मामलों में कुल 2.15 लाख रुपये की कम्पाउंडिंग राशि वसूलने की जानकारी दी है।
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200 ग्राम के पैकेट में 186.32 ग्राम कॉटन वूल
मेडिकल और हेल्थकेयर उत्पादों की जांच के दौरान 200 ग्राम अंकित एब्जॉर्बेंट कॉटन वूल के पैकेटों में घोषित मात्रा से कम सामग्री मिली। जांच में इन पैकेटों की संशोधित औसत वास्तविक मात्रा 186.32 ग्राम पाई गई। इसके अलावा पैकेटों पर मानक मीट्रिक इकाइयों का नियमानुसार उपयोग नहीं किया गया था। निर्माता का नाम और पता भी उपलब्ध नहीं था तथा पैकर पंजीकरण नहीं कराया गया था। प्रतिष्ठान में इस्तेमाल किया जा रहा तौल उपकरण भी बिना सत्यापन का पाया गया। इन अनियमितताओं के चलते विभाग ने एब्जॉर्बेंट कॉटन वूल के 1,000 पैकेट जब्त किए। संबंधित फर्म से 65,000 रुपये की कम्पाउंडिंग राशि जमा करवाई गई और कमियों में सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया।
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सर्जिकल उत्पादों के थोक विक्रेता पर भी कार्रवाई
एक सर्जिकल उत्पाद थोक विक्रेता के यहां जांच के दौरान 500 ग्राम एब्जॉर्बेंट कॉटन वूल के पैकेटों में घोषित मात्रा से 14 ग्राम कम सामग्री मिली। पैकेटों पर प्रति इकाई बिक्री मूल्य (यूनिट सेल प्राइस) अंकित नहीं था। इसके अलावा गैर-मानक इकाइयों के उपयोग और शुद्ध मात्रा के प्रदर्शन में भी कमियां पाई गईं। क्रिस्टल केयर लेटेक्स ग्लव्स और 200 ग्राम व 500 ग्राम के कॉटन वूल पैकेटों पर भी अनिवार्य घोषणाओं से संबंधित खामियां सामने आईं। विभाग ने कार्रवाई करते हुए 500 ग्राम कॉटन वूल के 500 पैकेट, 200 ग्राम के 520 पैकेट और क्रिस्टल केयर लेटेक्स ग्लव्स के 165 पैकेट जब्त किए। इस मामले में विक्रेता से 10 हजार रुपये की कम्पाउंडिंग राशि वसूल की गई।
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पैकिंग पर अनिवार्य जानकारी नहीं मिलने पर जब्ती
अभियान के दौरान एक अन्य फर्म की जांच में पीसीआर पंजीकरण प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं मिला। तौल उपकरण के सत्यापन प्रमाण-पत्र या सत्यापन मुहर की भी कमी पाई गई। जांच में ग्लव्स, स्वैब और कॉटन स्ट्रैच रोल की मात्रा घोषित मात्रा के अनुरूप मिली लेकिन पैकेटों पर इकाइयों की संख्या, मानक मीट्रिक इकाइयों और कस्टमर केयर नंबर जैसी अनिवार्य घोषणाओं में कमियां पाई गईं। विभाग ने स्वैब के 16 पैकेट और लेटेक्स ग्लव्स के 30 कार्टून जब्त किए। इस मामले में 60 हजार रुपये की कम्पाउंडिंग राशि वसूली गई।
कॉटन वूल और अन्य उत्पादों की बिक्री पर रोक
लेटेक्स ग्लव्स, 400 ग्राम एब्जॉर्बेंट कॉटन वूल, ग्लिसरीन, एंटीसेप्टिक और सैनिटाइजर बेचने वाले एक अन्य प्रतिष्ठान में भी अनियमितताएं मिलीं। यहां तौल उपकरणों का सत्यापन प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं था और मानक इकाइयों के इस्तेमाल में भी कमियां पाई गईं। कार्रवाई के दौरान एब्जॉर्बेंट कॉटन वूल के 400 पैकेटों की बिक्री रोक दी गई। संबंधित प्रतिष्ठान से 30 हजार रुपये की कम्पाउंडिंग राशि जमा करवाई गई और सुधार नोटिस जारी किया गया।
एक अन्य मामले में एब्जॉर्बेंट कॉटन वूल की वास्तविक मात्रा घोषित मात्रा के अनुरूप नहीं मिली। इस पर 50 हजार रुपये की कम्पाउंडिंग राशि जमा करवाई गई। संबंधित पूरे लॉट को जब्त कर आवश्यक सुधार होने तक उसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई।
उपभोक्ताओं से पैकेट की जानकारी जांचने की अपील
विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ ने कहा कि पैक्ड वस्तुओं पर घोषित मात्रा और अनिवार्य जानकारियों का सही होना उपभोक्ता संरक्षण के लिए जरूरी है। विभाग ने उपभोक्ताओं से खरीदारी के समय पैकेट पर अंकित मात्रा, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी), निर्माता या पैकर का विवरण और अन्य अनिवार्य घोषणाएं जांचने की अपील की है। किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 14435 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।