डोटासरा की चेतावनी: ‘भूलो और माफ करो’ की नीति अब नहीं चलेगी, सबकी लिस्ट बन रही है, एक-एक का हिसाब होगा
पीसीसी अध्यक्ष बोले- भाजपा के कुकर्मों में साथ देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम दिल्ली में राहुल गांधी और राजस्थान में हम तैयार कर रहे हैं; पंचायत चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ होने का किया दावा।
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राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार के साथ-साथ उन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चेतावनी दी है, जिन पर उन्होंने सरकार के गलत कामों में साथ देने का आरोप लगाया। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस अब ‘भूलो और माफ करो’ की नीति पर नहीं चलेगी। जिन लोगों ने जनता पर जुल्म किया और लोकतंत्र को कमजोर करने का काम किया, उनका एक-एक कर हिसाब लिया जाएगा। ऐसे लोगों की सूची दिल्ली में राहुल गांधी और राजस्थान में कांग्रेस तैयार कर रही है।
रविवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने दावा किया कि दो साल बाद राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले ही आचार संहिता लग जाएगी और पार्टी कार्यकर्ता उन लोगों की सूची तैयार कर रहे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर गलत काम किए हैं। डोटासरा ने यह भी दावा किया कि कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारी उन्हें फोन कर कह रहे हैं कि उन्होंने भाजपा की बेईमानी में साथ नहीं दिया है, इसलिए उनका ध्यान रखा जाए।
निकाय चुनाव में गड़बड़ी की जांच का स्वागत, बोले- दोषियों को जेल भेजना होगा
डोटासरा ने निकाय चुनाव में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच के लिए पुलिस महानिदेशक को दिए गए कांग्रेस के ज्ञापन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है कि मामले की जांच विजिलेंस से कराई जा रही है। कांग्रेस इसका स्वागत करती है, लेकिन केवल जांच से काम नहीं चलेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने लोकतंत्र का गला घोंटा और वोटों की चोरी की, उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना होगा। डोटासरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के जरिए वोट चोरी होने के आरोप भी दोहराए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है।
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दिल्ली में प्रदर्शन के लिए राजस्थान से जाएंगे हजारों कार्यकर्ता
डोटासरा ने बताया कि इंडिया गठबंधन के दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में राजस्थान से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदेश के हर कोने से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे और राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खरगे के साथ प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ यह लड़ाई केवल कांग्रेस या इंडिया गठबंधन की नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के मताधिकार की लड़ाई है। आरोप लगाया कि लोगों के वोट देने के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है।
पंचायत चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ होने का दावा
पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने जिलों के प्रभारी और विधानसभा कोऑर्डिनेटर नियुक्त कर दिए हैं। सभी जिलों में पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटियां बनाई गई हैं और प्रदेश के प्रमुख नेताओं की कैंपेन कमेटी भी गठित की गई है। प्रत्याशियों का चयन आपसी सहमति से किया जाएगा और नेताओं को उनकी सुविधा के अनुसार अलग-अलग जिलों में प्रचार की जिम्मेदारी दी जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा चाहे कितनी भी गुंडागर्दी कर ले, जनता उसे सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है। पंचायत चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ होगा।
भाजपा के संकल्प पत्र पर सवाल, बोले- दो साल चुनाव नहीं कराए, 1900 करोड़ रुपये लैप्स
डोटासरा ने भाजपा के ग्रामीण विकास संकल्प पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने दो साल तक पंचायत चुनाव नहीं कराए और 1900 करोड़ रुपये लैप्स कर दिए। इससे चुने हुए जनप्रतिनिधियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने पंचायत राज मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री के बीच तालमेल की कमी का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि भरतपुर में दो साल से जिला प्रमुख का चुनाव नहीं हो पाया है। हजारों योग्य जनप्रतिनिधियों को अयोग्य करार दिया गया है। डोटासरा के अनुसार, पहले इस तरह की कार्रवाई में पांच-दस जनप्रतिनिधियों के नाम सामने आते थे, लेकिन इस बार करीब 700 लोगों की सूची निकाली गई है। उन्होंने इसे जानबूझकर लोगों को परेशान करने की कार्रवाई बताया।
खाटूश्याम में भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत पर अधिकारियों के तबादले का आरोप
डोटासरा ने खाटूश्यामजी में भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक, डीएसपी, ईओ और सीआई के तबादले किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक भाजपा कार्यकर्ता यह कह रहा है कि एसपी उसकी बात नहीं मान रहा है। इससे प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों के मोबाइल फोन चेक किए जा रहे हैं। निकाय चुनाव की तरह पंचायत चुनाव में भी मनमाने तरीके से परिसीमन किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि एक पंचायत समिति के वार्ड में चार पंचायतों के एक-एक गांव शामिल कर दिए गए हैं। जिला परिषद के वार्डों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। डोटासरा ने दावा किया कि नियमों के मुताबिक बदलाव 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।