फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   congress organizational reshuffle sachin pilot punjab incharge bhupesh baghel assam jitendra singh

सचिन पायलट को पंजाब की कमान, जितेंद्र सिंह से असम का प्रभार हटा; राजस्थान पर क्या असर?

Sun, 06 Sep 2026 10:28 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sun, 06 Sep 2026 10:28 AM IST
सार

कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए छह राज्यों के प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

विज्ञापन
congress organizational reshuffle sachin pilot punjab incharge bhupesh baghel assam jitendra singh
सचिन पायलट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए छह राज्यों के प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। पार्टी ने राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया है। वहीं राजस्थान से जुड़े कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह से असम के प्रभारी पद की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। कांग्रेस के इस बदलाव को अलग-अलग राज्यों में संगठन को मजबूत करने और नेताओं को नई जिम्मेदारियां देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। सचिन पायलट के सामने अब पंजाब में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के साथ आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी को तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। वहीं पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का प्रभारी नियुक्त किया है।

विज्ञापन

सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी

सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाए जाने का फैसला राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पंजाब में कांग्रेस को संगठन के स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पार्टी ने पायलट को जिम्मेदारी देकर राज्य में संगठन को सक्रिय और मजबूत करने की कोशिश की है। पायलट इससे पहले छत्तीसगढ़ के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब उन्हें पंजाब की कमान सौंपे जाने से पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

विज्ञापन

भूपेश बघेल बने असम के प्रभारी

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का प्रभारी बनाया है। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह असम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। संगठन में किए गए इस बदलाव के तहत पार्टी ने जितेंद्र सिंह से असम का प्रभार हटाकर भूपेश बघेल को यह जिम्मेदारी सौंपी है। बघेल के सामने असम में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को गति देने की चुनौती होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

जितेंद्र सिंह से हटाया गया असम का प्रभार

राजस्थान से जुड़े कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह लंबे समय से असम के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। कांग्रेस के ताजा संगठनात्मक फेरबदल में उनसे यह प्रभार हटा दिया गया है। पार्टी ने उनकी जगह भूपेश बघेल को असम की कमान सौंपी है। संगठन में इस बदलाव को कांग्रेस की राज्यों में नई रणनीति और जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

रणदीप सुरजेवाला को गुजरात की जिम्मेदारी

कांग्रेस ने रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी बनाया है। उनके पास कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार भी बना रहेगा। इसके अलावा पार्टी ने सुबोध गुप्ता को छत्तीसगढ़, डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है। इस तरह कांग्रेस ने छह राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बदलाव किया है।

अलग-अलग राज्यों में संगठन मजबूत करने की कोशिश

कांग्रेस के इस संगठनात्मक फेरबदल को पार्टी की ओर से राज्यों में संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। नए प्रभारियों को संबंधित राज्यों में पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कांग्रेस को तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। सचिन पायलट और भूपेश बघेल जैसे वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारी दिए जाने से पार्टी के राज्यवार संगठनात्मक अभियान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

राजस्थान की राजनीति पर भी पड़ेगा असर?

कांग्रेस के इस फेरबदल का असर राजस्थान की राजनीति पर भी देखा जा सकता है। सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी मिलने से राष्ट्रीय संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ गई है। वहीं जितेंद्र सिंह से असम का प्रभार हटाए जाने के बाद राजस्थान कांग्रेस में भी इस बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो सकती हैं।



खास बात यह है कि राजस्थान में कांग्रेस संगठन को लेकर पहले से ही कई स्तरों पर बदलाव और नई रणनीति की चर्चा चल रही है। ऐसे में पार्टी के केंद्रीय संगठन में हुए इस फेरबदल को राजस्थान के नेताओं की आगामी भूमिकाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed