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Politics: गहलोत सरकार का एक और फैसला बदला, 50 हजार पदों पर महात्मा गांधी सेवा प्रेरकों की भर्ती रद्द
Tue, 26 Dec 2023 08:31 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 26 Dec 2023 08:31 PM IST
सार
Rajasthan Politics: पिछली कांग्रेस सरकार ने चुनावी साल में 50 हजार पदों पर महात्मा गांधी सेवा प्रेरकों की भर्ती करने की घोषणा की थी। यह बजट घोषणा थी जिसके लिए शांति और अहिंसा विभाग ने 13 अगस्त 2023 को संविदा आधार पर एक साल के लिए भर्ती करने के लिए विज्ञप्ति भी जारी की थी।
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गहलोत सरकार का एक और फैसला बदला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार एक के बाद एक कांग्रेस सरकार के फैसलों को बदलती जा रही है। पिछली गहलोत सरकार ने 50 हजार पदों पर होने वाली महात्मा गांधी सेवा प्रेरकों की भर्ती को रद्द कर दिया है। शांति और अहिंसा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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कांग्रेस राज में 2023-24 के बजट में तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत ने 50 हजार पदों पर महात्मा गांधी सेवा प्रेरकों की भर्ती करने की घोषणा की थी। इस बजट घोषणा के आधार पर शांति और अहिंसा विभाग ने 13 अगस्त 2023 को संविदा आधार पर एक साल के लिए भर्ती करने के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। प्रेरकों को हर महीने 4500 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाना था।
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गांधी के विचारों को कैसे आगे बढ़ाते
डोटासरा बोले- जिन्हें गोडसे में विश्वास हो वो गांधी के विचारों को कैसे आगे बढ़ाते? महात्मा गांधी प्रेरकों की भर्ती रद्द करने के फैसले पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है।
युवाओं को बेरोजगारी में धकेलने का काम
डोटासरा ने लिखा, ''राजीव गांधी युवा मित्रों को हटाने के बाद भाजपा सरकार द्वारा 50 हजार महात्मा गांधी सेवा प्रेरकों की भर्ती प्रक्रिया रद्द करना युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात है। सेवा प्रेरक का काम अंहिसा, प्रेम और गांधी दर्शन का प्रचार-प्रसार करना था लेकिन जिन्हें गोडसे में विश्वास हो वो गांधी जी के विचारों को कैसे बढ़ा पाते? इसीलिए इन्होंने ये कदम उठाया है। भाजपा सरकार रोजगार का रोडमैप बनाने की बजाय रोजगार छीनकर युवाओं को बेरोजगारी में धकेलने का काम रही है।