Rajasthan News: 'नारी संकल्प लेती है तो पहाड़ों को भी हिला देती है', विदुषी कार्यक्रम में बोलीं वसुंधरा राजे
Rajasthan News: पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा, देश में महिलाओं की आबादी 70 करोड़ और प्रदेश में लगभग 4 करोड़ है। यह किसी भी परिवर्तन के लिए कम नहीं है, लेकिन हमें अपनी ताकत का अंदाजा नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Rajasthan News: राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) शनिवार को इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की महिला शाखा द्वारा आयोजित 'विदुषी' कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान राजे ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहीं बहनों से मिलने का सौभाग्य इस कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त हुआ। इसकी मुझे खुशी है। आज देश में महिलाओं की आबादी करीब 70 करोड़ और प्रदेश में लगभग 4 करोड़ है। हमारी आबादी किसी भी परिवर्तन के लिए कम नहीं है, लेकिन हमें अपनी ताकत का अंदाजा नहीं है। इसीलिए मैं कहती हूं, जब नारी साधना के साथ संकल्प लेती है तो पहाड़ों को भी हिला कर रख देती है।
पूर्व सीएम राजे बोलीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) ने स्वतंत्रता दिवस पर कहा था कि हर क्षेत्र में बढ़ती भूमिका के बाद भी महिलाओं को कमतर समझा जाता है। पिछले 75 साल में महिलाओं ने जितना योगदान दिया है, वह आने वाले 25 साल में उससे कई गुना ज्यादा योगदान करने वाली हैं। प्रधानमंत्री की यह सोच दर्शाती है कि वह महिलाओं को अवसर देने में विश्वास रखते हैं। इसीलिए द्रौपदी मुर्मू जी आज देश की प्रथम नागरिक हैं। उनसे पहले भी देश में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल जैसे पदों को महिलाओं ने शुशोभित किया है।
उन्होंने कहा कि, सृष्टि में देवकाल से नारी शक्ति का विशेष महत्व रहा है। क्योंकि इंसान के सुखी जीवन के लिए तीन चीजें अहम होती हैं। पहली - शिक्षा, जिसकी देवी मां सरस्वती है। दूसरी- संपन्नता, जिसके लिए लक्ष्मीजी की पूजा की जाती है और तीसरी - शक्ति, जो दुष्टों से लड़ने के लिए मां दुर्गा से हमें मिलती है।
राजे ने कहा कि जिस प्रकार कोई भी पक्षी एक पंख से आसमान की ऊंचाइयां नहीं नाप सकता, उसी प्रकार कोई भी देश बिना नारी शक्ति के पूर्ण विकसित नहीं हो सकता। उठो जागो और आगे बढ़ो..., सफलताओं की गाथायें पढ़ो..., सोचते रहने से कुछ नहीं होगा..., बुलंदियां छूनी है तो इतिहास गढ़ो!!