गहलोत सरकार की घेराबंदी: पार्क में दस घंटे से दौड़ रहे निर्दलीय विधायक, नकल माफिया व यूनिवर्सिटी फर्जीवाडे़ का कर रहे विरोध
उन्होंने कहा कि मैं सरकार के खिलाफ रोष प्रकट कर रहा हूं। लोग इस तरह से निर्लज्जता दिखा रहे हैं तो दम घुटता है। ऐसे में रोष तो जता ही सकता हूं। खुद को कष्ट देकर सरकार को बताना चाहता हूं कि राज्य का युवा कितना परेशन है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बहरोड़ से निर्दलीय विधायक बलजीत यादव समर्थन वाली गहलोत सरकार के खिलाफ दौड़ विरोध कर रहे हैं। उनका यह अनोखा विरोध प्रदर्शन प्रदेश में फैले नकल माफिया और गुरुकुल यूनिवर्सिटी फर्जीवाडे को लेकर है। विधायक बलजीत जयपुर सेंट्रल पार्क के ट्रैक पर काले कपड़े पहनकर दौड़ लगा रहे हैं। दस घंटे में विधायक ने पार्क के दस से ज्यादा चक्कर लगा लिए हैं। ऐसे में उन्होंने 50 किलोमीटर से ज्यादा की दौड़ पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि वे सरकार के खिलाफ लगातार 12 घंटे दौड़ेंगे।
विधायक के लगातार दौड़ने के कारण उनके स्वास्थ्य पर भी इसका असर पर सकता है। ऐसी किसी भी स्थति से निपटने के लिए प्रशासन ने पार्क के हर गेट पर एंबुलेंस खड़ी कर रखी है। इधर, सरकार को विधायक के दौड़ने की जानकारी लगी तो जलदाय मंत्री महेश जोशी उन्हें मनाने के लिए पार्क पहुंचे, लेकिन यादव ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद मंत्री ट्रैक पर बैठ गए, लेकिन विधायक ने दौड़ना फिर भी जारी रखा।
23 राज्यों में युवाओं को नहीं दी जा रही नौकरी
सरकार के विरोध में दौड़ने से पहले विधायक बलजीत यादव ने एक फेसबुक लाइव किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कहा- मैं सरकार के खिलाफ रोष प्रकट कर रहा हूं। लोग इस तरह से निर्लज्जता दिखा रहे हैं तो दम घुटता है। इसके खिलाफ रोष तो जता ही सकता हूं। खुद को कष्ट देकर सरकार को बताना चाहता हूं कि राज्य का युवा कितना परेशन है। देश के 23 राज्यों में प्रदेश के युवाओं को नौकरी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नौकरी दे नहीं रही है, ऐस में बेरोजगार युवा कहां जाएंगे?
सरकार ने माना फर्जीवाड़ा हुआ, लेकिन कार्रवाई नहीं की
विधायक बलजीत कहा कि बिना बिल्डिंग के बने कुलपति सरकार को बता रहे हैं कि बिल्डिंग बन गई है, जबकि हकीकत में खाली जमीन है। सरकार यूनिवर्सिटी को मान्यता भी दे रही है और पता चलने पर बिल वापस ले लिया गया। सरकार ने माना है कि फर्जीवाड़ा हुआ है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐस लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
दरअसल, सरकार ने 24 फरवरी को विधानसभा में एक बिल पेश किया गया। इसके अनुसार सीकर में 80.31 एकड़ में एक गुरुकुल यूनिवर्सिटी बनी हुई है। इसमें 155 एकेडमिक ब्लॉक्स, 28 प्रशासनिक ब्लॉक्स और 38 प्रयोगशालाएं भी हैं। हेल्थकेयर, पावर बैकअप और क्लासरूम में प्रोजेक्टर्स लगे होने के साथ कई आधुनिक सुविधाएं हैं। यूनिवर्सिटी में 50 हजार किताबों वाली एक हैं। छात्र-छात्रओं के खेलने के लिए इंडोर और आउटडोर सुविधा भी है।
इसके अलावा 24811.46 वर्गमीटर में एक आवासीय ब्लॉक भी बना हुआ है। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि विधानसभा में पेश किए गए बिल के सभी दावे झूठे निकले। हकीकत में ऐसी कोई यूनिवर्सिटी है ही नहीं, जिस जगह यूनिवर्सिटी होने का दावा किया गया था। वहां खाली जमीन पड़ी है। मामला सामने आने के बाद अब काम शुरू किया गया है। उधर, सरकार ने सदन में पेश किए गए बिल को वापस लेकर मामले की जांच के आदेश दे दिए है। इसे लेकर ही निर्दलीय विधायक बलजीत यादव सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।