Rajasthan: IAS पर सेक्स रैकेट चलाने के आरोपों पर NCW ने लिया प्रसंज्ञान, डीजीपी को टाइम बाउंड जांच के निर्देश
राजस्थान की एक महिला आयुक्त ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पवन अरोड़ा पर उन्हें प्रताड़ित करने और सेक्स रैकेट चलाने के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में महिला आयोग ने प्रसंज्ञान लेते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
विस्तार
राजस्थान के एक आईएएस अधिकारी पवन अरोड़ा पर झालावाड़ नगर परिषद आयुक्त रहीं पूजा मीणा की ओर से सेक्स स्कैंडल चलाने और हेरेसमेंट के आरोपों पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने प्रसंज्ञान लिया है। नेशनल कमीशन फॉर वूमन (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लेटर लिखकर पूरा मामले दिखवाने के साथ निष्पक्ष और टाइम बाउंड जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा के नेतृत्व में राष्ट्रीय महिला आयोग की 3 सदस्यीय टीम भी इस मामले की जांच के लिए राजस्थान का दौरा करेगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने शुक्रवार को नई दिल्ली से प्रेस नोट जारी कर कहा है कि हमें कई मीडिया रिपोर्ट्स मिली हैं, जिसमें राजस्थान के एक कमिश्नर आईएएस ऑफिसर पवन अरोड़ा आरोपी हैं। उन पर सेक्स रेकेट चलाने के आरोप हैं। महिला ने यह भी क्लेम किया है कि मंत्री शांति धारीवाल भी उस अधिकारी पवन अरोड़ा को संरक्षण दे रहे हैं, जोकि उसका हेरेसमेंट कर रहा है।
@NCWIndia has taken cognizance. NCW has written to DGP Rajasthan to look into the matter & to ensure a fair & time bound investigation is conducted. A 3-member team led by Chairperson @sharmarekha will visit the state to inquire into the matter.https://t.co/e1M1RA4yHx
— NCW (@NCWIndia) January 13, 2023
आयोग ने इस मामले पर प्रसंज्ञान लिया है। एक तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी चेयरपर्सन रेखा शर्मा के नेतृत्व में इस केस की जांच के लिए राजस्थान का दौरा करेगी। आयोग ने राजस्थान पुलिस के डीजीपी को भी लेटर लिखा है कि इस मामले को देखें और यह सुनिश्चित करें कि फेयर और टाइम बाउंड इंवेस्टिगेशन हो।
आयोग ने कहा है कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो आईपीसी के संबंधित प्रोविजन जरूर लगाए जाने चाहिए। राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है कि जो एक्शन लिया जाता है, उसकी डिटेल में जानकारी 4 दिनों में कमीशन को भिजवाई जाए।
क्या है पूरा मामला ?
झालावाड़ नगर परिषद आयुक्त पद पर पोस्टेंड रहीं पूजा मीणा राजस्थान म्युनिसिपल सर्विस (आरएमएस) की अधिकारी बताई जाती हैं। पूजा मीणा ने 9 जनवरी को पहले झालावाड़ से नागौर नगर परिषद में ट्रांसफर और उसी दिन निदेशालय में एपीओ कर ट्रांसफर होने के बाद डीएलबी के तत्कालीन आयुक्त और मौजूदा राजस्थान हाउसिंग बोर्ड चेयरमैन पर गम्भीर आरोप लगाए थे। साथ ही मंत्री शांति धारीवाल पर उन्हें संरक्षण देने और डीएलबी आयुक्त हृदेश शर्मा पर भी गम्भीर आरोप लगाए थे। जिसके बाद 10 जनवरी को पूजा मीणा को जयपुर हेरिटेज नगर निगम में उपायुक्त पद पर पोस्टिंग दे दी गई। आईएएस पवन अरोड़ा ने आरोपों को असत्य और बेबुनियाद बताया था।