Rajasthan: सीएम गहलोत बोले- कटारिया मानसिक रूप से परेशान, भाजपा का हिंदुत्व चुनाव जीतने के लिए, पीएम को लेकर कही ये बात
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि गुलाबचंद कटारिया ने माता सीता का अपमान किया है। क्या हिंदू लोग इसे बर्दाश्त करेंगे? भाजपा हिंदुत्व की बात करती हैं, राष्ट्रवाद की बात करती हैं, इनका राष्ट्रवाद और हिंदुत्व चुनाव जीतने के लिए है, हमारा हिंदुत्व धार्मिक भावना के आधार पर है। हम सबको गर्व है कि हम हिंदू हैं।
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दिल्ली दौरे पर आए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया पर जोरादार हमला बोला। उन्होंने कहा कि काटारिया मुझे मेंटली डिस्टर्ब लगते हैं। भाजपा में उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है या फिर कोई और कारण है जिससे वह भभक जाते हैं। मीडिया से बात करते समय वह मेरे लिए या अन्य नेताओं के के बारे में ऐसे-ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं कि कोई सोच नहीं सकता।
सीएम ने कहा कि गुलाबचंद कटारिया जी का मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत सम्मान करता हूं। मैंने उनको कई बार समझाने का प्रयास भी किया है कि आप एक सीमा से आगे मत बढ़ो, पर वो चूक ही नहीं सकते। महाराणा प्रताप के बारे में क्या-क्या बातें बोल दीं, क्या राजस्थान के लोग भूल सकते हैं उनको ? इतना गुस्सा राजस्थान के लोगों में है कि कोई कल्पना नहीं कर सकता, विशेषकर राजपूत समाज के अंदर।
उन्होंने माता सीता का अपमान किया है। क्या हिंदू लोग इसे बर्दाश्त करेंगे? भाजपा हिंदुत्व की बात करती हैं, राष्ट्रवाद की बात करती हैं, इनका राष्ट्रवाद और हिंदुत्व चुनाव जीतने के लिए है, हमारा हिंदुत्व धार्मिक भावना के आधार पर है, हम सबको गर्व है कि हम हिंदू हैं। गांधी जी ने यह कहा कि मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूं, पर हर धर्म का सम्मान करना हमारा कर्त्तव्य बनता है। अगर सभी लोग अपने धर्म के साथ-साथ दूसरे धर्म का सम्मान करने लग जाएं तो मेरा मानना है कि कोई दिक्कत ही नहीं रहेगी। ना हिंसा होगी, सब जातियों के लोग प्रेम और भाईचारे से रहेंगी।
बता दें कि नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा था कि रावण ने सीता जी का अपहरण कर कोई बहुत बड़ा पाप नहीं किया, क्योंकि उसने सीता को कभी कलंकित नहीं किया। जब तक सीता ने स्वीकृति नहीं दी, तब तक छुआ नहीं।
हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में रामनवमी पर 7-8 राज्यों में हिंसा हो गई। करौली में पहले ही हिंसा हो गई थी। इस दौरान नुकसान किसी का भी हुआ हो भाजपा सोशल मीडिया पर चलाएंगी कि दूसरे पक्ष का नुकसान हुआ है। हिंदू-मुस्लिम की बात कर देंगे, नुकसान अगर मुस्लिम का होगा तो ये कह देंगे कि हिंदुओं को बहुत बड़ा नुकसान हो गया है। इतनी खतरनाक राजनीति चल रही है। देशवासियों को समझना पड़ेगा कि सच्चाई क्या है? खाली धर्म के नाम पर एक तरफ से सोचने लग जाएंगे तो वह देशहित में नहीं होगा। मेरा मानना है कि हिंसा का नाम देश और दुनिया में कहीं होना ही नहीं चाहिए, ये गांधी जी ने हमें सिखाया था। हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता।
पीएम सांसदों से कहते हैं कि आप कुछ कर नहीं रहे
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री जी प्रदेश के सांसदों को बुलाकर कहते हैं कि आप लोग राजस्थान में कुछ नहीं कर पा रहे हैं। आप वही काम करो जो किरोड़ी मीणा कर रहे हैं, मतलब धमाल पट्टी करो, कानून तोड़ो, लोगों को भड़काओ, आग लगाओ। क्या यह सही है? प्रधानमंत्री को चाहिए कि देश को संबोधित करें कि हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर यह बात मैं प्रधानमंत्री जी से कहता हूं तो इसमें बुराई क्या है?
भाजपा में सीएम पद के छह उम्मीदवार
गहलोत ने राजस्थान के नेताओं की जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि नड्डा जी कह रहे हैं कि कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के लिए एकजुट रहना पड़ेगा। भाजपा ने मुख्यमंत्री पद के 6 उम्मीदवार बना दिए हैं। वसुंधरा राजे को पीछे धकेल दिया। अब 6 उम्मीदवार बनाओगे तो भुगतना आपको ही पड़ेगा। यह हमारे लिए भी मुसीबत है। एक नेता हो तो उससे प्रदेश के मुद्दों पर बात कर के हल किया जाए। यह माहौल तो भाजपा ने खत्म ही कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष हैं वो महाराणा प्रताप और माता सीता को लेकर क्या क्या बोल रहे हैं सब जानते हैं।
कांग्रेस में बढ़ी प्रशांत किशोर की सक्रियता को लेकर गहलोत ने कहा कि वह एक ब्रांड बन गए हैं। 2014 में पीके एनडीए के साथ थे, फिर नीतीश जी के साथ गए, पंजाब में कांग्रेस के साथ गए। यह एक प्रोफेशनल काम है। सबका अपना-अपना काम होता है। कई और एजेंसियां भी हैं जो यही काम कर रही हैं।
विपक्ष को भी हर व्यक्ति का अनुभव काम में लेना ही चाहिए। सत्ता वाली पार्टी भी ऐसा करती है। यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। हम लोग लगातार एजेंसियां और एक्सपर्ट्स से राय लेते रहते हैं। पीके का नाम बड़ा हो गया इसलिए वह चर्चा में आ गए हैं। विपक्ष को एकजुट करने और एनडीए सरकार के खिलाफ संघर्ष करने में उनका अनुभव काम आता है लेना चाहिए।