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Rajasthan: नाबालिग को भट्टी में जलाने का मामला; बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान, जांच कमेटी गठित
Thu, 03 Aug 2023 05:59 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Thu, 03 Aug 2023 05:59 PM IST
सार
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आयोग सदस्य की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर आज ही विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के संबंध में कमेटी को निर्देशित किया है।
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आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल।
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका की हत्या कर जला देने के मामले में राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने कहा है कि मवेशी चराने गई बालिका के बुधवार देर शाम तक उसके घर वापस नहीं लौटने पर परिजन और ग्रामीण उसे ढूंढते हुए भट्टी के पास पहुंचे तो वहां चांदी का कड़ा और जूते मिले। परिजनों ने नाबालिग के साथ हत्या एवं गैंगरेप की आशंका जताई है। इस प्रकरण को आयोग द्वारा गंभीरता से लिया गया है।
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तीन सदस्यीय कमेटी का गठन
अध्यक्ष बेनीवाल ने कहा कि नाबालिग बालिका को भट्टी में जलाए जाने की घटना घोर निंदनीय है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आयोग सदस्य की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर आज ही विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के संबंध में कमेटी को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि संवेदनशील घटना की पूर्ण जांचकर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करवाकर तथ्यात्मक रिपोर्ट आज ही आयोग कार्यालय को प्रेषित करने बाबत अति. महानिदेशक (सिविल राईट्स) एवं जिला पुलिस अधीक्षक, भीलवाड़ा को पत्र लिखा गया है साथ ही जिला पुलिस अधीक्षक, भीलवाड़ा से फोन पर वार्ता कर प्रकरण की पूरी जानकारी लेकर अभियोग में शामिल आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
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उन्होंने बताया कि आयोग ने पुलिस को निर्देशित किया है कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल रिपोर्ट, डीएनए जांच इत्यादि अतिशीघ्र करवाकर समय पर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भीलवाड़ा को प्रकरण में नियमानुसार परिजनों को आर्थिक सहायता के संबंध में पत्र प्रेषित किया गया।
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संगीता बेनीवाल ने बताया कि राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग बाल अपराधों को लेकर गंभीर है तथा बालकों के अधिकारों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इस हेतु आयोग सदैव प्रयासरत हैं।