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Dausa: 'वोकल फॉर लोकल' कार्यक्रम; 120 कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक, 40 कारीगरों को टर्नवुड क्राफ्ट मशीन वितरित
Fri, 25 Aug 2023 10:42 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 25 Aug 2023 10:42 AM IST
सार
पीएम का 'वोकल फॉर लोकल', दौसा सांसद जसकौर मीणा और खादी-ग्रामोद्योग आयोग अध्यक्ष ने 120 कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक, 40 कारीगरों को टर्नवुड क्रॉफ्ट मशीन और टूलकिट बांटे।
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दौसा में 'वोकल फॉर लोकल' कार्यक्रम।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
दौसा में सांसद जसकौर मीणा की उपस्थिति में लोकल फ़ॉर वोकल कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें खादी और ग्रामोद्योग आयोग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष मनोज कुमार ने सांसद ग्रामोद्योग विकास योजना में 120 कुम्हारों को विद्युत चालित चाक और 40 कारीगरों को टर्नवुड क्रॉफ्ट मशीनों और टूलकिट का वितरण किया।
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दौसा के गांव बालाहेड़ी में आयोजित उपकरण वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद दौसा जसकौर मीणा ने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने पिछले नौ वर्षों में ऐतिहासिक काम किया है। ग्रामीण भारत में रोजगार सृजन के क्षेत्र में केवीआईसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा कर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रहा है। कार्यक्रम में केवीआईसी के उत्तर क्षेत्र के सदस्य नागेंद्र रघुवंशी भी उपस्थित रहे।
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वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जिस खादी को पूज्य बापू ने स्वदेशी आंदोलन के दौरान ब्रिटिश हुकूमत के विरूद्ध संघर्ष का सबसे मजबूत हथियार बनाया, उसी खादी को ‘आधुनकि भारत के शिल्पकार’ और ‘आत्मनिर्भर भारत के रचनाकार’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 9 सालों में गरीबी निर्मूलन, कारीगर सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और बेरोजगारी उन्मूलन का सबसे सशक्त, सक्षम और सफल ‘अस्त्र और शस्त्र’ बनाया है। उन्हीं के नेतृत्व में पिछले वित्त वर्ष में इतिहास रचते हुए खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों का कारोबार 1.34 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया।
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नौ सालों में खादी आज ‘ग्लोबल ब्रांड’ बन चुकी-मनोज कुमार
अध्यक्ष मनोज कुमार के अनुसार 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और प्रयासों का परिणाम है कि सिर्फ नौ सालों में खादी आज ‘ग्लोबल ब्रांड’ बन चुकी है। नीति आयोग के आंकड़े का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में 13.5 करोड़ लोग भारत में गरीबी से बाहर निकले हैं। गांवों में लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने में खादी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अहम योगदान दिया है। केवीआईसी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान कुल नौ लाख 54 हजार 899 नये रोजगार का सृजन किया है। लाभार्थियों और गांव वालों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केवीआईसी द्वारा ग्रामोद्योग विकास योजना के अन्तर्गत भारतीय परम्परागत उद्योगों के कामगारों को टूल्स और मशीनरी का वितरण किया जा रहा है, जिससे परम्परागत उद्योगों के कामगारों की आय में वृद्वि से उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो।
देश में अब तक कुम्हारों को 25 हज़ार से ज़्यादा बिजली से चलने वाले उपकरण बांटे
देश में अब तक कुम्हारों को 25,000 से अधिक विद्युत चालित चाकों का वितरण किया जा चुका है। जिससे कुम्हारों की इनकम में 3 से 4 गुना की बढ़ोतरी हुई है।
'लोकल टू ग्लोबल विजन'
उन्होंने आगे कहा कि हमें 'मेक इन इंडिया' के साथ-साथ 'मेक फॉर वर्ल्ड' के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'लोकल टू ग्लोबल विजन' साकार हो पाएगा।
वितरण कार्यक्रम में कुम्हार सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत राजस्थान के दौसा, अलवर, भरतपुर और करौली के 120 कुम्हारों को विद्युत चालित चॉक प्रदान किये गये। सभी लाभार्थियों को 10 दिन की निःशुल्क ट्रेनिंग दी गई है। साथ ही टर्नवुड क्रॉफ्ट के 40 कारीगरों को 20 दिन की निःशुल्क ट्रेनिंग देने के बाद मशीनों और टूलकिट का वितरण किया। जिसके माध्यम से अब ये कारीगर 25 से 35 हजार रुपये तक प्रति महीना आजीविका कमा सकेंगे। लार्भाथियों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि राजस्थान में 158 खादी की संस्थाएं कार्यरत हैं। जिसके माध्यम से 30 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत राजस्थान में अभी तक 30 हज़ार 83 पीएमईजीपी की यूनिट्स स्थापित की गई हैं, जिन्हें भारत सरकार की तरफ से 860 करोड़ रुपये की र्माजिन मनी सब्सिडी का वितरण किया गया है। दौसा में पिछले 6 सालों में करीब 670 इकाइयों की स्थापना हुई है, जिनको र्माजिन मनी सब्सिडी के रूप में 17.47 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी गई है। जिसके माध्यम से 5360 लोगों को रोजगार मिल रहा है।
पूरे देश में करीब 22 हजार करोड़ रुपये की र्माजिन मनी सब्सिडी बांटी
अध्यक्ष मनोज कुमार के अनुसार पीएमईजीपी के अंतर्गत पूरे देश में करीब 22 हजार करोड़ रुपये की र्माजिन मनी सब्सिडी का वितरण किया जा चुका है। वित्त वर्ष 2008-09 से 2022-23 के बीच 8.69 लाख परियोजनाओं की स्थापना कर करीब 50 लाख से अधिक नये रोजगार का अवसर दिया गया। वितरण कार्यक्रम में राजस्थान सरकार और के.वी.आई.सी के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।