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जयपुर को द्रव्यवती रिवर फ्रंट की मिली सौगात, 40 साल पहले जैसी बाढ़ भी झेल लेगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:33 AM IST
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जयपुर में द्रव्यवती रिवर फ्रंट
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राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंगलवार रात को राजधानी जयपुर की जीवन रेखा मानी जाने वाली द्रव्यवती नदी सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के 16 किलोमीटर क्षेत्र में नदी के सौंदर्यकरण लोकार्पण कर दिया।
नदी के सुंदरीकरण का काम टाटा कंपनी ने किया है, जिसकी लागत 3000 करोड़ से अधिक आई है। अभी तक नदी का कार्य पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 16 किलोमीटर में नदी को तैयार किया जा चुका है।
वसुंधरा ने कहा कि जयपुर की लाइफलाइन को पुनर्जीवित करने का मेरा संकल्प पूरा हुआ। साल 2014 में देखा गया उनका सपना आज पूरा हो गया है।
उन्होंने कहा कि मुझे जब यहां गंदे नाले से गुजरना पड़ता था तभी मैंने इसे फिर से जयपुर की जीवनदायिनी द्रव्यवती नदी के रूप में पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया था। द्रव्यवती आज वापस आ गई है और यह हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी की बात है।
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राजे ने कहा कि द्रव्यवती नदी परियोजना वास्तव में जयपुर की जीवनदायिनी साबित होगी। उन्होंने जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर नगर निगम एवं टाटा प्रोजेक्ट्स लि. से जुड़े अधिकारियों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद जयपुरवासियों से कहा कि अब सभी अपने बच्चों, पोते-पोतियों, नातिन के साथ यहां आएं एवं इस रिवर फ्रंट का आनंद लें। उन्होंने कहा कि अब जयपुर के लोगों की जिम्मेदारी है कि द्रव्यवती नदी के इस पुनर्जीवित रूप को बरकरार रखते हुए इसे साफ-सुथरा और सुंदर रखेंगे, ताकि बाहर से लोग आकर इसकी खूबसूरती को निहार सकें।
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नदी के सुंदरीकरण का काम टाटा कंपनी ने किया है, जिसकी लागत 3000 करोड़ से अधिक आई है। अभी तक नदी का कार्य पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 16 किलोमीटर में नदी को तैयार किया जा चुका है।
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वसुंधरा ने कहा कि जयपुर की लाइफलाइन को पुनर्जीवित करने का मेरा संकल्प पूरा हुआ। साल 2014 में देखा गया उनका सपना आज पूरा हो गया है।
उन्होंने कहा कि मुझे जब यहां गंदे नाले से गुजरना पड़ता था तभी मैंने इसे फिर से जयपुर की जीवनदायिनी द्रव्यवती नदी के रूप में पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया था। द्रव्यवती आज वापस आ गई है और यह हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी की बात है।
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राजे ने कहा कि द्रव्यवती नदी परियोजना वास्तव में जयपुर की जीवनदायिनी साबित होगी। उन्होंने जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर नगर निगम एवं टाटा प्रोजेक्ट्स लि. से जुड़े अधिकारियों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद जयपुरवासियों से कहा कि अब सभी अपने बच्चों, पोते-पोतियों, नातिन के साथ यहां आएं एवं इस रिवर फ्रंट का आनंद लें। उन्होंने कहा कि अब जयपुर के लोगों की जिम्मेदारी है कि द्रव्यवती नदी के इस पुनर्जीवित रूप को बरकरार रखते हुए इसे साफ-सुथरा और सुंदर रखेंगे, ताकि बाहर से लोग आकर इसकी खूबसूरती को निहार सकें।
अब जयपुरवासियों को मिलेंगी इतनी सारी सुविधाएं
राजे ने कहा कि 47 किलोमीटर लम्बी इस द्रव्यवती परियोजना में वॉकिंग ट्रेक, साइकिल ट्रेक, सुंदर बगीचे, लैण्डस्केप पार्क, बॉटेनिकल गार्डन होंगे। यहां जयपुरवासी जोगिंग, साइक्लिंग, योगा, संगीत, ड्रॉइंग-पेन्टिंग जैसी सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे। स्मार्ट साइकिल ग्रीन राइड एप के जरिए नागरिक साइकिलिंग का आनंद उठाया जा सकता है।
यह प्रोजेक्ट शहर में जैसलिया से प्रारंभ होकर साढे 47 किलोमीटर दूर ढूंढ नदी में जाकर मिलने वाली द्रव्यवती नदी को निर्मल धारा प्रदूषित नाले के रूप में विकसित हो गई थी, लेकिन द्रव्यवती नदी परियोजना क्षेत्र में नदी में पानी बना रहे, इसके लिए प्रत्येक 300 मीटर चेक डैम बनाए गए हैं।
नदी में सीकर रोड देवरी क्षेत्र में 170 एमएलडी क्षमता के पांच एसटीपी प्लांट स्थापित किए गए हैं, नदी के 38 किलोमीटर में साइकिल ट्रैक का निर्माण करवाया गया है।
नदी प्रोजेक्ट इन बनी पार्क में स्थापित किए गए हैं। पानीपेच सीकर रोड पर 3.68 हेक्टेयर, शिप्रा पथ मानसरोवर पर 2.95 हेक्टेयर और बंबाला पुलिया के पास 2.98 हेक्टेयर पार्क विकसित किए गए हैं।
बम्बाला में बोटैनिकल पार्क और शिप्रा पथ पर सुंदर पार्क विकसित किया गया है। नदी पर 17000 पेड़ पौधे, सजावटी पौधे और झाड़ियां लगाई गई हैं।
पूरी परियोजना को इस तरह से विकसित किया गया है कि 30 किलोमीटर क्षेत्र में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरा की नजर रहेगी।
यह प्रोजेक्ट शहर में जैसलिया से प्रारंभ होकर साढे 47 किलोमीटर दूर ढूंढ नदी में जाकर मिलने वाली द्रव्यवती नदी को निर्मल धारा प्रदूषित नाले के रूप में विकसित हो गई थी, लेकिन द्रव्यवती नदी परियोजना क्षेत्र में नदी में पानी बना रहे, इसके लिए प्रत्येक 300 मीटर चेक डैम बनाए गए हैं।
नदी में सीकर रोड देवरी क्षेत्र में 170 एमएलडी क्षमता के पांच एसटीपी प्लांट स्थापित किए गए हैं, नदी के 38 किलोमीटर में साइकिल ट्रैक का निर्माण करवाया गया है।
नदी प्रोजेक्ट इन बनी पार्क में स्थापित किए गए हैं। पानीपेच सीकर रोड पर 3.68 हेक्टेयर, शिप्रा पथ मानसरोवर पर 2.95 हेक्टेयर और बंबाला पुलिया के पास 2.98 हेक्टेयर पार्क विकसित किए गए हैं।
बम्बाला में बोटैनिकल पार्क और शिप्रा पथ पर सुंदर पार्क विकसित किया गया है। नदी पर 17000 पेड़ पौधे, सजावटी पौधे और झाड़ियां लगाई गई हैं।
पूरी परियोजना को इस तरह से विकसित किया गया है कि 30 किलोमीटर क्षेत्र में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरा की नजर रहेगी।
40 साल पहले जैसी बाढ़ भी झेल जाएगी नदी
यहां पर वाई-फाई सुविधा मिलेगी। कियोस्क, स्मार्ट डस्टबिन, वेरिएबल मैसेज सैनेजेज, नदी के शहरी क्षेत्र में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए गए हैं। नदी क्षेत्र में फुटपाथ सुविधा क्षेत्र स्ट्रीट लाइट्स, नदी के सहारे 45 स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय में स्थापित किए गए हैं।
हालांकि, जयपुर में पिछले 40 साल में ऐसा कोई बाढ़ नहीं आया, जिससे बहुत बड़ी मात्रा में जनहानि हुई हो, लेकिन इस परियोजना को इस तरह से बनाया गया है, ताकि यदि शहर में 40 साल पहले जैसा बाढ़ आ जाए तो पूरे शहर का पानी आसानी से बाहर निकल जाए। नदी को सभी अतिक्रमण से मुक्त किया गया है।
नदी के दोनों तरफ लैंडस्केप और पौधारोपण से जयपुर का वातावरण बेहतर बनाने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी यह बहुत लाभदायक साबित होगी।
हालांकि, जयपुर में पिछले 40 साल में ऐसा कोई बाढ़ नहीं आया, जिससे बहुत बड़ी मात्रा में जनहानि हुई हो, लेकिन इस परियोजना को इस तरह से बनाया गया है, ताकि यदि शहर में 40 साल पहले जैसा बाढ़ आ जाए तो पूरे शहर का पानी आसानी से बाहर निकल जाए। नदी को सभी अतिक्रमण से मुक्त किया गया है।
नदी के दोनों तरफ लैंडस्केप और पौधारोपण से जयपुर का वातावरण बेहतर बनाने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी यह बहुत लाभदायक साबित होगी।