Jaipur: RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय बोले- गौ मांस खाने वालों के लिए दरवाजे खुले, भारत में रहने वाले सभी हिंदू
RSS सर कार्यवाह दत्तात्रेय होस्बोले ने गो मांस खाने वालों की घर वापसी का बयान देकर बड़ी बहस छेड़ दी है। होस्बोले ने कहा कि भारत में रहने वाले सभी लोग हिन्दू हैं, क्योंकि उनके पूर्वज हिन्दू थे। संघ चाहता है कि मांतरित लोग हिन्दू धर्म में लौटें।
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जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आरएसएस के सर कार्यवाह दस्तात्रेय होस्बोले ने बीती रात कहा कि जिनके पूर्वज हिंदू थे वे हिंदू हैं, जो खुद को हिंदू मानते हैं वे भी हिंदू हैं और वे भी हिंदू हैं जिन्हें हम कहते हैं कि वे हिंदू हैं। हम उन लोगों के लिए दरवाजे बंद नहीं कर सकते हैं जो मजबूरी में गौ मांस खाते हैं।
#WATCH Jaipur: Those whose ancestors were Hindu are Hindus, those who consider themselves Hindu are Hindus & even those are Hindus to whom we say that they're Hindus...We can't shut doors for those who consumed beef out of compulsion: Dattatreya Hosabale, RSS Gen Secy (01.02) pic.twitter.com/LSIGgeZDvu
— ANI (@ANI) February 2, 2023
दस्तात्रेय होस्बोले ने कहा कि संघ न तो दक्षिणपंथी है न ही वामपंथी है। यह राष्ट्रवादी है। हिन्दू धर्म को छोड़कर जो लोग दूसरे धर्मों में गए, उनके लिए हम अपने दरवाजे बंद नहीं कर सकते हैं। ऐसे लोगों की भी घर वापसी करवाई जा सकती है। भारत विरोधी ताकतें उन्हें हिन्दू धर्म में आने नहीं देती हैं, लेकिन संघ चाहता है कि मतांतरित लोग हिन्दू धर्म में लौट आएं। दत्तात्रेय ने कहा कि उन लोगों की पूजा पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन उन सभी का डीएनए एक ही है। ऐसा भी नहीं है कि इन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। भारत हिन्दू राष्ट्र है क्योंकि इस देश को बनाने वाले भी हिन्दू ही हैं। वेद पुराण में ऐसा भी नहीं है कि उन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। सत्य और उपयोगी बातों को स्वीकार किया जाना चाहिए।
सतीश पूनिया बोले-हम सभी भारत माता की संतान हैं
होस्बोले के बयान का समर्थन करते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि हम सब भारत माता के पुत्र और संतान हैं। वेद पुराणों में भी लिखा है और यह ऐतिहासिक सत्य है। सीधी सी बात है कि जो भारत में जन्मे, भारत का खाते और गाते हैं वह सभी भारत के नागरिक हैं। उनकी पहचान किसी भी कुल, गोत्र और धर्म के आधार पर हो सकती है। लेकिन वो भारत के नागरिक हैं। पूनिया बोले- जितने भी राष्ट्रवादी और वैचारिक संगठन हैं, उनका मानना है कि हम सब भारत माता के पुत्र हैं। यह ऐतिहासित सत्य वेद पुराणों में भी लिखा है।