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मनरेगा से जुड़ सकेगा गौशालाओं का विकास
ब्यूरो/अमर उजाला, जयपुर
Updated Fri, 31 Oct 2014 08:27 PM IST
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राजस्थान सरकार की ओर से केन्द्र को हाल ही गौशालाओं का विकास मनरेगा के जरिए करवाए जाने को लेकर एक प्रस्ताव भेजा गया है। राजस्थान में ब्राजील की तर्ज पर देसी गौवंश का संरक्षण व संवर्धन किया जाएगा।
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ये जानकारी राजस्थान के कृषि एवं गौ पालन मंत्री प्रभुलाल सैनी ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान दी। राजस्थान गोसेवा संघ द्वारा दुर्गापुरा गौशाला में गौपाष्टमी के अवसर पर उन्होंने कहा कि मनरेगा के जरिए गौशालाओं के विकास को तेजी से रफ्तार मिल सकती है।
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गौशालाओं के विकास के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 26 करोड़ रुपए की राशि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि पंचगव्य औषधि के निर्माण के लिए गौशालाओं को राज्य सरकार की ओर से अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1408 गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें एक करोड़ 31 लाख गौवंश का संरक्षण और संवर्धन किया जा रहा है।
सैनी ने कहा कि गौ-वध और गौ-तस्करी को रोकने के लिए सरकार गौ-वंश प्रतिषेध कानून को और सख्त बना रही है, ताकि गौ-वंश तस्करी पर लगाम लग सके। गौ-तस्करी में काम में आने वाले वाहन मालिकों पर कड़ी कार्यवाही की जा सकेगी।