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राजस्थान चुनाव 2018: चेहरे के चौसर में फंसी कांग्रेस, राहुल के प्रयासों के रंग हो सकते हैं बदरंग

Tue, 16 Oct 2018 04:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जयपुर
अमर उजाला ब्यूरो, जयपुर Updated Tue, 16 Oct 2018 04:58 PM IST
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rajasthan elections 2018: Congress party leader create problem in rajasthan assembly election
Sachin Pilot, Ashok Gehlot
राजस्थान में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन की परंपरा के चलते कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव को बड़ी आशा भरी नजरों से देख रही है। लेकिन चुनावी वर्ष में दो दिग्गजों के बीच सीएम चेहरे को लेकर हुई खींचतान कांग्रेस की राह में रोड़े डाल सकती है। ये दो दिग्गज नेता हैं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट और दो बार राजस्थान में मुख्यमंत्री रहे व राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत। 
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वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता चाहते हैं इस विधानसभा चुनाव में पार्टी अशोक गहलोत को सीएम चेहरे के रूप में पेश करे, तो युवा नेता व कार्यकर्ता चाहते हैं कि जब चुनाव की कमान सचिन पायलट के हाथों में है, इस कारण कांग्रेस सचिन को ही सीएम चेहरा घोषित करे। अब आलाकमान किसी एक को चेहरा बनाकर दूसरे गुट से नाराजगी नहीं लेना चाहती। इधर, भाजपा अपने चुनाव प्रचार में लगातार कह रही है कि कांग्रेस को सीएम के लिए कोई नेता ही नहीं मिल रहा है।
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आलाकमान को कहना पड़ा, न करें गद्दारी

राजस्थान में दो दशकों से अधिक समय तक अशोक गहलोत ही यहां कांग्रेस के चेहरा रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ही नहीं बल्कि पूर्व केंद्रीय मंत्रियों तक ने चेहरे की राजनीति को हवा दी और आलाकमान को परेशानी में डाला। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद जुलाई के अंत में अशोक गहलोत ने खुद की ओर इशारा करते हुए बयान दिया कि सीएम का चेहरा सालों से आपके सामने है। गहलोत ने पत्रकारों से कहा कि वे 10 साल राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे हैं और ऐसे में सीएम के चेहरे की आवश्यकता कहां है। 
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उन्होंने कहा कि वे दिल्ली रहें, पंजाब रहें या गुजरात, लेकिन सेवा राजस्थान की जनता की ही करेंगे। इससे पूर्व यूपीए सरकार में पूर्व मंत्री रहे लालचंद कटारिया द्वारा कमान प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के बजाय अशोक गहलोत को सौंपने के बयान देकर नेतृत्व विवाद को हवा दी थी। प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कटारिया के बयान पर कहा था कि ऐसे बयानों से नेता पार्टी को धोखा दे रहे हैं, गद्दारी कर रहे हैं। 


राहुल ने मिलवाया हाथ और लगवाया एक दूसरे के गले

पार्टी में आला नेताओं के बीच खींचतान और भाजपा के लगातार हमले के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को बीच-बचाव में और हालात सुधारने के लिए उतरना पड़ा। उन्होंने जयपुर में रोड शो किया और इसके बाद हुई सभा में सभी कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में उन्होंने पायलट और अशोक गहलोत को हाथ मिलाने और गले लगने को कहा।
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