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Rajasthan: गहलोत बोले- मोदी मेरे मित्र होने का दावा करते हैं, फिर दोस्त के ही राज्य को क्यों करते हैं बदनाम?

Thu, 17 Aug 2023 10:01 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Thu, 17 Aug 2023 10:01 PM IST
सार

सीएम गहलोत ने कहा- पीएम मोदी भाषणों के अंदर मेरे मित्र होने का दावा करते हैं और मित्रता ये निभाते हैं कि अपने ही मित्र के राज्य को बदनाम करो, ये कहां की समझदारी है। जनता सब देख रही है। चाहे कितने ही बड़े नेता आ जाएं, कितने ही कैंपेन कर लो, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

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CM Ashok Gehlot targeted PM Narendra Modi Rajasthan assembly elections 2023
सीएम गहलोत ने पीएम मोदी पर बोला हमला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के मूंडवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान में 6 बार आ चुके हैं। उन्हें दूसरा काम है ही नहीं क्या। गहलोत ने कहा- गुजरात चुनाव आते हैं तो आप (पीएम मोदी) 6 महीने जा रहे हो, अप एंड डाउन कर रहे हो।  पीएम के पास और भी काम होते हैं, वो बिजी पर्सनालिटी होता है। देश और दुनिया में राजकाज करने के लिए बहुत काम होते हैं, लेकिन वो खाली चुनाव में घूमते रहते हैं।

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मणिपुर में आग लगी हुई है। ढाई-तीन महीने तक परवाह नहीं की। कभी कर्नाटक, कभी हिमाचल, गुजरात और राजस्थान ही घूमते रहते हैं। मणिपुर तो हमारा राज्य है, आप उससे राजस्थान और छत्तीसगढ़ को कम्पेयर कर रहे हो। मैं तो प्रधानमंत्री से कभी उम्मीद ही नहीं करता था कि ये अपनी राजनीति चमकाने और प्रदेश के चुनाव जीतने के लिए इस स्तर पर जाएंगे कि मणिपुर में जो आग लगी हुई है, मणिपुर जल रहा है, उससे राजस्थान और छत्तीसगढ़ को कम्पेयर कर रहे हो। मुख्यमंत्री को सलाह दे रहे हो ये तो बहुत दुखद बात है। 
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मित्र होने का दावा और मित्र के ही राज्य को बदनाम करते हैं 
गहलोत ने कहा-वो (पीएम मोदी) मेरे मित्र होने का दावा भी भाषणों के अंदर करते हैं और मित्रता ये निभाते हैं कि अपने मित्र के राज्य को बदनाम करो, ये कहां की समझदारी है। जनता सब देख रही है और जनता इस बार इन सबको सबक सिखाएगी। चाहे कितने ही बड़े नेता आ जाएं, कितने ही कैंपेन कर लो कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
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ये बहादुरी नहीं, खतरनाक सोच
सीएम गहलोत ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के बंगले और संग्रहालय का नाम बदलने पर कहा- आज मैंने उसके लिए भी ट्वीट किया ये देश को कहां ले जा रहे हैं। पंडित नेहरू ने देश की नींव रखी है। जिस पर आज देश मजबूती से खड़ा है। बड़े-बड़े कल कारखाने, बांध उस जमाने में बना दिए। आईआईटी, आईआईएम और ट्रिपल आईटी बनी हैं। बड़ी बड़ी संस्थाएं उस समय आ गईं, उसके कारण हमारा देश आत्मनिर्भर भी बना। 70 साल तक देश मजबूत रहा। क्या नहीं हुआ, जहां सुई नहीं बनती थी आज क्या नहीं बनता है ? पंडित नेहरू 16 साल तक जिस बंगले में रहे उनके नाम पर संग्रहालय बन गया, तो उनका नाम हटाकर क्या आपने बहादुरी की, ये बहादुरी का काम है क्या, बहादुरी नहीं है, ये खतरनाक सोच है जो देश के लिए चिंताजनक है।


मैं आगाह करना चाहता हूं... 
गहलोत बोले- ये सोच लोकतंत्र को खत्म करने वाली है। इनकी सोच नादिरशाही, तानाशाही, फासिज्म और हिटलर का जो जमाना था वो है। वहां धर्म के नाम पर राजनीति करने की जो अप्रोच थी, वहीं अप्रोच यहां चल रही है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं। 2024 में या तो लोग निपट लेंगे या फिर बाद में तकलीफ पाएंगे। मैं आपको आगाह करना चाहता हूं, ये कोई मैं राजनीतिक बात नहीं कर रहा हूं। चुनाव में हार जीत होती रहती है। सरकारें आती- जाती रहती हैं। हमने देखा है कि 5-7 मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बदल गए, हर राज्य में मुख्यमंत्री बदल जाते हैं। इसलिए क्योंकि कांग्रेस ने लोकतंत्र को मजबूत रखा है इसलिए मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं। कांग्रेस ने 70 साल तक लोकतंत्र को कायम रखा है, इसलिए वो पीएम बने हैं। आज कहते हैं कि हम कांग्रेस मुक्त भारत बनाएंगे। मैं समझता हूं ये लोग पूरी तरह एक्सपोज हो चुके हैं।

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