Rajasthan: दौसा डॉक्टर आत्महत्या मामले पर सीएम गहलोत ने जताया दुख, कहा-दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
दौसा में डॉक्टर के सुसाइड मामले पर सीएम गहलोत ने इस तरह डॉक्टरों को डराया जाएगा तो वे निश्चिन्त होकर अपना काम कैसे कर पाएंगे।
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दौसा में डॉक्टर के आत्महत्या मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा कांग्रेस को घेरने में लगी है। सीएम अशोक गहलोत ने डॉक्टर अर्चना शर्मा की आत्महत्या की घटना पर दुख जताया है।
सीएम गहलोत ने कहा कि हम सभी डॉक्टरों को भगवान का दर्जा देते हैं। हर डॉक्टर मरीज की जान बचाने के लिए अपना पूरा प्रयास करता है लेकिन कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना होते ही डॉक्टर पर आरोप लगाना न्यायोचित नहीं है। अगर इस तरह डॉक्टरों को डराया जाएगा तो वे निश्चिन्त होकर अपना काम कैसे कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि हम सभी को सोचना चाहिए है कि कोविड महामारी या अन्य दूसरी बीमारियों के समय अपनी जान का खतरा मोल लेकर सभी के सेवा करने वाले डॉक्टरों से ऐसा बर्ताव कैसे किया जा सकता है। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है मामला
डॉक्टर अर्चना शर्मा और उनके पति का लालसोट में हॉस्पिटल है। खेमावास निवासी लालूराम बैरवा अपनी पत्नी आशा देवी (22) को डिलीवरी के लिए सोमवार सुबह हॉस्पिटल लेकर आया था। डिलीवरी के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी, वहीं नवजात सकुशल है। महिला की मौत के बाद घरवालों ने मुआवजे की मांग को लेकर देर रात ढाई बजे तक हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन किया था। गुस्साए घरवालों ने लालसोट थाने में डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया था। कहा जा रहा है कि इससे डॉक्टर डिप्रेशन में आ गई थी। उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
सुसाइड नोट में लिखा-मैंने किसी को नहीं मारा
डॉक्टर अर्चना शर्मा अपने पीछे दो बच्चों को पति के सहारे छोड़ गईं। महिला डॉक्टर के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उन्होंने लिखा कि मैंने कोई गलती नहीं की और मैंने किसी को नहीं मारा। मैं मेरे बच्चों और पति से बहुत प्यार करती हूं।