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भिलवाड़ा: ग्रामीणों की मदद से वन विभाग ने तेंदुए को बचाया, शिकारियों के खिलाफ केस दर्ज
Sun, 26 Dec 2021 03:00 PM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Sun, 26 Dec 2021 03:00 PM IST
सार
बता दें कि बूंदी जिले की सीमा के पास भीलवाड़ा जिले के तिलस्वां गांव में मादा तेंदुआ देखा गया था। तस्कर इसका शिकार करना चाह रहे थे, लेकिन ग्रामीणों की मदद से वन विभाग ने तेंदुआ को बचा लिया।
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तेंदुआ
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राजस्थान में शिकारियों ने मादा पैंथर को शिकार बनाने के लिए फंदे में फंसा लिया, हालांकि शिकारियों का मनसूबा फेल हो गया। बूंदी वन विभाग की मदद से कोटा वन विभाग ने तेंदुआ को ट्रैंक्यूलाइज कर कोटा के बायोलॉजिकल पार्क में शिफ्ट कर दिया गया है। पशु चिकित्सकों की निगरानी में तेंदुआ को रखा गया है। बता दें कि बूंदी जिले की सीमा के पास भीलवाड़ा जिले के तिलस्वां गांव में मादा तेंदुआ देखा गया था।
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ग्रामीणों की सूचना पर बूंदी जिले के डाबी वन विभाग के रेंजर संजय शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि एक पेंथर, चरागाह भूमि पर दिखाहैं। जो एक जगह बैठा हुआ हैं। रेंजर ने बताया कि मादा पैंथर के आगे वाले दाए पैर में लोहे की जंजीर लगाई गई थी।
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शिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज
पशु तस्कर इसका शिकार करने के फिराक में थे, लेकिन वन विभाग की सतर्कता से तेंदुए को बचा लिया गया। वन विभाग ने अज्ञात शिकारियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश कर रहा हैं।
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