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मलाइका की बहादुरी पर सवालिया निशान!

Thu, 23 Jan 2014 04:17 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 23 Jan 2014 04:17 PM IST
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Case of girl who foiled kidnap attempt last year to be reopened

जयपुर की मलाइका सिंह टांक को गीता चोपड़ा बहादुरी पुरुस्कार की घोषणा के बाद एक विवाद तूल पकड़ रहा है जिसकी चर्चा पूरे राजस्थान भर में है।

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जिस बहादुरी के लिए उनको सम्मानित किया जा रहा है उस पर पुलिस ने सवालिया निशान लगा दिया है।

दरअसल पिछले साल 15 फरवरी को पजेरो सवार बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था लेकिन उन्होंने अदम्य साहस दिखाया और बदमाशों के चंगुल से निकल गईं।

लेकिन पुलिस ने जांच करने के बाद कहा कि ऐसी कोई घटना कभी हुई ही नहीं। पुलिस ने इस घटना में पहले एफआर लगा दी थी लेकिन अब इस केस को रिओपन करने का फैसला किया गया है।
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अब भारतीय बाल कल्याण परिषद ने इस मामले पर जयपुर जिला कलक्टर कृष्णा कुणाल से रिपोर्ट मांगी है।

गीता चोपड़ा अवार्ड
26 अगस्त 1978 में फिरौती के लिए गीता चोपड़ा और संजय चोपड़ा का अपहरण किया गया था। 29 अगस्त को उनकी लाशें मिलीं थीं।

मेडिकल में पता चला कि गीता के साथ रेप किया गया था।

जिस गाड़ी से उनका अपहरण किया गया था वह भी चोरी की निकली। इस मामले में दो लोगों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा दी गई।

राष्ट्रीय बहादुरी पुरुस्कारों के साथ गीता चोपड़ा अवार्ड भी दिया जाता है।

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