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Bundi News : राव सूरजमल हाड़ा की छतरी के पुनर्निर्माण को लेकर सहमति बनी, आज दोपहर को होगा भूमिपूजन
Fri, 04 Oct 2024 09:38 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 04 Oct 2024 09:38 AM IST
सार
बूंदी में खंडित की गई राव सूरजमल हाड़ा की छतरी के पुनर्निर्माण को लेकर आज दोपहर भूमिपूजन किया जाएगा। छतरी को अपने स्थान पर बनाने को लेकर कोटा-बूंदी सांसद और लोकसभा स्पीकर के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
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राव सूरजमल हाड़ा की ध्वस्त की गई छतरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बूंदी के तुलसी गांव में खंडित की गई पूर्व नरेश राव सूरजमल हाड़ा की छतरी अपने स्थान पर ही बनेगी। संघर्ष समिति के अक्षय हाड़ा ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष व कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला के साथ मीटिंग के बाद यह निर्णय हुआ है। शुक्रवार को दोपहर भूमिपूजन के बाद छतरी का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।
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छतरी के पुनः निर्माण को लेकर गुरुवार शाम कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कैंप कार्यालय में एक बैठक हुई, जिसमें कलेक्टर कोटा रविंद्र गोस्वामी, कलेक्टर बूंदी अक्षय गोदारा, ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की दिल्ली से आई टीम, कोटा विकास प्राधिकरण की टीम, संघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्रिगेडियर भूपेश सिंह हाड़ा, उपाध्यक्ष अक्षय हाड़ा और अन्य सदस्य शामिल हुए। अक्षय हाड़ा ने एयरपोर्ट की ड्राइंग और अन्य डिटेल्स से सभी को अवगत कराते हुए कहा कि छतरी प्रस्तावित एयरपोर्ट के रनवे में रुकावट नहीं डाल रही है। यह रनवे से 300 मीटर दूर एप्रेन के पास आ रही है।
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गौरतलब है कि कोटा के प्रस्तावित ग्रीन एयरफील्ड एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहीत भूमि पर आ रही बूंदी के पूर्व नरेश राव सूरजमल हाड़ा की 600 साल पुरानी छतरी को 20 सितंबर को खंडित कर दिया गया था। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के विरोध जताने के बाद राज्य सरकार ने छतरी (मंदिर) को खंडित करने वाले तीन अधिकारियों को निलंबित भी किया था, लेकिन सर्वसमाज छतरी को उसी स्थान पर बनाने के लिए संघर्ष कर रहा था। बैठक में छतरी के पुनर्निर्माण के निर्णय के बाद आज दोपहर को इसका भूमिपूजन किया जाएगा।
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