फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Bikaner News ›   Rajasthan Bikaner unique tradition when Holi is played like a war with water watch video

Rajasthan: बीकानेर की अनोखी परंपरा, जब पानी से खेली जाती है 'युद्ध' जैसी होली, देखें वीडियो

Tue, 11 Mar 2025 08:22 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 11 Mar 2025 08:22 PM IST
सार

बीकानेर जिले में होली की अनोखी परंपरा निभाई जाती है। यहां पानी से युद्ध जैसी होली खेली जाती है।

विज्ञापन
Rajasthan Bikaner unique tradition when Holi is played like a war with water watch video
पानी से होली खेलते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के बीकानेर में होली पर एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है, जिसे डोलची मार होली कहा जाता है। यह परंपरा बीते सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है, जिसमें हर्ष और व्यास जाति के लोग एक-दूसरे पर पानी से भरी डोलची से वार करते हैं। यह परंपरा होली से एक दिन पहले मनाई जाती है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग बीकानेर पहुंचते हैं।

विज्ञापन


विज्ञापन


क्या है डोलची मार होली?
इस खेल में हर्ष और व्यास जाति के लोग हाथों में डोलची लेकर एक-दूसरे की पीठ पर पानी की तेज धार से वार करते हैं। जितना तेज पानी पड़ता है, उतना ही यह खेल रोमांचक बनता है। दिलचस्प बात यह है कि इस खेल को खेलने वालों को खुशी और उल्लास महसूस होता है। क्योंकि इसे प्रेम और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। दो लोग एक-दूसरे की तरफ पीठ किए खड़े रहते हैं। एक खिलाड़ी डोलची में पानी भरकर साथी की पीठ पर जोर से मारता है। फिर दूसरे खिलाड़ी को भी जवाब देने का मौका मिलता है। खेल के अंत में लाल गुलाल उड़ाकर और पारंपरिक गीत गाकर उत्सव का समापन किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: गोविंद देवजी में भजनों, नृत्य और पुष्प वर्षा के संग सजी ब्रज की होली, फागोत्सव में रंगों की बहार

ऐसा कहा जाता है कि आचार्य समाज और व्यास जाति के बीच मृत्युभोज को लेकर विवाद हुआ था, जिससे दोनों जातियों के बीच संघर्ष भी हुआ। इस कटुता को समाप्त करने के लिए समाज की अन्य जातियों के साथ हर्ष जाति ने मध्यस्थता की। प्रेम और सौहार्द्र बनाए रखने के लिए यह अनोखी होली खेलने की परंपरा शुरू की गई, जो आज तक जारी है।डोलची मार होली में बच्चे, बुजुर्ग, युवा सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। खेल के लिए बड़े-बड़े बर्तनों में पानी इकट्ठा किया जाता है, और पानी की कमी होने पर टैंकरों की व्यवस्था भी की जाती है। बीकानेर की यह परंपरा प्रेम, सौहार्द्र और अनोखे रंगों से भरी है, जिसे देखने के लिए हर साल हजारों लोग जुटते हैं।

यह भी पढ़ें: टीना डाबी ने ली जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक, बोलीं- सोशल मीडिया पर भड़काऊ और अफवाह पर रखें निगरानी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed