{"_id":"6a0454640d457ff040018233","slug":"bikaner-forged-signatures-suspicious-bills-and-a-multi-crore-scam-sog-launches-major-investigation-in-bikaner-bikaner-news-c-1-1-noi1354-4274244-2026-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bikaner News: फर्जी साइन, संदिग्ध बिल और करोड़ों का खेल! आरजीएचएस योजना में घोटाले के रिकॉर्ड खंगाल रही एसओजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bikaner News: फर्जी साइन, संदिग्ध बिल और करोड़ों का खेल! आरजीएचएस योजना में घोटाले के रिकॉर्ड खंगाल रही एसओजी
Wed, 13 May 2026 05:01 PM IST
बीकानेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: बीकानेर ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 05:01 PM IST
सार
बीकानेर में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम से जुड़े कथित घोटाले की जांच ने बड़ा रूप ले लिया है। फर्जी हस्ताक्षर, संदिग्ध बिलिंग और करोड़ों रुपए के भुगतान में गड़बड़ी की आशंका के बीच एसओजी की टीम लगातार रिकॉर्ड खंगाल रही है।
विज्ञापन
आरजीएचएस घोटाले की जांच मे जुटी एसओजी
विस्तार
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी आरजीएचएस योजना अब बीकानेर में बड़े घोटाले की आशंकाओं के बीच सुर्खियों में आ गई है। शहर की एक निजी लैब पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के नाम पर फर्जी जांच, कागजी बिलिंग और संदिग्ध भुगतान का खेल चलने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के हाथों में है और पिछले तीन दिनों से एसओजी की टीम बीकानेर में डेरा डाले हुए है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार एसओजी के सीआई नेमीचंद के नेतृत्व में टीम लगातार रिकॉर्ड खंगाल रही है। बुधवार को टीम पीबीएम अस्पताल पहुंची, जहां आरजीएचएस से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कुछ बिलों में पीबीएम अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग से जुड़े चिकित्सक डॉ. सुनील बुड़ानिया के कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर मिलने की बात सामने आई है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: NEET UG 2026: राजस्थान से लीक नहीं हुआ NEET पेपर, SOG के आईजी का दावा; जांच अब CBI के हाथों में
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार कुछ चिकित्सकों ने हस्ताक्षर और सील को फर्जी बताते हुए गंभीर आपत्ति भी जताई है। बताया जा रहा है कि एसओजी ने लैब से जुड़े बिल, भुगतान रिकॉर्ड, मरीजों की जांच रिपोर्ट और आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं, जिससे पूरे मामले ने बड़ा रूप ले लिया है।
आशंका जताई जा रही है कि आरजीएचएस योजना के नाम पर लंबे समय से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा था। जांच अब केवल फर्जी साइन और मुहर तक सीमित नहीं रह सकती। एसओजी इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इस पूरे खेल में विभागीय कर्मचारियों, निजी लैब संचालकों और बाहरी लोगों की मिलीभगत तो नहीं थी। तकनीकी जांच के जरिए यह भी खंगाला जा रहा है कि आखिर पोर्टल पर अपलोड हुए दस्तावेज किस स्तर से स्वीकृत किए गए।
हालांकि अभी तक एसओजी या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन चिकित्सा जगत में इस जांच से भारी हलचल मची हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई बड़े नाम जांच के घेरे में आ सकते हैं।