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Rajasthan: नीट की तैयारी कर रहे बिहार के छात्र ने दी जान, लिखा- सॉरी मम्मी-पापा, आपकी बातें माननी चाहिए थीं

Sun, 11 Sep 2022 09:04 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: उदित दीक्षित Updated Sun, 11 Sep 2022 09:04 PM IST
सार

आई एम सॉरी, मैं पकड़ नहीं पाया। कुछ लोग मुझे डिस्ट्रिक्ट करने के लिए बुलाते थे, ताकि मैं क्लास न कर पाऊ। मेरी भी गलती है कि मैं अपने आप में ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंस हो गया। आप जैसे मां बाप सबको मिले जो हमेशा साथ दें। गलती मेरी ही थी, जो मैंने आपकी बातें नहीं मानीं।
 

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Bihar Student Preparing For NEET Commits Suicide In Kota
अभिषेक बिहार का रहने वाला था। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के कोटा जिले के नया नोहरा इलाके में एक छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह विहार का रहने वाला था और यहां रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। छात्र के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने लिखा- आई एम सॉरी मम्मी-पापा। मैं पढ़ना चाहता था, लेकिन दिमाग पता नहीं कैसा हो गया। इधर-उधर की चीजें सोचता रहता हूं।

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जानकारी के अनुसार मामला शहर के नया नोहरा इलाके का है। बिहार के गया का रहने वाला अभिषेक निजी कोचिंग संस्थान से नीट की तैयारी कर रहा था। रविवार को अभिषेक काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो बिल्डिंग में रहने वाले अन्य छात्रों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसने कोई आवाज नहीं दी। काफी देर प्रयास करने के बाद छात्रों ने पुलिस को सूचना दी। 
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मौके पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो अभिषेक का शव फंदे पर लटक रहा था। पुलिस ने शव को पीएम के लिए अस्पताल भेज दिया और उसके परिजनों को भी सूचना दी। पुलिस ने बताया कि अभिषेक को आए हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है। उसके कमरे की तलाशी लेने पर एक सुसाइड नोट मिला है, जिसे हमने जब्त कर लिया है।
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सुसाइट नोट में यह लिखा...
आई एम सॉरी मम्मी पापा, एक्चुअली जब 11वीं क्लास स्टार्ट हुई तो मैं ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंट हो गया था। मुझे सब्जेक्ट से रिलेटेड थोड़ा बहुत आता था। लगने लगा कि मुझे बहुत ज्यादा आता है। और मैं भूल गया कि किसी भी चीज को करने का एक तरीका होता है। जब मैं 11वीं में आया तो पढ़ाई का तरीका अस्थ-व्यस्थ हो गया। ज्यादा आगे बढ़ने के चक्कर में इधर-उधर की चीजों पर फोकस करने लगा। कोचिंग और आपकी बातों को टालने लगा। 

11वीं के रेंडमली टॉपिक को कवर करने लगा। इससे मेरा दिमाग दूसरी चीजों में भटकने लगा। शायद मुझे एक प्रॉपर टाइम टेबल बनाकर पढ़ना चाहिए था। ज्यादा पढ़ने के चक्कर में ऐसी टॉपिक को पढ़ने लगा जो रेलिवेंट नहीं थे। इससे मेरा कॉन्फिडेंस डाउन हो गया और मेरा पढ़ाई से मन हटने लगा। 


आई एम सॉरी, मैं पकड़ नहीं पाया। कुछ लोग मुझे डिस्ट्रिक्ट करने के लिए बुलाते थे, ताकि मैं क्लास न कर पाऊ। मेरी भी गलती है कि मैं अपने आप में ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंस हो गया। आप जैसे मां बाप सबको मिले जो हमेशा साथ दें। गलती मेरी ही थी, जो मैंने आपकी बातें नहीं मानीं। अपने ढंग से करता रहा। मैंने सेल्फ स्टडी कम कर दी। जैसे 10 क्लास में पढ़ता था, वो छोड़ दी। फोन पर ही डिपेंड हो गया। आई एम सॉरी मुझे आपकी बातें मान लेनी चाहिए थीं। आई एम सॉरी। दिस टाइम आई एम फेल।

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