फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Bharatpur News ›   Plan to Evade UP Police Crackdown Worth 5 Crore Medicines Hidden in Well After Bringing to Rajasthan

यूपी पुलिस की सख्ती से बचने का था प्लान?: राजस्थान लाकर कुएं में छिपाईं पांच करोड़ की दवाएं, आरोपी गिरफ्तार

Fri, 02 Oct 2026 09:25 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर Published by: हिमांशु सिंह बघेल Updated Fri, 02 Oct 2026 09:25 AM IST
सार

भरतपुर के बयाना क्षेत्र में सूखे कुएं से बरामद करीब पांच करोड़ रुपये की दवाओं के मामले में मुख्य आरोपी हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है। मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में एक आरोपी के मोबाइल से दवाओं को डीजल डालकर जलाने का वीडियो भी मिला है

विज्ञापन
Plan to Evade UP Police Crackdown Worth 5 Crore Medicines Hidden in Well After Bringing to Rajasthan
नकली दवाएं बरामद - फोटो : Social Media

विस्तार

भरतपुर जिले के खटनावाली गांव स्थित एक सूखे कुएं में छिपाई गई करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की दवाओं के मामले में मुख्य सूत्रधार हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के खिलाफ जारी पुलिस कार्रवाई और सख्ती से बचने के लिए आरोपियों ने आगरा से लाकर इन दवाओं को राजस्थान के इस ग्रामीण क्षेत्र में कुएं के भीतर छिपाया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने अब तक थोक दवा विक्रेता हिमांशु अग्रवाल, इकरार, शामिन, सलुआ और आशीष सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


पुलिस ने आरोपी सलुआ उर्फ मुकीम के मोबाइल फोन से कुछ संवेदनशील वीडियो भी बरामद किए हैं। इनमें वह 27 सितंबर की रात एक नदी के किनारे दवाओं के ऊपर डीजल डालकर उन्हें आग लगाता हुआ दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन


बयाना के सूखे कुएं में छिपाया दवाइयों का बड़ा स्टॉक
बयाना तहसील के खटनावाली गांव स्थित सूखे कुएं से दवाइयों के 274 कार्टन बरामद किए गए थे। इन दवाओं का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 5 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। कुएं के भीतर छिपाई गई इन दवाओं में मुख्य रूप से हृदय रोग, डायबिटीज और एलर्जी से जुड़ी महत्वपूर्ण दवाएं शामिल हैं। बरामद दवाओं में लोसार-50, जानुमेट, केटोरोल-एम, एलेग्रा-एम और जालरा जैसी प्रमुख दवाएं पाई गई हैं। औषधि विभाग की टीम अब जब्त की गई सभी दवाओं की गुणवत्ता, वास्तविक होने के प्रमाण, बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी तिथि की गहन जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभागीय सूत्रों का कहना है कि उस इलाके में संचालित किसी स्थानीय मेडिकल स्टोर से इस मामले का कनेक्शन हो सकता है। इसकी वजह से आगरा से आने वाले ट्रक चालक को गांव के इस सूखे कुएं की सटीक जानकारी मिली थी। अधिकारी इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं।

आगरा में छापा, मोबाइल से जलती दवाओं का वीडियो बरामद
राजस्थान औषधि विभाग से मिली सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रक, आगरा के औषधि निरीक्षक और संबंधित दवा निर्माता कंपनियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। यूपी औषधि विभाग की टीम ने आगरा के मलपुरा क्षेत्र में स्थित एक बाड़े पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध दवाओं का भंडारण पकड़ा। इन दवाओं के भंडारण, क्रय अथवा विक्रय से संबंधित कोई भी वैध लाइसेंस मौके से नहीं मिला। इसके बाद यूपी औषधि विभाग ने सभी दवाओं को जब्त करते हुए मलपुरा थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

ये भी पढ़ें-  ‘मुझे योजनाबद्ध तरीके से सीजे बनने से रोका’: रिटायर्ड जज संजीव शर्मा का पलटवार, मानहानि केस की मांगी अनुमति

उधर, गिरफ्तार आरोपी सलुआ के मोबाइल फोन से मिली 27 सितंबर की रात की वीडियो रिकॉर्डिंग में नदी किनारे दवाओं पर डीजल छिड़ककर उन्हें जलाने का कृत्य सामने आया है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि साक्ष्य नष्ट करने के इरादे से कितनी दवाओं को आग के हवाले किया गया था।


पहले दे चुका है एक करोड़ रुपये की रिश्वत का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी उत्तर प्रदेश में एफआईआर दर्ज है और उसके पिता के नाम से मेडिकल स्टोर का लाइसेंस था।
औषधि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हिमांशु पूर्व में पुडुचेरी में नकली दवाएं सप्लाई करने के रैकेट में पकड़ा जा चुका है। पिछले वर्ष नकली दवाओं के कारोबार में अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अधिकारियों को एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने का भी प्रयास किया था। रिश्वत देने के आरोप में जेल जाने के बाद वह दिसंबर में जमानत पर छूटा था और बाहर आते ही दोबारा इसी अवैध धंधे में शामिल हो गया।विभाग कुएं से बरामद एक्सपायरी दवाओं को लेकर भी जांच कर रहा है कि कहीं निर्माता कंपनियों से पूरा क्लेम हासिल करने के बाद उन दवाओं को चुराकर उनकी एक्सपायरी तिथि बदलकर दोबारा बाजार में बेचने की योजना तो नहीं थी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed