{"_id":"66ba728c1ed69d627c069c97","slug":"nandadevi-express-split-into-two-parts-bharatpur-news-c-29-1-mtr1013-274155-2024-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bharatpur News: नंदादेवी एक्सप्रेस दो हिस्सों में बंटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bharatpur News: नंदादेवी एक्सप्रेस दो हिस्सों में बंटी
विज्ञापन
भरतपुर- दो हिस्सों में बंटी नंदादेवी एक्स्रपेस
भरतपुर। भरतपुर और सेवर रेलवे स्टेशन के बीच सोमवार को अचानक देहरादून से कोटा आते समय नंदादेवी एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12402) दो हिस्सों में बंट गई। इसके बाद तेज झटके के साथ ट्रेन रुक गई। यात्रियों को तेज झटका लगा।
यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के दो हिस्सों में बंट जाने से पिछले हिस्से में बिजली एवं एसी बंद हो गया और ट्रेन धीरे-धीरे रुक गई। जबकि काफी देर तक ट्रेन नहीं चली तो यात्रियों ने कोच से नीचे उतर कर देखा। देखा ट्रेन के कुछ डिब्बे ट्रेक पर खड़े थे। इंजन व अगला हिस्सा आगे जा चुका था। इसके बाद यात्रियों को हादसे का पता लगा। हरिद्वार से कोटा आ रहे पार्षद अनिल सुवालका ने बताया कि उनकी दादी का निधन हो गया था।
वे अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार गए थे। नंदादेवी एक्सप्रेस से लौट रहे थे। भरतपुर के निकट ट्रेन काफी तेज झटके के साथ धीरे-धीेरे रुक गई। गनीमत रही कि ट्रेन धीमी थी, ऐसे में पटरी से नीचे नहीं उतरी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रेन के दो हिस्से में बंटने की सूचना पर रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आला अधिकारियों के निर्देश पर इंजन समेत अलग हुए हिस्से को वापस लाया गया और फिर से अलग हुए हिस्से से जोड़कर ट्रेन को रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन करीब पौन घंटे लेट हो गई। कुछ ट्रेनों को अलग ट्रैक से निकाला गया।
विज्ञापन
इससे कुछ मालगाड़ी व यात्री गाड़ियां लेट हो गईं। कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्यिक प्रबंधक रोहित मालवीय ने बताया कि ट्रेन के एथ्री और और ए फोर कोच अनकपल होने का मामला सामने आया है। स्टाफ ने दोनों कोच को जोड़कर ट्रेन को कोटा के लिए रवाना कर दिया था। कोटा पहुंचने पर कोच को हटा दिया है। घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के दो हिस्सों में बंट जाने से पिछले हिस्से में बिजली एवं एसी बंद हो गया और ट्रेन धीरे-धीरे रुक गई। जबकि काफी देर तक ट्रेन नहीं चली तो यात्रियों ने कोच से नीचे उतर कर देखा। देखा ट्रेन के कुछ डिब्बे ट्रेक पर खड़े थे। इंजन व अगला हिस्सा आगे जा चुका था। इसके बाद यात्रियों को हादसे का पता लगा। हरिद्वार से कोटा आ रहे पार्षद अनिल सुवालका ने बताया कि उनकी दादी का निधन हो गया था।
विज्ञापन
वे अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार गए थे। नंदादेवी एक्सप्रेस से लौट रहे थे। भरतपुर के निकट ट्रेन काफी तेज झटके के साथ धीरे-धीेरे रुक गई। गनीमत रही कि ट्रेन धीमी थी, ऐसे में पटरी से नीचे नहीं उतरी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रेन के दो हिस्से में बंटने की सूचना पर रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आला अधिकारियों के निर्देश पर इंजन समेत अलग हुए हिस्से को वापस लाया गया और फिर से अलग हुए हिस्से से जोड़कर ट्रेन को रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन करीब पौन घंटे लेट हो गई। कुछ ट्रेनों को अलग ट्रैक से निकाला गया।
विज्ञापन
इससे कुछ मालगाड़ी व यात्री गाड़ियां लेट हो गईं। कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्यिक प्रबंधक रोहित मालवीय ने बताया कि ट्रेन के एथ्री और और ए फोर कोच अनकपल होने का मामला सामने आया है। स्टाफ ने दोनों कोच को जोड़कर ट्रेन को कोटा के लिए रवाना कर दिया था। कोटा पहुंचने पर कोच को हटा दिया है। घटना की जांच के आदेश दिए हैं।