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Hindi News ›   Rajasthan ›   Bharatpur News ›   Gulal will smell till Nepal, Kenya, Hong Kong

Bharatpur News: नेपाल , केन्या, हांगकांग तक महकेगा गुलाल

Fri, 15 Mar 2024 03:44 AM IST
Bharatpur bureau भरतपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2024 03:44 AM IST
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भरतपुर। मंदिरों में रोजाना भगवान को चढ़ाए जाने वाले फूलों से बनने वाला हर्बल गुलाल देश-विदेश में होली पर ठाकुरजी और भक्तों को महकाएगा। यह हर्बल गुलाल भरतपुर सहित देश के अन्य शहरों के साथ नेपाल, केन्या, हांगकांग तक होली में रंग जमाएगा। स्वर्ग संस्था की ओर से यह हर्बल गुलाल महिलाओं के द्वारा तैयार कराया जा रहा है।
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स्वर्ग संस्था के प्रबंधक बलवीर सिंह ने बताया कि होली के त्योहार पर गुलाल की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए संस्था ने हर्बल गुलाल तैयार करने की पहल की है। यह गुलाल मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूलों से तैयार किया जा रहा है। इसके लिए शहर के प्रमुख श्रीबांके बिहारी मंदिर, गणेश मंदिर, हनुमान मंदिर में चढ़ाए जाने वाले फूलों को इकट्ठा किया जाता है। संस्था ने करीब एक माह पहले से मंदिरों से फूल इकट्ठा करना शुरू कर दिया था। इन फूलों को सबसे पहले पानी में उबाला गया। इसके बाद पानी निकालकर फूलों को सुखाया जाता है। सूखने के बाद फूलों को अलग-अलग रंग के अनुसार पीसकर पाउडर बना लेते हैं। विभिन्न रंगों का करीब 700 किलो गुलाल तैयार किया गया है।
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बलवीर सिंह ने बताया कि हर्बल गुलाल में किसी तरह के रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। यहां तक कि इसकी खुशबू भी प्राकृतिक होती है। फूलों को उबालने से निकले पानी को बाद में पाउडर में मिक्स कर दिया जाता है। इसमें गोमूत्र और गुलाबजल भी डाला जाता है, जिससे गुलाल और महकने लगता है। बलवीर सिंह ने बताया कि संस्था दूसरी बार हर्बल गुलाल तैयार कर रही है। इस हर्बल गुलाल की नेपाल, केन्या, हांगकांग से भी मांग है। प्रदेश के अन्य जिलों व राज्यों में भी हर्बल गुलाल भेजा जाएगा। इसके लिए भरतपुर के कुछ प्रमुख ऑयल मिल मालिकों ने बुकिंग कराई है। ऑयल मिल मालिक पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, केरल तक अपने तेल के साथ गुलाल पहुंचाएंगे।
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हल्दी, चुकंदर, गाजर मिलाते हैं
पीले फूलों के पाउडर में हल्दी पाउडर मिक्स कर पीला गुलाल तैयार किया जाता है। इसी तरह गुलाबी गुलाल के लिए गुलाब के फूल का पाउडर, चुकंदर व गाजर का पाउडर मिक्स किया जाता है। हरे गुलाल के लिए फूलों की पत्तियों का पाउडर, पालक, हरे धनिये का पाउडर मिक्स किया जाता है।



महिलाओं को मिला रोजगार
बलवीर सिंह ने बताया कि हर्बल गुलाल बनाने में करीब दो दर्जन महिलाएं जुटी हुई हैं। यह अलग-अलग स्थान पर तो कुछ अपने घरों पर गुलाल तैयार कर रही हैं। हर्बल गुलाल की फुटकर कीमत 450 रुपये किलो रखी गई है। इससे महिलाओं को अच्छी आय होगी।
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