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Bharatpur News: टीटागढ़ वैगन के भरतपुर प्लांट में करंट लगने से मजदूर की मौत, 21 लाख के मुआवजे पर सहमति बनी
Sat, 23 Mar 2024 07:59 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 23 Mar 2024 07:59 PM IST
सार
टीटागढ़ वैगन की भरतपुर स्थित फैक्ट्री में एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक फैक्ट्री में हेल्पर के पद पर पांच महीने पहले ही लगा था और कल रात उसकी नाइट ड्यूटी थी।
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फैक्ट्री के बाहर मृतक के परिजन एवं सहयोगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले की टीटागढ़ वैगन फैक्ट्री में नाइट ड्यूटी पर काम कर रहे एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। इसके बाद फैक्ट्री के कर्मचारी और मृतक के परिजनों ने फैक्ट्री के बाहर जमा होकर मृतक को आर्थिक सहायता दिये जाने की मांग की। फैक्ट्री प्रशासन से बातचीत के बाद मृतक के परिजनों को 21 लाख रुपये एकमुश्त मुआवजा और 15 हजार रुपये महीना देने पर सहमति बनी।
मृतक मजदूर योगेश की 2 साल पहले ही शादी हुई थी और 5 महीने पहले ही वह यहां हेल्पर के पद पर लगा था। कल उसकी नाइट ड्यूटी थी। फैक्ट्री में मौजूद योगेश के साथियों ने बताया कि काम करते समय अचानक बिजली के तार के संपर्क में आने से करंट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मौत के बाद फैक्ट्री प्रशासन ने योगेश के शव को रात को ही आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। इसके बाद योगेश के परिजन और फैक्ट्री के मजदूरों ने फैक्ट्री के बाहर जमा होकर फैक्ट्री प्रशासन से मजदूर के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की। बाद में फैक्ट्री प्रशासन और परिजनों के बीच 21 लाख रुपये मुआवजा और 15 हजार रुपये पेंशन के रूप में दिए जाने पर सहमति बनी।
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मृतक मजदूर योगेश की 2 साल पहले ही शादी हुई थी और 5 महीने पहले ही वह यहां हेल्पर के पद पर लगा था। कल उसकी नाइट ड्यूटी थी। फैक्ट्री में मौजूद योगेश के साथियों ने बताया कि काम करते समय अचानक बिजली के तार के संपर्क में आने से करंट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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मौत के बाद फैक्ट्री प्रशासन ने योगेश के शव को रात को ही आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। इसके बाद योगेश के परिजन और फैक्ट्री के मजदूरों ने फैक्ट्री के बाहर जमा होकर फैक्ट्री प्रशासन से मजदूर के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की। बाद में फैक्ट्री प्रशासन और परिजनों के बीच 21 लाख रुपये मुआवजा और 15 हजार रुपये पेंशन के रूप में दिए जाने पर सहमति बनी।
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