Bharatpur Crime: मां की बेइज्जती का बदला लेने के लिए बेटे ने चाचा की हत्या की, पेट में घुसा दिया था सरिया
Bharatpur Crime: राजस्थान में भरतपुर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बेटे ने मां की बेइज्जती का बदला लेने के लिए अपने चाचा की हत्या कर दी और फरार हो गया।
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भरतपुर जिले के रुदावल थाना इलाके में एक युवक ने अपने चाचा के पेट में सरिया घुसा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। युवक ने अपनी मां की बेइज्जती का बदला लेने के लिए अपने चाचा की हत्या की। युवक के चाचा ने उसकी मां से किसी बात को लेकर गाली-गलौज की थी। घटना शुक्रवार सुबह 10 बजे की है।
बता दें कि रुदावल थाना इलाके के ब्रह्मबाद गांव में राधेश्याम और उसकी भाभी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। रोहित चेन्नई में मजदूरी करता है। वह होली पर अपने घर आया था। उसके बाद वह अपने मामा के घर चला गया। जब वह अपने मामा के यहां से अपने गांव ब्रह्मवाद आया तो, उसे अपनी मां और चाचा के विवाद का पता लगा।
गांव के किसी व्यक्ति ने उसे बताया कि उसके पीछे से उसकी मां को उसके चाचा राधेश्याम ने गालियां दी हैं। इसके बाद रोहित ने अपने चाचा पर मजदूरी के लिए जाते समय पोस्ट ऑफिस पर हमला कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद रोहित मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोग राधेश्याम को लेकर तुरंत बयाना अस्पताल लेकर गए। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। बयाना अस्पताल में ही राधेश्याम के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया।
ठगों को सिम उपलब्ध कराने वाले तीन गिरफ्तार
डीग जिला पुलिस ने साइबर ठगों को फर्जी सिम उपलब्ध करवाने वाली गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। तीन आरोपियों से 187 फर्जी सिम बरामद की गई है। सभी सिम पश्चिम बंगाल की हैं।
आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि लियाकत नाम के आरोपी के मामा पश्चिम बंगाल में रहते हैं। उन्होंने लियाकत की शादी 2022 में पश्चिम बंगाल में करवा दी थी। शादी के बाद लियाकत अपनी ससुराल आता-जाता रहता था। लियाकत के ताऊ का लड़का आंसू ऑनलाइन ठगी, फर्जी सिम बेचने का काम करता था, जिसकी साल 2024 मौत हो चुकी है। आंसू की मौत के बाद लियाकत रक्कू गैंग में शामिल हो गया। रक्कू गैंग ठगी का काम करती थी। लियाकत रक्कू की गैंग के लिए फर्जी सिम पश्चिम बंगाल से लाकर देता था। लियाकत के मामा सद्दाम और उसकी मौसी का लड़का साबिर गांव-गांव घूमते और लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम से सिम निकालते। उसके बाद लियाकत अपने मामा के पास जाकर सिम ले आता और रक्कू गैंग को बेचता।
पूछताछ में हुआ खुलासा
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह साल 2024 में 3 बार कलकत्ता जाकर सिम ला चुका है। पहली बार में वह 70 सिम लेकर आया था। दूसरी बार में वह 120 सिम लेकर आया था। रक्कू ने फिर से सिम की डिमांड की तो, लियाकत 187 लेकर आया। लियाकत 15 सौ से 2 हजार प्रति सिम को बेचता था और रक्कू को प्रति सिम 5 हजार से 10 हजार रुपये तक बेचता था। रक्कू की सहसन गांव में मोबाइल की दुकान है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लियाकत निवासी समसलका जोधपुर थाना पहाड़ी, रुकमुद्दीन निवासी सहसन थाना जुरहरा और महेंद्र निवासी सहसन थाना जुरहरा को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।