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Bharatpur : डिप्थीरिया के कारण बालिका समेत 7 बच्चों की मौत, जागरूकता के अभाव में लोग नहीं लगवाते हैं टीका
Mon, 14 Oct 2024 08:54 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 14 Oct 2024 08:54 PM IST
सार
डिप्थीरिया के कारण डीग जिले के मेवात क्षेत्र में एक बालिका समेत सात बच्चों की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांवों में पहुंचकर टीकाकरण शुरू कर दिया है। साथ ही विभाग द्वारा संदिग्ध बच्चों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भरतपुर रेंज के मेवात क्षेत्र के गांवों में बच्चों में डिप्थीरिया बीमारी फैलने लगी है, जिसमें एक बालिका सहित 7 बच्चों की मौत हो चुकी है। चिकित्सा विभाग और डब्ल्यूएचओ की टीमें उन गांवों में पहुंच गई है, जहां डिप्थीरिया से बच्चों की मौत हुई थी। साथ ही बच्चों में टीकाकरण शुरू करके संदिग्ध बच्चों के सैंपल लिये जा रहे हैं।
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डिप्थीरिया से डीग जिले के कांमा निवासी सुमित (7) पुत्र बनवारी लाल, अकरीन (5), नगर निवासी सुमित (6) पुत्र बाबू, मोनीष (3) पुत्र शरीफ, पहाड़ी निवासी आशिफ़ा (6) पुत्री आस मोहम्मद के अलावा नगर क्षेत्र के गांव दुन्दावल निवासी शेजान पुत्र वारिश खान की डिप्थीरिया से मौत हो चुकी है। इसके साथ ही दुन्दावल के ही शेजान की डिप्थीरिया बीमारी से जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। शेजान के ही बड़े भाई फैजान को डिप्थीरिया से ग्रसित होने के कारण जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
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Who की टीम ने गांव दुन्दावल में पहुंचकर सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में घर-घर में टीकाकरण शुरू कर दिया है। WHO के क्षेत्रीय को-ऑर्डिनेटर सुनील यादव ने बताया कि जीरो से 16 वर्ष तक के बच्चों में डिप्थीरिया बीमारी होती है, इसमें बच्चों के गले में सूजन, बुखार, खांसी हो जाती है और धीरे-धीरे ये विकराल रूप धारण कर लेती है, इस रोग से बचाव के लिए हर महीने गांव-गांव में घर-घर जाकर के टीकाकरण किया जाता है लेकिन कुछ लोगों ने अपने बच्चों को टीका नहीं लगवाया, जिसके कारण डिप्थीरिया से उनकी मौत हो गई।
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