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बाड़मेर: नौ तहसीलें गंभीर सूखाग्रस्त घोषित, पशुपालकों को राहत के लिए 10 चारा डिपो खुलेंगे
Sun, 25 Oct 2026 07:36 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Sun, 25 Oct 2026 07:36 PM IST
सार
राजस्थान सरकार ने खरीफ फसल वर्ष 2026 में कम बारिश और जल संकट के चलते बाड़मेर जिले की नौ तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया है। जिला प्रशासन ने पशुधन को बचाने के लिए पहले चरण में शिव, रामसर और गडरारोड तहसीलों की 10 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के जरिए रियायती दरों पर चारा उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान सरकार ने बाड़मेर जिले की नौ तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की। खरीफ फसल वर्ष 2026 (संवत 2083) में कम वर्षा, भूजल एवं सतही जल की कमी और फसलों की खराब स्थिति के कारण यह कदम उठाया है। इस निर्णय के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने पशुधन के संरक्षण और पशुपालकों की मदद के लिए प्रथम चरण में 10 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से सब्सिडी वाले चारे के वितरण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति
अधिसूचना के अनुसार जिले की गडरारोड, चौहटन, बाड़मेर, बायतू, सेड़वा, रामसर, शिव, धनाऊ और बाड़मेर (ग्रामीण) तहसीलों को गंभीर अकाल की श्रेणी में रखा है। इसके अतिरिक्त नोखड़ा और बाटाडू तहसील में जमीनी सत्यापन का कार्य पूरा करके प्रशासन ने प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिए हैं। राज्य सरकार से इन दोनों तहसीलों के संबंध में जल्द ही निर्णय आने की संभावना है। अकाल की स्थिति के कारण क्षेत्र के लघु एवं सीमांत कृषकों के सामने पशुधन बचाने की बड़ी चिंता खड़ी हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पशु शिविरों, पेयजल परिवहन और चारा डिपो संचालन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
प्रथम चरण में डिपो संचालन
अभाव ग्रस्त क्षेत्रों में पशुपालकों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने तीन प्रमुख तहसीलों शिव, रामसर और गडरारोड का चयन किया है। प्रथम चरण के अंतर्गत इन्हीं तीन तहसीलों की 10 चयनित ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से चारा डिपो संचालित होंगे। जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों से पात्र पशुपालकों को रियायती दरों पर चारा उपलब्ध कराएंगे। चारे का वितरण बिना किसी लाभ या हानि के आधार पर होगा। इस व्यवस्था से सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन के संरक्षण में मदद मिलेगी तथा पशुपालकों पर वित्तीय बोझ भी कम होगा।
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चयनित समितियां और निर्देश
प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार शिव तहसील की स्वामी का गांव, गूंगा, हड़वा, बिसू कला और उंडू ग्राम सेवा सहकारी समितियों में डिपो खुलेंगे। इसी प्रकार रामसर तहसील की देरासर, भाचभर और बबुगुलेरिया समितियों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। गडरारोड तहसील में जैसिंधर गांव तथा गडरारोड ग्राम सेवा सहकारी समिति के माध्यम से चारे का वितरण होगा। जिला कलक्टर ने संबंधित समितियों और विभागीय अधिकारियों को संचालन, चारा वितरण, परिवहन अनुदान, सत्यापन तथा रिकॉर्ड रखरखाव से जुड़े सभी नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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सूखा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति
अधिसूचना के अनुसार जिले की गडरारोड, चौहटन, बाड़मेर, बायतू, सेड़वा, रामसर, शिव, धनाऊ और बाड़मेर (ग्रामीण) तहसीलों को गंभीर अकाल की श्रेणी में रखा है। इसके अतिरिक्त नोखड़ा और बाटाडू तहसील में जमीनी सत्यापन का कार्य पूरा करके प्रशासन ने प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिए हैं। राज्य सरकार से इन दोनों तहसीलों के संबंध में जल्द ही निर्णय आने की संभावना है। अकाल की स्थिति के कारण क्षेत्र के लघु एवं सीमांत कृषकों के सामने पशुधन बचाने की बड़ी चिंता खड़ी हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पशु शिविरों, पेयजल परिवहन और चारा डिपो संचालन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
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प्रथम चरण में डिपो संचालन
अभाव ग्रस्त क्षेत्रों में पशुपालकों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने तीन प्रमुख तहसीलों शिव, रामसर और गडरारोड का चयन किया है। प्रथम चरण के अंतर्गत इन्हीं तीन तहसीलों की 10 चयनित ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से चारा डिपो संचालित होंगे। जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों से पात्र पशुपालकों को रियायती दरों पर चारा उपलब्ध कराएंगे। चारे का वितरण बिना किसी लाभ या हानि के आधार पर होगा। इस व्यवस्था से सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन के संरक्षण में मदद मिलेगी तथा पशुपालकों पर वित्तीय बोझ भी कम होगा।
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चयनित समितियां और निर्देश
प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार शिव तहसील की स्वामी का गांव, गूंगा, हड़वा, बिसू कला और उंडू ग्राम सेवा सहकारी समितियों में डिपो खुलेंगे। इसी प्रकार रामसर तहसील की देरासर, भाचभर और बबुगुलेरिया समितियों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। गडरारोड तहसील में जैसिंधर गांव तथा गडरारोड ग्राम सेवा सहकारी समिति के माध्यम से चारे का वितरण होगा। जिला कलक्टर ने संबंधित समितियों और विभागीय अधिकारियों को संचालन, चारा वितरण, परिवहन अनुदान, सत्यापन तथा रिकॉर्ड रखरखाव से जुड़े सभी नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।