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जनता का दिल जीतने के लिए लुभावने घोषणापत्र पर मंथन कर रही कांग्रेस
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 15 Oct 2018 12:55 PM IST
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Congress
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राजस्थान विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। यहां 7 दिसंबर को मतदान होना है। जैसे-जैसे चुनावी नजदीक आ रहे हैं सत्ता की ये लड़ाई दिलचस्प होती दिख रही है। चुनावी सर्वे सत्ता में कांग्रेस की वापसी का अनुमान जता रहे हैं। चुनावी जंग के अलावा अब राजस्थान में बीजेपी कांग्रेस के बीच घोषणापत्र तैयार करने को लेकर होड़ शुरू होती दिख रही है। यह होड़ सबसे अच्छा और लुभावना घोषणापत्र तैयार करने की है।
दोनों ही पार्टियां जनता का घोषणापत्र जनता द्वारा तैयार करने की बात कह रही हैं। शनिवार को भाजपा नेताओं ने मुख्यालय में आयोजित बैठक में घोषणापत्र जल्द जारी करने के संकेत दिए थे। इसके तुरंत बाद रविवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने जनता के बीच जाकर उनके मुद्दे घोषणापत्र में शामिल किए जाने की बात कही।
जयपुर में रविवार को घोषणापत्र कमेटी के अलावा चुनाव तैयारियों से जुड़ी सभी कमेटियों की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और अविनाश पांडे समेत कई नेता शामिल हुए। इस बैठक में चर्चा का मुख्य विषय कांग्रेस घोषणापत्र रहा। बैठक में इस बात पर मंथन किया गया कि घोषणापत्र कैसे और कौन बनाए। सचिन पायलट ने कहा कि पार्टी जिला और विधानसभा स्तर पर आम जनता से बात करके उनके मुद्दों को घोषणापत्र में शामिल करेगी।
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गौरतलब है कि 2008 में चुनाव जीतते ही तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कांग्रेस का घोषणापत्र सरकारी मशीनरी को सौंप दिया था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सभी घोषणाओं को पूरा करने का दावा किया था। लेकिन 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई थी। अब इस बार कांग्रेस, भाजपा पर घोषणापत्र के वादे नहीं पूरा करने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी अपने चुनावी भाषणों में सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप लगा रहे हैं।
बता दें कि राजस्थान विधानसभा के लिए मतदान 7 दिसंबर को होगा और मतगणना 11 दिसंबर को होगी।
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दोनों ही पार्टियां जनता का घोषणापत्र जनता द्वारा तैयार करने की बात कह रही हैं। शनिवार को भाजपा नेताओं ने मुख्यालय में आयोजित बैठक में घोषणापत्र जल्द जारी करने के संकेत दिए थे। इसके तुरंत बाद रविवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने जनता के बीच जाकर उनके मुद्दे घोषणापत्र में शामिल किए जाने की बात कही।
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जयपुर में रविवार को घोषणापत्र कमेटी के अलावा चुनाव तैयारियों से जुड़ी सभी कमेटियों की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और अविनाश पांडे समेत कई नेता शामिल हुए। इस बैठक में चर्चा का मुख्य विषय कांग्रेस घोषणापत्र रहा। बैठक में इस बात पर मंथन किया गया कि घोषणापत्र कैसे और कौन बनाए। सचिन पायलट ने कहा कि पार्टी जिला और विधानसभा स्तर पर आम जनता से बात करके उनके मुद्दों को घोषणापत्र में शामिल करेगी।
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गौरतलब है कि 2008 में चुनाव जीतते ही तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कांग्रेस का घोषणापत्र सरकारी मशीनरी को सौंप दिया था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सभी घोषणाओं को पूरा करने का दावा किया था। लेकिन 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई थी। अब इस बार कांग्रेस, भाजपा पर घोषणापत्र के वादे नहीं पूरा करने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी अपने चुनावी भाषणों में सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप लगा रहे हैं।
बता दें कि राजस्थान विधानसभा के लिए मतदान 7 दिसंबर को होगा और मतगणना 11 दिसंबर को होगी।