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राजस्थान: अवैध हथियार आपूर्ति मामले में गैंगस्टर आरजू बिश्नोई के गिरफ्तार पिता को जेल भेजा
Sun, 25 Oct 2026 03:27 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री गंगानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री गंगानगर
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Sun, 25 Oct 2026 03:27 PM IST
सार
राजस्थान के रावला में अवैध हथियारों की आपूर्ति के मामले में गिरफ्तार गैंगस्टर आरजू बिश्नोई के पिता दलीप कुमार को अदालत ने जेल भेज दिया है। पुलिस ने 13 अक्टूबर को रावला मंडी के एक मकान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर दो अवैध पिस्टल और 43 कारतूस बरामद किए थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर आरजू बिश्नोई के पिता दलीप कुमार को अदालत ने जेल भेज दिया है। रावला पुलिस ने पंजाब के अबोहर क्षेत्र स्थित राजावाली गांव निवासी दलीप कुमार को अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच के मामले में पकड़ा था।
आरोप-दलीप ने दिए थे हथियार
इस प्रकरण की शुरुआत 13 अक्तूबर को हुई, जब पुलिस टीम ने रावला मंडी के वार्ड नंबर 11 स्थित एक मकान में दबिश दी। इस कार्रवाई में रावला थाना प्रभारी बलवंत कुमार और बॉर्डर डीएसटी प्रभारी लालबहादुर शामिल थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से विष्णु कुमार उर्फ निंजा, दिलप्रीत सिंह उर्फ डीके और सुधीर कुमार उर्फ धीरू को पकड़ा। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से दो अवैध पिस्टल और 43 कारतूस बरामद किए थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ये हथियार दलीप कुमार से लाए थे। इसके बाद पुलिस ने दलीप कुमार को इस मामले में नामजद आरोपी बनाया।
विशेष टीम कर रही नेटवर्क की जांच
प्रकरण की जांच रावला थाने के द्वितीय थाना प्रभारी गिरधारी सिंह कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने हथियारों की आपूर्ति और आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल के लिए विशेष टीम बनाई है। यह टीम पंजाब से रावला क्षेत्र तक हथियार पहुंचने के माध्यम और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। मामले में गैंगस्टर आरजू बिश्नोई से जुड़े संपर्कों के अलावा रावला क्षेत्र के डीओएल निवासी कार्तिक जाखड़ की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इससे पहले भी पुलिस ने आरजू बिश्नोई और कार्तिक जाखड़ के पांच गुर्गों को गिरफ्तार किया था।
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जमानत के बाद से फरार है गैंगस्टर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार खुद को फोन पर आरजू बिश्नोई बताने वाला व्यक्ति पुराना हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ रंगदारी मांगने, गोलीबारी करने और अवैध वसूली जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद से ही पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों की जांच कर रही है, ताकि गिरफ्तारियों और हथियारों की बरामदगी को जोड़कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
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आरोप-दलीप ने दिए थे हथियार
इस प्रकरण की शुरुआत 13 अक्तूबर को हुई, जब पुलिस टीम ने रावला मंडी के वार्ड नंबर 11 स्थित एक मकान में दबिश दी। इस कार्रवाई में रावला थाना प्रभारी बलवंत कुमार और बॉर्डर डीएसटी प्रभारी लालबहादुर शामिल थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से विष्णु कुमार उर्फ निंजा, दिलप्रीत सिंह उर्फ डीके और सुधीर कुमार उर्फ धीरू को पकड़ा। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से दो अवैध पिस्टल और 43 कारतूस बरामद किए थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ये हथियार दलीप कुमार से लाए थे। इसके बाद पुलिस ने दलीप कुमार को इस मामले में नामजद आरोपी बनाया।
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विशेष टीम कर रही नेटवर्क की जांच
प्रकरण की जांच रावला थाने के द्वितीय थाना प्रभारी गिरधारी सिंह कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने हथियारों की आपूर्ति और आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल के लिए विशेष टीम बनाई है। यह टीम पंजाब से रावला क्षेत्र तक हथियार पहुंचने के माध्यम और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। मामले में गैंगस्टर आरजू बिश्नोई से जुड़े संपर्कों के अलावा रावला क्षेत्र के डीओएल निवासी कार्तिक जाखड़ की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इससे पहले भी पुलिस ने आरजू बिश्नोई और कार्तिक जाखड़ के पांच गुर्गों को गिरफ्तार किया था।
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जमानत के बाद से फरार है गैंगस्टर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार खुद को फोन पर आरजू बिश्नोई बताने वाला व्यक्ति पुराना हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ रंगदारी मांगने, गोलीबारी करने और अवैध वसूली जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद से ही पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों की जांच कर रही है, ताकि गिरफ्तारियों और हथियारों की बरामदगी को जोड़कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।