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द्रौपदी के चीरहरण और सीता के अपहरण से जघन्य है थानागाजी सामूहिक दुष्कर्म: कोर्ट
Tue, 06 Oct 2020 01:48 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 06 Oct 2020 01:48 PM IST
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अलवर की एक अदालत ने ठहराया दोषी
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अलवर की विशेष अदालत ने 2019 में बहुचर्चित थानागाजी सामूहिक दुष्कर्म मामले में चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। चारों को मरते दम तक जेल में ही रहना होगा। वहीं, घटना का वीडियो बनाने और वायरल करने के दोषी को आईटी एक्ट के तहत पांच साल की सजा दी। न्यायाधीश बृजेश कुमार शर्मा ने करीब 17 माह की सुनवाई के बाद मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा, यह मामला द्रौपदी के चीरहरण और सीता के अपहरण से भी ज्यादा जघन्य है। यह घटना समाज को झकझोरने वाली है। दोषियों को जितनी सजा दी जाए, कम है।
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न्यायाधीश शर्मा ने आईसीपी की धारा 376 के तहत मुख्य अभियुक्त हंसराज गुर्जर, अशोक गुर्जर, छोटेलाल गुर्जर और इंद्रराज गुर्जर को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं घटना का वीडियो बनाने वाले मुकेश गुर्जर को पांच साल की सजा दी गई है। कोर्ट ने दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, यह राशि पीड़िता को दी जाएगी। इस केस में फैसला सुनाने के बाद न्यायाधीश शर्मा सेवानिवृत्त हो गए। मामले में एक नाबालिग आरोपी भी है, जिसके खिलाफ किशोर न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
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पिछले साल 26 अप्रैल को अलवर में थानागाजी इलाके में दोषियों ने पति के सामने ही महिला से दुष्कर्म किया था। महिला अपने पति के साथ मोटरसाइकिल पर जा रही थी। इस सामूहिक दुष्कर्म का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि आरोपियों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में महिला हाथ जोड़कर दुष्कर्म नहीं करने का आग्रह कर रही है, लेकिन आरोपी दुष्कर्म करते रहते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। मामले की सुनवाई एससी-एसटी की विशेष अदालत में हुई थी।
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गहलोत ने किया फैसले का स्वागत
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, मामले में सभी जांच अधिकारी, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी प्रशंसा के पात्र हैं। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाए और सभी मामलों की निष्पक्ष व त्वरित सुनवाई हो।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने से पहले राजस्थान सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया था। जिस पर राजस्थान सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। दो मई को दायर की गई एफआईआर के मुताबिक, चार पुरुषों और एक नाबालिग ने दुहर चौगान के बाद थानागाजी और तलवरीकाश तीन घंटे तक महिला के साथ दुष्कर्म किया।
महिला के साथ इस जघन्य अपराध को करने से पहले उन्होंने महिला के पति को पीटा और इसकी घटना को कैमरे में कैद कर लिया। आरोपियों ने महिला से वीडियो सोशल मीडिया पर ना डालने के लिए दस हजार रुपये की मांग भी की थी। हालांकि सरकार ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ही एक्शन लिया।