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राजस्थान: एक कार्ड से शुरू हुआ मामला, दोस्तों और कर्मचारियों तक पहुंचा जाल; एक करोड़ से अधिक की ठगी का आरोप
Wed, 14 Oct 2026 06:21 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Wed, 14 Oct 2026 06:21 PM IST
सार
राजस्थान के अलवर में क्रेडिट कार्ड के जरिए 1.02 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने दंपती के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि हेमंत गुप्ता और उसकी पत्नी श्वेता खंडेलवाल ने व्यापार और इलाज के नाम पर रकम हड़पी।
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क्रेडिट कार्ड के जरिये एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामला।
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
न्यायालय के निर्देश पर अलवर के अरावली विहार थाना पुलिस ने क्रेडिट कार्ड के जरिये एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में दंपती के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कालाकुआं निवासी परिवादी ने हेमंत गुप्ता और उसकी पत्नी श्वेता खंडेलवाल पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए अदालत में परिवाद पेश किया था। आरोप है कि आरोपी ने व्यापार और पत्नी के इलाज के नाम पर कुल 1.02 करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़प ली है। अरावली विहार थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
क्रेडिट कार्ड पर मुनाफे का झांसा
परिवादी के अनुसार आरोपी हेमंत गुप्ता से उसकी पुरानी पहचान थी। वर्ष 2020 में आरोपी ने अपने व्यवसाय के लिए कुछ समय के लिए रुपयों की जरूरत बताते हुए परिवादी और उसकी पत्नी के क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने के लिए मांगे थे। उसने कार्ड से खर्च राशि समय पर चुकाने और बदले में एक प्रतिशत लाभ देने की बात कही थी। शुरुआत में समय पर भुगतान मिलने से पीड़ित का विश्वास बढ़ गया। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित से उसके दोस्तों, परिजनों और कर्मचारियों के क्रेडिट कार्ड भी इस्तेमाल के लिए दिलवाने को कहा।
विभिन्न कार्डों से लाखों का भुगतान
परिवाद में क्रेडिट कार्ड से इस्तेमाल की गई राशि का अलग-अलग विवरण दिया गया है। इसके मुताबिक परिवादी अनूप के 27 क्रेडिट कार्ड से लगभग 33.03 लाख रुपये और उसकी पत्नी के चार कार्ड से करीब 3.85 लाख रुपये खर्च किए गए। इसी तरह दोस्त निखिल जैन के 13 कार्ड से करीब 33.65 लाख रुपये, एक अन्य दोस्त के छह कार्ड से 6.71 लाख रुपये तथा परिवार और कर्मचारियों के कार्ड से लगभग 14.93 लाख रुपये इस्तेमाल हुए। इन सभी कार्डों से कुल 92.19 लाख रुपये का उपयोग किया गया।
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इलाज के नाम पर अतिरिक्त रकम
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी ने अपनी पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए 10 लाख रुपये मांगे थे, जो ऑनलाइन माध्यम से उसके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए थे। जुलाई 2026 से आरोपी ने बकाया राशि का भुगतान बंद कर दिया, जिसके बाद बैंकों ने पीड़ितों से संपर्क किया। न्यूनतम बकाया राशि के रूप में शिकायतकर्ता को लगभग पांच लाख रुपये जमा कराने पड़े। जब परिवादी ने राशि मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा और फिर फोन बंद कर लिए। परिवादी का आरोप है कि आरोपी अपने पूरे परिवार के साथ घर से फरार हो गया है।
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क्रेडिट कार्ड पर मुनाफे का झांसा
परिवादी के अनुसार आरोपी हेमंत गुप्ता से उसकी पुरानी पहचान थी। वर्ष 2020 में आरोपी ने अपने व्यवसाय के लिए कुछ समय के लिए रुपयों की जरूरत बताते हुए परिवादी और उसकी पत्नी के क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने के लिए मांगे थे। उसने कार्ड से खर्च राशि समय पर चुकाने और बदले में एक प्रतिशत लाभ देने की बात कही थी। शुरुआत में समय पर भुगतान मिलने से पीड़ित का विश्वास बढ़ गया। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित से उसके दोस्तों, परिजनों और कर्मचारियों के क्रेडिट कार्ड भी इस्तेमाल के लिए दिलवाने को कहा।
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विभिन्न कार्डों से लाखों का भुगतान
परिवाद में क्रेडिट कार्ड से इस्तेमाल की गई राशि का अलग-अलग विवरण दिया गया है। इसके मुताबिक परिवादी अनूप के 27 क्रेडिट कार्ड से लगभग 33.03 लाख रुपये और उसकी पत्नी के चार कार्ड से करीब 3.85 लाख रुपये खर्च किए गए। इसी तरह दोस्त निखिल जैन के 13 कार्ड से करीब 33.65 लाख रुपये, एक अन्य दोस्त के छह कार्ड से 6.71 लाख रुपये तथा परिवार और कर्मचारियों के कार्ड से लगभग 14.93 लाख रुपये इस्तेमाल हुए। इन सभी कार्डों से कुल 92.19 लाख रुपये का उपयोग किया गया।
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इलाज के नाम पर अतिरिक्त रकम
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी ने अपनी पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए 10 लाख रुपये मांगे थे, जो ऑनलाइन माध्यम से उसके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए थे। जुलाई 2026 से आरोपी ने बकाया राशि का भुगतान बंद कर दिया, जिसके बाद बैंकों ने पीड़ितों से संपर्क किया। न्यूनतम बकाया राशि के रूप में शिकायतकर्ता को लगभग पांच लाख रुपये जमा कराने पड़े। जब परिवादी ने राशि मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा और फिर फोन बंद कर लिए। परिवादी का आरोप है कि आरोपी अपने पूरे परिवार के साथ घर से फरार हो गया है।