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Ajmer: नेहरू युवा केंद्र में हुआ 'वतन को जानो' कार्यक्रम, कश्मीरी युवाओं को बताए स्वामी विवेकानंद के आदर्श

Thu, 17 Oct 2024 08:40 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर Published by: अजमेर ब्यूरो Updated Thu, 17 Oct 2024 08:40 PM IST
सार

अजमेर के नेहरू युवा केंद्र द्वारा 'वतन को जानो' कार्यक्रम के तहत कश्मीरी युवाओं के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। जिला युवा अधिकारी जयेश मीना ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया, जबकि प्रोफेसर डॉ. मनोज अवस्थी ने कश्मीर घाटी के मुद्दों पर चर्चा की।

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Ajmer: Swami Vivekananda's ideals told to Kashmiri youth at Nehru Yuva Kendra
कश्मीरी युवा राजस्थानी संस्कृति से हुए अभिभूत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सहयोग से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय नेहरू युवा केंद्र अजमेर द्वारा आयोजित एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के तहत कश्मीरी युवा आदान प्रदान कार्यक्रम 'वतन को जानो' का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन नेहरू युवा केन्द्र अजमेर के जिला युवा अधिकारी जयेश मीना ने कश्मीरी युवाओं को युवाओं के आदर्श स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सतत् सीखने का प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि युवाओं की भागीदारी एवं उनके प्रयासों से ही भारत विश्व गुरु बनेगा। वतन को जानो कार्यक्रम में देश को जानने के साथ साथ एक दूसरे से पारस्परिक संवाद करने के अवसर प्राप्त होते हैं। अजमेर से कश्मीर लौटने पर अपने परिवार, समाज के लोगों में राजस्थान की संस्कृति, रीतिरिवाज़ों, खानपान, पहनावा और विविधता में रची बसी एकता की ताकत बताए।
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सन्दर्भ व्यक्ति एवं वक्ता डॉ. मनोज अवस्थी, प्रोफेसर राजनीतिक विज्ञान सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय अजमेर ने अपने सम्बोधन में कश्मीरी वैली के मुद्दों पर विषयगत चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी समस्या को जानने के लिए उसकी गहराई और इतिहास को समझना होगा। उन्होंने बताया कि एक्शन का रिएक्शन होता है। इसके लिए आर्थिक विकास को बढ़ाना होगा, रोजगार एवं पर्यटन, लघु उद्योग को प्रोत्साहित कर युवाओं के हुनर को पहचानना होगा। हमें रोजगार के साथ-साथ विकास की जरूरत है। जितना हम देश से जुड़ना चाहते हैं, यह देश भी उससे आगे जुड़ना चाहता हैं। युवा आगे बढ़ते हुए संविधान के प्रावधानों के अन्तर्गत ही बदलाव के लिए तैयार रहे। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप से हम कोई भी नया काम प्रारंभ कर देश के विकास में भागीदार बन सकते हैं। क्षेत्र की शान्ति के लिए जरूरी है एक दूसरे पर विश्वास करें।
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कश्मीरी युवा राजस्थानी संस्कृति से हुए अभिभूत
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द्वितीय सत्र में महिला जन अधिकार समिति की प्रबंधक ध्वनि मिश्रा ने केरियर काउंसलिंग पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी रुचि हमारी क्षमताओं को विकसित करती हैं। हमारी भविष्य के बारे में क्या सोच है। हमारी अपेक्षाएं, सुनने की क्षमता, मानव मस्तिक में ग्रहण करने की क्षमताओं को पहचानना होगा। समय की पाबंदी, शीखने की कला, व्यवहार हमारे व्यवहारिक जीवन में आवश्यक हैं। हम किसी कार्य को जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। हमें हमारी कमियों, कम्युनिकेशन स्केल, समय प्रबंधन स्थानीय अवसरों को भी केरियर के साथ देखना होगा। हम अपना नेटवर्क को बढ़ाने, मार्केट का मूल्यांकन करने, चुनौतियों का मुकाबला करना पड़ेगा। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. संजय राय, डॉ. अभिषेक ठाकुर, डॉ. सुधीर मस्के ने भी अपने विचारों से कश्मीरी युवाओं को बदलाव के लिए चेंजमेकर बन कर कार्य करने, युवा देश का भविष्य है, बदलाव के लिए स्वयं में बदलाव करना होगा। तभी समाज में बदलाव आएगा। हमें रोल मॉडल बनकर देश के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया।


तृतीय सत्र में अनूप कुमार आत्रेय सहायक आचार्य अर्थशास्त्र विभाग सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय अजमेर ने विकसित भारत 2047 ने युवाओं से 2047 के भारत के दृश्य को अपने दिमाग में बनाने की बात कही। विकसित भारत में हमारा क्या सहयोग हो सकता है, ये सवाल हमे खुदसे पूछना है। हमें अपने जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए उत्पादन क्षमता, आत्मनिर्भरता एवं समता बनाये रखने की बात कही।

कश्मीरी युवाओं ने समूह नृत्य की प्रस्तुति की
श्रीनगर से तौश-तौश नृत्य की प्रस्तुति की, जिसमें बुलबुल के माध्यम से आज़ाद परिंदे की भावना को दर्शाया गया। अनंतनाग से प्रतिभागियों ने रूफ रानी दामन की प्रस्तुति दी। बारामुल्ला से अबशार-अबशार प्रणय गीत पर समूह नृत्य की प्रस्तुति दी। बारामुल्ला से समूह नृत्य में पंजाबी गीत दिल ले गयी कुड़ी-कुड़ी गुजरात दी पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में कश्मीर के छ: जिलों बारामुल्ला, कुपवाड़ा, पुलवामा, श्रीनगर, अनंतनाग एवं बड़गांव से करीब 132 युवा भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर नेहरू युवा केन्द्र चूरू के जिला युवा अधिकारी मंगलराम जाखड़ एवं जिला युवा अधिकारी अलवर पंकज यादव भी उपस्थित थे। मंगल राम जाखर ने नेहरू युवा केन्द्र संगठन की रूप रेखा से सभी को अवगत कराया। अनंतनाग के नौमान चौधरी ने नेहरू युवा केन्द्र को नौजवानों की आवाज़ उठाने का माध्यम बताया। कार्यक्रम का संचालन शिल्पा कच्छावा, उपाचार्य राजकीय केंद्रीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पुरानी मंडी अजमेर ने किया। रेखा शर्मा ने कार्यक्रम आयोजन में विशेष योगदान दिया। महाराणा प्रताप युवा मंडल के सदस्यों ने स्वयंसेवक के रूप में सहायता दी।
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