फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Ajmer News ›   the chief medical officer and doctors opened a front against each other In Kekri

Kekri News: जिला अस्पताल खुद हुआ बीमार, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी व चिकित्सकों ने एक दूसरे के खिलाफ खोला मोर्चा

Wed, 02 Oct 2024 03:27 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 02 Oct 2024 03:27 PM IST
सार

Kekri News: मरीजों का इलाज करने वाला केकड़ी का जिला अस्पताल खुद बीमार हो गया है। मरीजों की सेवा व चिकित्सा की शपथ लेने वाले डॉक्टर इन दिनों यहां चर्चा में है। अस्पताल में अव्यवस्थाओं को लेकर पीएमओ व चिकित्सकों के बीच परस्पर आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

विज्ञापन
the chief medical officer and doctors opened a front against each other In Kekri
केकड़ी अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केकड़ी में एक तरफ राजकीय जिला अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों ने पीएमओ डॉ नवीन जांगिड़ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए उन पर तानाशाही रवैया अपनाने व जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों के प्रति मरीजों व क्षेत्र की जनता में भ्रम व अविश्वास की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर पीएमओ डॉ नवीन जांगिड़ ने चिकित्सकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि कुछ चिकित्सकों ने अस्पताल में मरीजों के साथ लूट मचा रखी है। उनकी लूट उजागार ना हो जाए, इस डर से वे एकजुट होकर मेरे खिलाफ हो गए है।

विज्ञापन


दोनों ही पक्षों के बीच अंदर ही अंदर मची यह गदर उस समय सामने आई, जब राजकीय जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों ने जिला कलक्टर श्वेता चौहान को गत दिनों एक ज्ञापन देकर अस्पताल के पीएमओ पर कई गंभीर आरोप लगाए। ज्ञापन में कहा गया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को पीएमओ द्वारा अनावश्यक बाहरी जांचें एवं दवाईयां लिखकर मानसिक व आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अस्पताल में आए दिन डॉक्टरों के कक्षों को मनमर्जी से बदला जा रहा है, जिससे अस्पताल में आने वाले मरीज परेशान होते हैं।
विज्ञापन


ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पीएमओ द्वारा ऑपरेशन थियेटर एवं आईसीयू में अनावश्यक हस्तक्षेप के कारण लम्बे समय से इंतजार कर रहे मरीजों के पूर्व निर्धारित ऑपरेशन स्थगित करने पड़ रहे है। ज्ञापन में डॉक्टरों ने बताया कि पीएमओ स्वयं निश्चेतना विशेषज्ञ है, जो आईसीयू के प्रोटोकॉल को जानते है, इसके बाद भी वे आईसीयू को अपने निजी जनरल वार्ड के रूप में उपयोग कर रहे है। जिसके चलते गंभीर व अति गंभीर मरीज को आईसीयू की सुविधा नहीं मिल पा रही है और मजबूरन मरीजों को रैफर करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ज्ञापन में पीएमओ पर यह भी आरोप लगाया गया कि उनके द्वारा लेबर रूम में जाकर बिना विशेषज्ञ की राय के गर्भवती महिलाओं का इलाज व प्रसव किया जाता है। ज्ञापन देने के दौरान अस्पताल के कनिष्ठ विशेषज्ञ डॉ मानसिंह बैरवा, डॉ रोहित पारीक, डॉ मुनेश कुमार गौड़, डॉ डीडी गुप्ता, डॉ अरुण कुमार भण्डारी, डॉ यशपाल सिंह, डॉ अनूप कुमार, डॉ लोकेश मीणा, डॉ देवेन्द्र शर्मा, डॉ गविश लखीवाल, डॉ लोकेश वर्मा, डॉ शिखा असावा आदि डॉक्टर मौजूद थे।

दूसरी ओर इस संबंध में राजकीय जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन जांगिड़ का कहना है कि जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों के द्वारा मेरी कार्यशैली पर जो आरोप लगाए गए है, वो निराधार है। जो भी चिकित्सक ज्ञापन देने में शामिल है, उन्होंने हॉस्पिटल में मरीजों के साथ लूट मचा रखी है। उनकी लूट उजागर ना हो जाए, इस डर से वे एकजुट होकर मेरे खिलाफ हो गए है। डॉ जांगिड़ ने कहा कि मैं पीएमओ के साथ साथ एमडी व एमबीबीएस डॉक्टर हूं तथा मुझे 13 साल का अनुभव है। जिन विभागों में चिकित्सक नहीं रहते उनके मरीजों को परेशानी ना हो इसलिए मैं मरीजों को हॉस्पिटल में उपलब्ध जांचे व दवाईयां लिखता हूं। मुझ पर आरोप लगाने वाले ये वे चिकित्सक है, जो हॉस्पिटल के बजाय अपने घर पर मरीज देखने में ज्यादा विश्वास करते है। अस्पताल में ही मरीजों को समुचित चिकित्सा मिल सके, इसके लिए सभी चिकित्सकों को ओपीडी समय में पूरा समय सीट पर बैठने के लिए पाबन्द करने के कारण ये सब मेरे विरुद्ध हैं।


अब पीएमओ जांगिड़ ने कलक्टर को ज्ञापन देने वाले सभी 14 चिकित्सकों को नोटिस दिया है, जिसमें उनसे शिकायत की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। जांगिड़ ने कहा कि प्रमुख चिकित्सा अधिकारी व विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाये बिना ही जिला कलक्टर के पास शिकायत प्रस्तुत करना राजस्थान सेवा नियमों का उल्लंघन है। इससे संस्था व स्वयं चिकित्सकों की छवि खराब हुई है। अस्पताल के पीएमओ व यहां कार्यरत चिकित्सको के बीच इस खींचतान ने अस्पताल में गम्भीर स्थिति उत्पन्न कर दी है। मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सक व अस्पताल को व्यवस्थित रखने के जिम्मेवार प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के ही एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल लेने से यह अंदाज सहज ही लगाया जा सकता है कि अस्पताल में किस तरह के हालात बने हुए होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed