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Ajmer News: कश्मीरी युवाओं ने तिलोनिया गांव का किया शैक्षणिक भ्रमण, ग्रामीण संस्कृति एवं औद्योगिकरण को जाना
Fri, 18 Oct 2024 08:06 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2024 08:06 PM IST
सार
भारत सरकार के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' योजना के तहत 'वतन को जानो' कार्यक्रम में कश्मीरी युवाओं को तिलोनिया स्थित बेयरफुट कॉलेज और किशनगढ़ मार्बल डंपयार्ड में शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। युवाओं ने सामाजिक कार्यों, ग्रामीण विकास और पर्यटन उद्योग में युवाओं की भागीदारी पर चर्चाएं सुनीं।
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कश्मीरी युवाओं ने तिलोनिया गांव का किया शैक्षणिक भ्रमण।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सहयोग से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के माय भारत (ने.यु.के) अजमेर द्वारा आयोजित 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' योजना के तहत कश्मीरी युवा आदान प्रदान कार्यक्रम- 'वतन को जानो' कार्यक्रम के तृतीय दिवस पर कश्मीरी युवाओं को 03 बसों से तिलोनिया स्थित सामाजिक कार्य एवं अनुसंधान केन्द्र बेयर फुट कॉलेज में शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
इस दौरान आयोजित शैक्षणिक सत्र के दौरान वक्ता डॉ. अभिनव कमल रैना एसोसिएट प्रोफेसर व्यावसायिक एवं पर्यटन विभाग एवं विजिटिंग प्रोफेसर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने अपने कश्मीरी युवाओं को अपने प्रेरक उद्धबोधन में पर्यटन विकास में युवाओं की भागीदारी पर विचार प्रकट करते हुए कहा कि हमें अपने पारंपरिक पर्यटन के लिए कार्य करना है, युवाओं की विशिष्ठ भागीदारी से पर्यटन उद्योग तेजी से विकास में भागीदार बन रहा है।
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पर्यटन विकास के लिए नए आगंतुकों को आकर्षित करने, स्वरोजगार के क्षेत्र को बढ़ावा देने, पर्यटन से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने, इससे जुड़े कार्यकमों का नेतृत्व करने, अनुभवों को साझा करने, सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिकार बनने एवं उसका क्रियान्वयन करने की जरूरत बताई। उन्होंने बताया कि पर्यटन उधोग देश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन में मदद करता है। भारत में पर्यटन उधोग का देश के सकल घरेलू उत्पाद में अहम योगदान है। उन्होंने युवाओं के भारतीय पर्यटन दृष्टिकोण संभावनाओं से अवगत कराते हुए कहा कि हमारी समृद्धि सांस्कृतिक विरासत पर निर्भर करता है। पर्यटन विकास में युवाओं में जुनून विकसित करने, रुचि बढ़ाने के साथ साथ युवा ग्रामीण पर्यटन को बढ़ाने के उत्प्रेरक बने। इस अवसर पर कश्मीरी उत्पाद सहित उनकी मार्केटिंग पर जानकारी दी।
द्वितीय सत्र में संस्थान के समन्वयक रामनिवास एवं उनकी टीम ने कटपुतली शो जोखिम चाचा के माध्यम से संस्थान द्वारा गांव के ही लोगों द्वारा गरीब एवं वंचित लोगो के लिए किए जा रहे कार्यों यथा ट्रेडिशनल हस्तशिल्प, हैडपंप मिस्त्री प्रशिक्षण, शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षाकर्मी योजना के बारे में जानकारी दी। सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध, न्यूनतम मजदूरी के क्षेत्र में भी यहां की महिला शक्ति ने सफलता प्राप्त की है। तीसरे सत्र में संस्थान के प्रोग्राम मैनेजर विकास सिंह रावत ने सौर ऊर्जा, उद्यमशीलता, महिला सशक्तिकरण पर विचार व्यक्त किए। स्थानीय नागरिक नारायण लाल ने गांव के लोगों द्वारा ही गांव के विकास में किए गए कार्यों की जानकारी देकर लाभान्वित किया। इस अवसर पर संस्थान की क्राफ्ट शॉप, कबाड़ से जुगाड से निर्मित सामग्री को नजदीकी से देखकर कश्मीरी युवा प्रफ्फुलित हुए।
जिला युवा अधिकारी जयेश मीना ने कश्मीरी युवाओं को यहां के अनुभवों से प्रेरणा लेकर सतत् सीखने का प्रयास करने के साथ कश्मीर अपनी सुनहरी यादें लेकर जाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कश्मीर के छह जिलों बारामुल्ला, कुपवाड़ा, पुलवामा, श्रीनगर, अनंतनाग एवं बड़गांव से करीब 132 युवा भाग ले रहे हैं। इसके बाद युवाओं को भ्रमण हेतु किशनगढ़ मार्बल डंपयार्ड की मनमोहक दृश्य से रूबरू करवाया गया। प्रवीन कुमावत सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रीको किशनगढ़ ने युवाओं को मार्बल स्लरी डंपयार्ड को 'मिनी स्विट्ज़रलैंड' बताया एवं 'रीसाईकल टु रीयूज़' का इस प्रमुख उदाहरण बताया। अंजय विश्वकर्मा, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रीको किशनगढ़ एवं राजकुमार यादव , वरिष्ठ प्रबंधक, ए क्लास मार्बल ने कश्मीरी दल को 'ए क्लास मार्बल किशनगढ़' के औद्योगिक भ्रमण में मार्बल मैन्युफैक्चरिंग के विभिन्न चरणों - कटिंग, फिनिशिंग, पॉलिशिंग, प्रोसेसिंग एवं राजस्थान औद्योगिक नीतियों के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
कश्मीरी युवा आदान प्रदान कार्यक्रम के प्रबंधन में महाराणा प्रताप युवा मंडल द्वारा विशेष योगदान है। युवा मंडल के अध्य्क्ष मयंक सिंह नेगी पूरे प्रबंधन कार्य को देख रहे है। युवा मंडल सदस्य कुलदीप शर्मा, हितेश प्रजापति, अनमोल कुमावत, विवेक, प्रियांशु, आकाश, लोकेंद्र, खेमराज, याशिका, यतिका प्रबन्दन कार्य में दिन रात एक कर रहे हैं। इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी चुरू मंगलराम जाखड़, जिला युवा अधिकारी अलवर पंकज यादव, राजसमंद से लेखाकार हनवंत सिंह चौहान, सीकर से लेकगाकार महावीर विश्नोई, भरतपुर से सत्यवान सिंह भी उपस्थित थे। शिक्षा विभाग से रेखा शर्मा एवं शिल्पा कच्छवाहा उपाचार्य राजकीय महिला उच्च माध्यमिक विद्यालय पुरानी मंडी अजमेर ने संचालन में योगदान दिया।
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इस दौरान आयोजित शैक्षणिक सत्र के दौरान वक्ता डॉ. अभिनव कमल रैना एसोसिएट प्रोफेसर व्यावसायिक एवं पर्यटन विभाग एवं विजिटिंग प्रोफेसर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने अपने कश्मीरी युवाओं को अपने प्रेरक उद्धबोधन में पर्यटन विकास में युवाओं की भागीदारी पर विचार प्रकट करते हुए कहा कि हमें अपने पारंपरिक पर्यटन के लिए कार्य करना है, युवाओं की विशिष्ठ भागीदारी से पर्यटन उद्योग तेजी से विकास में भागीदार बन रहा है।
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पर्यटन विकास के लिए नए आगंतुकों को आकर्षित करने, स्वरोजगार के क्षेत्र को बढ़ावा देने, पर्यटन से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने, इससे जुड़े कार्यकमों का नेतृत्व करने, अनुभवों को साझा करने, सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिकार बनने एवं उसका क्रियान्वयन करने की जरूरत बताई। उन्होंने बताया कि पर्यटन उधोग देश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन में मदद करता है। भारत में पर्यटन उधोग का देश के सकल घरेलू उत्पाद में अहम योगदान है। उन्होंने युवाओं के भारतीय पर्यटन दृष्टिकोण संभावनाओं से अवगत कराते हुए कहा कि हमारी समृद्धि सांस्कृतिक विरासत पर निर्भर करता है। पर्यटन विकास में युवाओं में जुनून विकसित करने, रुचि बढ़ाने के साथ साथ युवा ग्रामीण पर्यटन को बढ़ाने के उत्प्रेरक बने। इस अवसर पर कश्मीरी उत्पाद सहित उनकी मार्केटिंग पर जानकारी दी।
द्वितीय सत्र में संस्थान के समन्वयक रामनिवास एवं उनकी टीम ने कटपुतली शो जोखिम चाचा के माध्यम से संस्थान द्वारा गांव के ही लोगों द्वारा गरीब एवं वंचित लोगो के लिए किए जा रहे कार्यों यथा ट्रेडिशनल हस्तशिल्प, हैडपंप मिस्त्री प्रशिक्षण, शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षाकर्मी योजना के बारे में जानकारी दी। सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध, न्यूनतम मजदूरी के क्षेत्र में भी यहां की महिला शक्ति ने सफलता प्राप्त की है। तीसरे सत्र में संस्थान के प्रोग्राम मैनेजर विकास सिंह रावत ने सौर ऊर्जा, उद्यमशीलता, महिला सशक्तिकरण पर विचार व्यक्त किए। स्थानीय नागरिक नारायण लाल ने गांव के लोगों द्वारा ही गांव के विकास में किए गए कार्यों की जानकारी देकर लाभान्वित किया। इस अवसर पर संस्थान की क्राफ्ट शॉप, कबाड़ से जुगाड से निर्मित सामग्री को नजदीकी से देखकर कश्मीरी युवा प्रफ्फुलित हुए।
जिला युवा अधिकारी जयेश मीना ने कश्मीरी युवाओं को यहां के अनुभवों से प्रेरणा लेकर सतत् सीखने का प्रयास करने के साथ कश्मीर अपनी सुनहरी यादें लेकर जाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कश्मीर के छह जिलों बारामुल्ला, कुपवाड़ा, पुलवामा, श्रीनगर, अनंतनाग एवं बड़गांव से करीब 132 युवा भाग ले रहे हैं। इसके बाद युवाओं को भ्रमण हेतु किशनगढ़ मार्बल डंपयार्ड की मनमोहक दृश्य से रूबरू करवाया गया। प्रवीन कुमावत सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रीको किशनगढ़ ने युवाओं को मार्बल स्लरी डंपयार्ड को 'मिनी स्विट्ज़रलैंड' बताया एवं 'रीसाईकल टु रीयूज़' का इस प्रमुख उदाहरण बताया। अंजय विश्वकर्मा, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रीको किशनगढ़ एवं राजकुमार यादव , वरिष्ठ प्रबंधक, ए क्लास मार्बल ने कश्मीरी दल को 'ए क्लास मार्बल किशनगढ़' के औद्योगिक भ्रमण में मार्बल मैन्युफैक्चरिंग के विभिन्न चरणों - कटिंग, फिनिशिंग, पॉलिशिंग, प्रोसेसिंग एवं राजस्थान औद्योगिक नीतियों के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
कश्मीरी युवा आदान प्रदान कार्यक्रम के प्रबंधन में महाराणा प्रताप युवा मंडल द्वारा विशेष योगदान है। युवा मंडल के अध्य्क्ष मयंक सिंह नेगी पूरे प्रबंधन कार्य को देख रहे है। युवा मंडल सदस्य कुलदीप शर्मा, हितेश प्रजापति, अनमोल कुमावत, विवेक, प्रियांशु, आकाश, लोकेंद्र, खेमराज, याशिका, यतिका प्रबन्दन कार्य में दिन रात एक कर रहे हैं। इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी चुरू मंगलराम जाखड़, जिला युवा अधिकारी अलवर पंकज यादव, राजसमंद से लेखाकार हनवंत सिंह चौहान, सीकर से लेकगाकार महावीर विश्नोई, भरतपुर से सत्यवान सिंह भी उपस्थित थे। शिक्षा विभाग से रेखा शर्मा एवं शिल्पा कच्छवाहा उपाचार्य राजकीय महिला उच्च माध्यमिक विद्यालय पुरानी मंडी अजमेर ने संचालन में योगदान दिया।