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Ajmer: इंडियन बैंक लूट कांड का पुलिस ने किया खुलासा; कर्ज में डूबे थे दोनों शातिर, 3 लाख 76 हजार किए थे चोरी
Sat, 14 Oct 2023 05:19 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 14 Oct 2023 05:19 PM IST
सार
Ajmer Police: अजमेर पुलिस ने किशनगढ़ में हुए इंडियन बैंक लूटकांड का खुलासा कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि दोनों कर्ज में डूबे थे, जिसे उतारने के लिए उन्होंने लूट की साजिश रची।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में इंडियन बैंक में हुई दिनदहाड़े लूट की वारदात का अजमेर पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। दोनों आरोपी खिलौनानुमा पिस्तौल दिखाकर लाखों रुपये लूट कर फरार हो गए थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपने ऊपर हुए कर्ज को चुकाने के लिए इस वारदात को अंजाम देना बताया है। पुलिस गिरफ्तार दोनों आरोपियों से मामले में आगे की पूछताछ में जुटी है।
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अजमेर एसपी चूनाराम जाट ने शनिवार को घटना का खुलासा कर बताया कि बीते सात अक्टूबर को किशनगढ़ के मदनगंज थाना क्षेत्र स्थित इंडियन बैंक में दो लुटेरे ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों बैंक से तीन लाख 76 हजार रुपये लूट कर फरार हो गए थे। उस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर टीम का गठन किया था और कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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आठ सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद हाथ आए लुटेरे
बैंक में हुई लूट की वारदात के बाद पुलिस ने फौरन आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। टीम के द्वारा शहर के लगभग आठ सौ सीसीटीवी को बारीकी से चेक किया गया। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों को चिह्नित कर मामले में कार्रवाई करते हुए ग्राम काजीपुरा निवासी आरोपी प्रेम सिंह (27) पुत्र मदन सिंह सहित बापूनगर सुंदर विलास निवासी कमलेश (26) पुत्र रामचंद्र वैष्णव को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों से पुलिस मामले में गहनता से पूछताछ कर रही है।
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खिलौनानुमा पिस्तौल और नकली डायनामाइट से लूटा बैंक
एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि दोनों आरोपियों ने नकली खिलौनानुमा पिस्टल और लकड़ी व घड़ी से बने नकली डायनामाइट से बैंक कर्मचारियों को धमकाकर बैंक लूट की वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। दोनों के पास से वारदात में प्रयोग में ली गई नकली पिस्तौल, लूटी गई रकम और मोटरसाइकिल और अन्य सामान के बारे में पूछताछ की जा रही है। दोनों आरोपियों ने शहर में लगभग एक महीने से कई बैंकों की रेकी कर रखी थी, वे बस वारदात करने की फिराक में थे।
लूट को अंजाम देने के लिए अपनाया यह तरीका
एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि आरोपी कमलेश पेशे से डॉक्टर है और उसने एक प्राइवेट अस्पताल पाली में लोन लेकर खोल रखा था। अस्पताल नहीं चलने की वजह से उसे बंद करना पड़ा, जिससे वह कर्जे में डूब गया था। दूसरा आरोपी पेशे से एसी मैकेनिक है और पूर्व में विदेश में पैसे कमाने के लिए गया था। जहां शौक, मौज और बीमारी की वजह से वापस आ गया और लोगों से कर्जा उधार ले लिया था। दोनों आरोपी कर्ज में डूबे हुए थे और अपने शौक-मौज के लिए कई लोगों से उधार ले रखे थे।
लूट की वारदात में पकड़े गए दोनों आरोपी कर्ज में डूबे होने के कारण काफी परेशान होने से काफी समय से चोरी, लूट और अन्य वारदात कर रुपये बनाने की फिराक में थे। एक महीने से लूट, चोरी, डकैती की वारदात के लिए रेकी कर रहे थे। आरोपी कमलेश डॉक्टर ने घटना से एक दिन पहले ही खोड़ा गणेश रोड पर आकर इंडियन बैंक में अंदर-बाहर से रेकी कर प्लानिंग कर ली थी। डॉ. कमलेश ने नकली पिस्तौल और नकली डायनामाइट बनाकर वारदात करने का फैसला किया। फिर अपने मित्र प्रेम सिंह के साथ मिलकर नकली पिस्तौल और डायनामाइट से बैंक कर्मचारियों को डरा-धमकाकर वारदात को अंजाम दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण वैभव शर्मा, वृत्ताधिकारी मनीष शर्मा के नेतृत्व में थानाधिकारी मदनगंज घनश्याम सिंह, पुलिस निरीक्षक के साथ जिला स्पेशल टीम अजमेर और सर्किल स्पेशल टीम वृत्त किशनगढ़ शहर टीम का गठन किया। इसमे जिला स्पेशल टीम के कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल आशीष गहलोत, कांस्टेबल सीताराम, गांधीनगर थाने के कांस्टेबल अभय सिंह, राजाराम और मदनगंज थाने के कांस्टेबल करतार का योगदान रहा। इसके अलावा मदनगंज थाने के सीआई घनश्याम सिंह, एसआई विक्रम सेवावत, साइबर सेल के एएसआई दुर्गेश सिंह, कांस्टेबल सीताराम चौधरी, दातार चौधरी, रामराज चौधरी, बच्चू सिंह, हेमसिंह, बबलू सिंह और अजीत सिंह शामिल थे।