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Rajasthan: स्कूली बच्चियों से रेप, रोजा रखवाए, खास कपड़े पहनाए और चाकू से लगाए कट; धर्मांतरण गिरोह की दरिंदगी

Thu, 20 Feb 2025 08:05 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर Published by: उदित दीक्षित Updated Thu, 20 Feb 2025 08:05 AM IST
सार

Rajasthan: अजमेर में 33 साल पहले हुए गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग कांड जैसे ही घटना अब विजय नगर में फिर से घट रही है। निजी स्कूल की छात्राओं को रेप और ब्लैकमेल किया गया, जिसमें उनका धर्म परिवर्तन भी कराने की कोशिश की गई। पुलिस ने जब मामले का खुलासा किया तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। आइये जानते है मामला क्या है। 

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A case of rape and conversion of school girls came to light in Beawar Ajmer news in hindi
अजमेर कांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के अजमेर जिले में 1992 में हुआ ब्लैकमेल और रेप कांड एक बार फिर चर्चा में है। लगभग ऐसा ही एक मामला ब्यावर  के विजयनगर में सामने आया हैं। जहां, स्कूलों बच्चियों को फंसाया गया और फिर उनके साथ दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग की गई। आरोप है कि विशेष समुदाय से आने वाले आरोपी युवकों ने इन बच्चियों के ऊपर धर्मांतरण का दबाव भी बनाया। उनसे जबरन रोजे भी रखवाए गए। 

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पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को डिटेन किया गया है। बताया जा रहा है पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने स्कूली छात्राओं को मोबइल देकर फंसाया था। जिसके बाद बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया, इस दौरान उनके अश्लील फोटो-वीडियो बना लिए गए। जिन्हें वायरल करने की धमकी देकर उन्हें ब्लैकमेक किया। साथ ही, धर्म परिवर्तन करने, रोजा रखने का भी दबाव बनाया गया। 
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हाल ही में एक बच्ची के पास उसके परिजनों को मोबाइल मिला जिसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब तक इस गिरोह का शिकार हुईं कई लड़कियां सामने आ चुकी हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आइए, अब सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड की कहानी, कैसे हुआ खुलासा से लेकर अब तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की? 
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सबसे पहले जानिए कौन हैं पकड़े गए दरिंदे?
विजयगर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबलिग को डिटेन किया गया। इनमें रिहान मोहम्मद (20), लुकमान उर्फ सोहेब (20), अरमान पठान (19), सोहेल मंसूरी (19), साहिल कुरैशी (19) और अफराज (18) शामिल हैं। वहीं, एक 17 साल का नाबालिग आरोपी भी है। इसके साथ ही दो रेस्टोरेंट संचालक को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से ज्यादातर आरोपी एक दूसरे को जानते हैं, कोई भी पढ़ा-लिखा नहीं है। न ही कोई स्कूल जाता है। सभी आरोपी मजदूरी, पेंट करने, फर्नीचर और वेल्डिंग का काम करते हैं।   

कैसे दरिंदों के चंगुल में फंसी बेटियां?
विजयनगर कांड की शिकार हुई बच्चियों ने बताया कि जब वह अपनी सहेलियों के साथ स्कूल जाती थीं तो यह लड़के उनका पीछा करते थे। शाम को स्कूल की छुट्टी होने के बाद फिर आ जाते थे। इस दौरान उन पर कमेंट कर उन्हें परेशान करते थे। कुछ दिन बाद लड़कों ने चिट्ठियां फेंकना शुरू कर दिया।

फिर वह मोबाइल देने का लालच देने लगे। उनके मोबाइल देने के बाद कॉल पर बात शुरू हो गई तो फिर वह बाहर घूमने जाने का बोलने लगे। इसी बीच फोन पर बात होने पर पता चला कि वे लड़के दूसरे धर्म के हैं। पहले बातचीत कर उन्होंने भरोसा जीता और फिर घुमाने के लिए भी ले गए।

इस दौरान उन्होंने हमारे फोटो खींच लिए और फिर ब्लैकमेल करने लगे। जान से मारने, अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर हमारी और पांच लड़कों से दोस्ती कराई गई। मुस्लिम समाज के तौर तरीके बताए और फिर खास कपड़े पहनने के लिए कहा। साथ ही दबाव बनाया कि वह वह अन्य लड़कियों से भी उनकी दोस्ती कराए। परिजनों को पीड़िता के पास एक छोटा मोबाइल मिलने पर इस पूरी घटना का खुलासा हुआ। 

लड़कियों के हाथों पर चाकू से कट लगाए, परिजन बोले और लड़के भी शामिल 
मामले में पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का शिकार हुई बच्चियों के परिजनों का कहना है कि एक बच्ची को पांस से दस लड़के परेशान करते थे। वे डरा- धमकाकर उनके हाथों में चाकू से कट लगा देते थे। लड़की इतनी डरी हुई थी कि उसने कभी अपने परिवार को कुछ नहीं बताया। परिजनों का आरोप है कि इस कांड में और अन्य भी शामिल हैं।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
मामले में विजयनगर थाना पुलिस ने तीन केस दर्ज किए हैं। एक नाबालिग समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बीतें मंगलवार को पुलिस ने छह आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था। इस दौरान वकीलों ने उनके साथ मारपीट भी की थी। पुलिस बढ़ी मुश्किल से उन्हें बचाकर लाई थी। फिलहाल, आरोपी पुलिस की रिमांड पर हैं, उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। थाना प्रभारी करण सिंह ने अरोपियों से पूछताछ कर उनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही मामले में फरार चल रहे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।


याद आ गया सोफिया कॉलेज कांड
कहा जाता है कि अजमेर ब्लैकमेल कांड में स्कूल-कॉलेज की 300 से ज्यादा लड़कियों का यौन शोषण किया गया था। जिसका आरोप शहर के सबसे रईस और ताकतवर खानदानों में से एक चिश्ती परिवार के नफीस चिश्ती और फारुक चिश्ती पर लगा था। सामूहिक यौन शोषण के इस मामले के सामने आने के बाद बहुत से लोग केवल इस वजह से इस पर यकीन नहीं कर रहे थे कि चिश्ती परिवार सामाजिक और आर्थिक हैसियत में हद से ज्यादा ऊंचाईयों पर था। वहीं, फारुक चिश्ती अजमेर युवा कांग्रेस का अध्यक्ष था, तो नफीस चिश्ती उपाध्यक्ष था।

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