Jhalawar: जेल से फरार दुष्कर्म का आरोपी दो दिन बाद ही गिरफ्तार, जानिए कैसे भागा था ग्यारह हजार का इनामी बदमाश
झालावाड़ एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि पांच मई की शाम जंगल में दोस्त के साथ गई युवती का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर पैसे मांगने के बाद युवक को पैसे लेने भेज युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में डीएसटी, महिला थाना और कोतवाली पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई कर 6 मई की सुबह आरोपी अमर लाल भील को गिरफ्तार किया था।
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झालावाड़ के महिला थाने से पिछले रविवार फरार हुए दुष्कर्म के आरोपी अमरलाल (32) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यहां वह अपने रिश्तेदार के यहां कुएं पर छिपा था।
यह है पूरा मामला
आरोपी अमर लाल पर मंगलवार को ही 11000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था। झालावाड़ एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि पांच मई की शाम जंगल में दोस्त के साथ गई युवती का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर पैसे मांगने के बाद युवक को पैसे लेने भेज युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में डीएसटी, महिला थाना और कोतवाली पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई कर 6 मई की सुबह आरोपी अमर लाल भील को गिरफ्तार किया था। अगले दिन सुबह अमरलाल शौच के बहाने पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। एसपी तोमर ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एएसपी चिरंजी लाल मीणा और देवेंद्र सिंह राजावत के सुपरविजन में करीब 250 पुलिस अधिकारी और जवानों की टीम आरोपी की तलाश के लिए लगाई गई। तलाश के दौरान मंगलवार सुबह भागने में अमर लाल भील की सहायता करने के आरोप में चचेरे भाई अर्जुन भील को गिरफ्तार किया गया था। जिला पुलिस की टीम ने रात को कोटा ग्रामीण पुलिस की सहायता से आरोपी अमरलाल भील को मोडक से डिटेन कर लिया।
इस तरह फरार हुआ और पकड़ा गया आरोपी
एसपी ने बताया कि आरोपी अमरलाल के विरुद्ध इससे पहले रेप, डकैती, आर्म्स एक्ट इत्यादि के तहत 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं। आरोपी ने बताया कि वह पहले भी काफी बार जेल जा चुका है। इस बार जब उसे गिरफ्तार किया, तो वह काफी डर गया। रात को दो बार पेट दर्द का बहाना बनाया। पुलिस दोनों बार उसे अस्पताल लेकर गई, लेकिन उसे वहां भागने का मौका नहीं मिला। अगले दिन सुबह शौच करवाने ले जाते समय पुलिसकर्मी को धक्का देकर सीढ़ियों से छत के रास्ते थाने के पीछे की तरफ कूदकर नया मोहल्ला की गलियों में चला गया। पुलिस दिनभर उसे ढूंढ रही थी, इस कारण वह गंदे नाले पर बने पुलिए के नीचे छिपा रहा। अंधेरा होने पर चचेरे भाई अर्जुन को कॉल कर बुलाया। उसकी बाइक से अकतासा की ओर निकल गया। पुलिस की गाड़ी आती देख रेलवे स्टेशन आकर जंगल में छिप गया। जंगल से अगले दिन 8 मई को 3 बजे ट्रेन के बाथरूम में छुपकर मोडक अपने रिश्तेदार के कुएं पर चला गया।