सरकारी बस को बम से उड़ाने वाले को फांसी
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राजस्थान में करीब 19 साल पहले सरकारी बस को बम से उड़ानेवाले बहुचर्चित मामले में बांदीकुई की अदालत ने बृहस्पतिवार को एक को फांसी और छह जनों को आजीवन कारावास की सजा को बरकार रखा।
आरोपियों की जयपुर के सिंधी कैम्प बस अड्डे को उड़ाने की योजना थी, लेकिन बम सरकारी बस में समलेटी में ही फट गया था। इस घटना में 14 यात्रियों की जीन चली गई थी तथा 37 घायल हुए थे।
मामले के तहत 22 मई 1996 को आगरा से बीकानेर जा रही राजस्थान रोडवेज की बीकानेर डिपो की बस में महवा के पास समलेटी गांव में बम फटा था। इस घटना के बाद एडीजे अदालत, बांदीकुई में सुनवाई हुई थी।
बस अड्डे को था उड़ाना
पुलिस के अनुसार आरोपियों की साजिश जयपुर के सिंधी कैम्प बस अड्डे को
उड़ाना था, लेकिन बस हाई वे पर स्थित समलेटी गांव के पास खराब हो गई और बम
यहीं पर फट गया था।
अदालत ने 29 सितम्बर 2014 को मुख्य साजिशकर्ता व बम
लेकर बस में बैठने के आरोप में डॉ. अब्दुल हमीद को फांसी की सजा सुनाई थी।
साथ ही, अन्य आरोपी जावेद खान उर्फ जावेद जूनियर, असादुल्ला उर्फ अब्दुल
गनी, लतीफ अहमद, मोहम्मद अली बेग, मिर्जा निसार हुसैन व रहीस बेग को आजीवन
कारावास की सजा सुनाई गई थी।
सजा के फैसले के बाद डॉ. अब्दुल हमीद ने
राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की कि उसे दोष सिद्धी के बाद सुनने
का मौका नहीं दिया गया। जिस पर उच्च न्यायालय ने बांदीकुई एडीजे अदालत को
निर्देश दिया कि अभियुक्त की सजा बिन्दू पर पुन: विचार कर आरोपी को सुनाई
जाए।
सुनवाई पूरी होने के बाद बांदीकुई एडीजे अदालत की न्यायाधीश अल्का
बंसल ने पूर्व की सजा को बरकरार रखते हुए डॉ. अब्दुल हमीद की फांसी की सजा
बरकरार रखी है।