फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan Political Crisis : CM Ashok Gehlot called a meeting of MLAs and ministers alleging BJP is trying to shake government

Rajasthan Updates : मंत्रियों-विधायकों संग बैठक में गहलोत ने किया बहुमत का दावा, विधायक दल की बैठक आज

Mon, 13 Jul 2020 12:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 13 Jul 2020 12:05 AM IST
सार

राजस्थान में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। एक ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर राज्य की कांग्रेस सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है तो दूसरी ओर उन्हीं की पार्टी के नेता और राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बगावती तेवर कुछ और ही कहानी कह रहे हैं। जानिए राजस्थान के राजनीतिक संकट का पूरा अपडेट...

विज्ञापन
Rajasthan Political Crisis : CM Ashok Gehlot called a meeting of MLAs and ministers alleging BJP is trying to shake government
अशोक गहलोत, सचिन पायलट - फोटो : फाइल

विस्तार

राजस्थान में सत्ताधारी कांग्रेस सरकार के लिए संकट के बादल गहराते जा रहे हैं। विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में एसओजी (विशेष संचालन समूह) की ओर से पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक समाप्त हो गई है। जानकारी के अनुसार बैठक में गहलोत ने 100 से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा किया है।

विज्ञापन


इस बैठक में कांग्रेस के महासचिव और राजस्थान कांग्रेस के इंचार्ज अविनाश पांडे भी मौजूद रहे। वहीं, वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जयपुर जाने को कहा है। दोनों को केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में जयपुर भेजा गया है और विधायकों से बातचीत कर उन्हें समझाने को कहा गया है। इसके साथ ही पार्टी ने राज्य में विधायक दल की बैठक भी बुलाई है। यह बैठक सोमवार सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री गहलोत के आवास पर होगी। 
विज्ञापन


गहलोत की पार्टी विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में शामिल रहे कांग्रेस विधायक राजेंद्र गुड्डा ने बैठक के बाद बहुमत होने का दावा किया। उन्होंने कहा, 'गहलोत जी के पास बहुमत है। हम प्रयास कर रहे हैं और भाजपा के कुछ विधायक भी हमारे संपर्क में हैं। हम जितने विधायक खोएंगे उससे ज्यादा भाजपा से लाएंगे।' वहीं, अविनाश पांडे ने कहा कि कांग्रेस की सरकार मजबूत है और ये जो भी लोग हैं, हम उनका मुकाबला करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

पायलट ने की पुराने साथी सिंधिया से मुलाकात

इस बीच जानकारी मिली है कि सचिन पायलट ने अपने पुराने साथी ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है। जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच हुई यह मुलाकात करीब 40 मिनट चली। पायलट की सिंधिया से यह मुलाकात राजस्थान की राजनीतिक हवा का रुख कुछ और ही बता रही है। इससे पहले सिंधिया ने ट्वीट कर यह भी कहा था कि कांग्रेस में योग्यता और काबिलियत के लिए कोई स्थान नहीं है। 

पार्टी सूत्रों से जानकारी मिली है कि सचिन पायलट कल यानी सोमवार की सुबह होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे। पायलट के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि 30 से ज्यादा कांग्रेस विधायक और कुछ निर्दलीय विधायक पायलट के समर्थन में हैं। ऐसे में गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है। सूत्रों का कहना है कि ये विधायक पूरी तरह से पायलट के समर्थन में हैं और उनके हर फैसले में उनके साथ रहेंगे।

सरकार को कोई खतरा नहीं : अविनाश पांडे

कांग्रेस महासचिव और राजस्थान में पार्टी के इंचार्ज अविनाश पांडे ने राज्य में राजनीतिक संकट को लेकर रहा है कि पार्टी के सभी विधायक उनके संपर्क में हैं। सरकार सही स्थिति में है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी। पांडे ने कहा कि सचिन पायलट से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा पर सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अपने इन प्रयासों में सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'दिल्ली गए कई विधायकों से उनकी बातचीत हुई है। बातचीत के बाद कई विधायक जयपुर वापस लौट आए हैं।

एसओजी द्वारा जांच के लिए नोटिस भेजे जाने पर उन्होंने कहा कि जांच में सभी को सहयोग करना चाहिए। इससे कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में सब ठीक है और सरकार सही स्थिति में है।' बता दें कि राज्य में कांग्रेस सरकार को गिराने के आरोप में सवाल पूछने के लिए एसओजी ने पायलट को नोटिस भेजा था। उन्होंने कहा कि पायलट से उनकी पिछले दो दिनों से बात नहीं हुई है। उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है और उन्हें कुछ संदेश भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पूरे घटनाक्रम के बारे में बता दिया गया है।  

मुख्यमंत्री गहलोत ने पूछताछ के लिए इस बुलावे पर भी स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने ट्वीट किया, 'कांग्रेस विधायक दल ने एसओजी से भाजपा नेताओं द्वारा खरीद-फरोख्त की जो शिकायत की थी उस संदर्भ में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, चीफ व्हिप और अन्य कुछ मंत्रियों व विधायकों को सामान्य बयान देने के लिए नोटिस आए हैं। कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा उसको अलग ढंग से प्रस्तुत करना उचित नहीं है।'

विधायकों ने कहा- अंतिम सांस तक कांग्रेस के साथ

दिल्ली से वापस आए कांग्रेस के तीन विधायकों ने कांग्रेस के साथ जुड़े रहने की बात कही है। कांग्रेस के रोहित बोहरा, दानिश अबरार और चेतन डूडी ने एक प्रेसवार्ता में यह बात कही। विधायकों ने कहा कि हम कांग्रेस के साथ हैं, जिसने हमें टिकट दिया था।

बोहरा ने दिल्ली जाने को लेकर कहा, 'हम व्यक्तिगत कारणों से दिल्ली गए थे। अगर मीडिया कहता है कि हम किसी और कारण से दिल्ली गए थे, तो ये हमारी समस्या नहीं है। हम किसी विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं। हम कांग्रेस के सिपाही हैं और अंतिम सांस तक पार्टी के साथ रहेंगे।' 

दानिश अबरार ने कहा, मैं बचपन से दिल्ली जाता रहा हूं। दिल्ली जाना मेरे लिए सामान्य है लेकिन इस बार इसे विशेष बना दिया गया। वहीं चेतन ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।

हम कोरोना से लड़ रहे, भाजपा सत्ता के लिए लड़ रही

वहीं, राज्य कैबिनेट में मंत्री हरीश चौधरी ने भी भाजपा पर सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'ऐसे समय में जब हम कोविड-19 से जंग लड़ रहे हैं, भाजपा सत्ता के लिए लड़ रही है। राजस्थान सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।'

सिब्बल ने किया सवाल, आखिर कब जागेंगे?

वहीं, रविवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने साफ तौर पर सार्वजनिक रूप से माना कि वह राजस्थान के हालात को लेकर कांग्रेस के लिए चिंतित हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'पार्टी के लिए चिंतित हूं। क्या हम तब जागेंगे जब सबकुछ हमारे हाथ से निकल चुका होगा?' बता दें कि एसओजी ने सरकार को अस्थिर करने के प्रयास के मामले में दो मोबाइल नंबरों पर हुई बातचीत के तथ्यों के आधार पर एक स्वत: संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को एक प्राथमिकी दर्ज की थी। 
 


मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे कई मंत्री-विधायक

इस संकट के बीच रविवार को राज्य के कई मंत्री और विधायक मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे और हालात पर चर्चा की। जानकारी के अनुसार राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, श्रम मंत्री टीकाराम जूली और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा सहित कई विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि मंत्रीगण और विधायक मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रहे हैं। पार्टी के अधिकतर विधायकों समेत निर्दलीय विधायक भी शनिवार से मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रहे है।

निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर ने बताया कि हम सभी कल से मुख्यमंत्री से मिल रहे हैं ताकि उनके नेतृत्व में विश्वास व्यक्त कर सकें। विधायकों को गहलोत के नेतृत्व पर भरोसा है। नागर ने बताया कि उन्हें भी राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा एसओजी की ओर से बयान देने के लिए नोटिस प्राप्त हुआ है। एसओजी ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सरकारी मुख्य सचेतक को इस मामले में उनके बयान दर्ज करवाने के लिए पहले से ही नोटिस जारी कर दिए हैं।

दिल्ली पहुंचे सचिन पायलट


इस राजनीतिक उठापटक के बीच कांग्रेस से नाराज चल रहे राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट एवं उनके समर्थक 22 विधायक शनिवार को तावडू स्थित आईटीसी ग्रैंड होटल में पहुंचे थे। हालांकि, देर शाम सचिन पायलट दिल्ली चले गए थे। कांग्रेस विधायकों के आने के साथ ही होटल के बाहर हरियाणा पुलिस की गतिविधियां बढ़ गईं। विधायक रामलाल जाट ने कहा, राजस्थान में गहलोत का मतलब कांग्रेस और कांग्रेस का मतलब गहलोत है। सरकार को कोई खतरा नहीं है और यह अपना कार्यकाल पूरा करेगी। 

सूत्रों के अनुसार यहां विधायकों के आने की सूचना पहले से ही थी। इस कारण होटल के गेट से पहले सड़क पर ही बैरीकेड लगाकर सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। विधायकों के आने के बाद सुरक्षाकर्मी काफी सतर्क हो गए और होटल में आने वालों को कड़ी पूछताछ के बाद प्रवेश दिया गया। पुलिस भी होटल के बाहर चक्कर लगा रही है और यहां आने वाली गाड़ियों पर नजर बनाए हुए है। 

दरअसल, पुलिस को अंदेशा है कि कांग्रेस के नाराज विधायकों को यहां से जबरदस्ती ले  जाने के लिए उनकी पार्टी के नेता आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि देर रात होटल में कांग्रेस विधायकों से मिलने के लिए भाजपा नेताओं के आने की संभावना है। कांग्रेस के बागी विधायक भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे है और भाजपा इनके सहारे राजस्थान में अपनी सरकार बनाने में जुटी हुई है।

तीन निर्दलीय विधायकों से दूर हुई कांग्रेस

वहीं सत्ताधारी कांग्रेस ने शनिवार को तीन निर्दलीय विधायकों खुशवीर सिंह, ओमप्रकाश हुडला और सुरेश टॉक से खुद से दूर कर लिया। तीनों विधायकों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भाजपा की ओर से सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों को कथित तौर पर धन प्रलोभन देने के मामले में प्रारंभिक जांच का मामला दर्ज किया था।

राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस सरकार को सभी 13 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इन सभी विधायकों ने पिछले महीने राज्य सभा के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में मतदान किया था, लेकिन अब सरकार इनसे दूरी बना रही है। सूत्रों के अनुसार सरकार इन्हें अब समर्थक नहीं मान रही है। बता दें कि 200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के 107 विधायक हैं। पार्टी को कई निर्दलीय और अन्य पार्टियों के विधायकों का समर्थन प्राप्त है।

संकट कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई का परिणाम : भाजपा

राज्य में राजनीतिक संकट तब पैदा हुआ जब मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर उनकी सरकार गिराने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। गहलोत ने यह आरोप एसओजी की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर लगाए हैं। भाजपा के नेताओं ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा यह कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई का परिणाम है। भाजपा ने इस पर कहा कि यह सब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच चल रही खींचतान के कारण हो रहा है। भाजपा ने कहा है कि गहलोत अपने आरोप सिद्ध करें या राजनीति छोड़ दें। 

तो क्या इसलिए नाराज हैं पायलट?

सूत्रों का कहना है कि राजस्थान कांग्रेस संकट में घिरी है। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से रिश्ते अच्छे नहीं हैं। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच तकरार की वजह राज्य की पुलिस द्वारा विधायकों की 'खरीद-फरोख्त' मामले की जांच का आदेश देना और पायलट को नोटिस भेजना है, जिसे लेकर पायलट नाराज हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed