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मंजिल दूर और सफ़र बहुत है,
छोटी सी ज़िन्दगी की फिकर बहुत है,
मार डालती ये दुनिया कब की हमें
लेकिन माँ की दुआओं में असर बहुत है।
मोहब्बत के भी कुछ अंदाज होते है,
जागती आँखो के भी कुछ ख्वाब होते है,
ज़रूरी नही के गम मे ही आँसू निकले,
मुस्कुराती आँखो मे भी सैलाब होते है।
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