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सुप्रीम कोर्ट के स्टे के आदेश के बाद जेसीबी हुई खामोश
ब्यूरो, अमर उजाला, राजपुरा
Updated Fri, 18 Mar 2016 10:08 PM IST
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राजपुरा में एसवाईएल में मिट्टी से भरने के बाद मौके पर मौजूद फोर्स।
- फोटो : amarujala
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सुप्रीम कोर्ट से स्टे के फैसले के बाद राजपुरा जीरकपुर रोड से गुजरती एसवाईएल नहर को पाटने के कार्य को फिलहाल ब्रेक लग गई है। डीएसपी ने शुक्रवार को पुलिस पार्टी सहित नहर के आसपास पहरा लगाने और कोर्ट के नियमों के अनुसार किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने के निर्देश जारी किए।
पंजाब सरकार की ओर से विधानसभा में एसवाईएल नहर के डी-नोटिफिकेशन का बिल पास करने के बाद बुधवार सुबह से ही अकाली नेताओं की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से नहर को पाटने का कार्य शुरू हो गया था जो लगातार दो दिन तक जारी रहा। कई जगहों पर तो नहर को मिट्टी से भरने के बाद पूरी तरह से अन्य जमीन के साथ मिला दिया गया। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सरकार के फैसले पर स्टे लगाने के बाद वीरवार शाम तक किसान अकाली नेताओं की मौजूदगी में नहर में मिट्टी डालने का कार्य करते रहे।
गांव फतेहपुर गढ़ी के किसान हरजीत सिंह व बलजिंदर सिंंह ने चार एकड़ जमीन को समतल कर खेती योग्य भी बना लिया, लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी लोगों को रोकने के लिए नहीं पहुंचा था। इसके चलते शुक्रवार सुबह से पुलिस ने डीएसपी की अगुवाई में चितकारा यूनिवर्सिटी के नजदीक नहर वाली जगह की घेराबंदी कर सभी जेसीबी मशीनों को हटवा दिया गया।
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मौके पर मौजूद डीएसपी राजपुरा रजिंदर सिंह सोहल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक नहर वाली जगह पर घेराबंदी कर ली गई है और सारी जेसीबी मशीनों को वहां से हटवा दिया गया है। किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा इसके लिए पूरी पुलिस पार्टी मुस्तैद है।
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पंजाब सरकार की ओर से विधानसभा में एसवाईएल नहर के डी-नोटिफिकेशन का बिल पास करने के बाद बुधवार सुबह से ही अकाली नेताओं की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से नहर को पाटने का कार्य शुरू हो गया था जो लगातार दो दिन तक जारी रहा। कई जगहों पर तो नहर को मिट्टी से भरने के बाद पूरी तरह से अन्य जमीन के साथ मिला दिया गया। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सरकार के फैसले पर स्टे लगाने के बाद वीरवार शाम तक किसान अकाली नेताओं की मौजूदगी में नहर में मिट्टी डालने का कार्य करते रहे।
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गांव फतेहपुर गढ़ी के किसान हरजीत सिंह व बलजिंदर सिंंह ने चार एकड़ जमीन को समतल कर खेती योग्य भी बना लिया, लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी लोगों को रोकने के लिए नहीं पहुंचा था। इसके चलते शुक्रवार सुबह से पुलिस ने डीएसपी की अगुवाई में चितकारा यूनिवर्सिटी के नजदीक नहर वाली जगह की घेराबंदी कर सभी जेसीबी मशीनों को हटवा दिया गया।
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मौके पर मौजूद डीएसपी राजपुरा रजिंदर सिंह सोहल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक नहर वाली जगह पर घेराबंदी कर ली गई है और सारी जेसीबी मशीनों को वहां से हटवा दिया गया है। किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा इसके लिए पूरी पुलिस पार्टी मुस्तैद है।